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WiFi: क्या कोई चोरी-छिपे तो नहीं चला रहा आपका वाई-फाई? आज ही बदलें राउटर की ये जरूरी सेटिंग्स
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Fri, 22 May 2026 04:06 PM IST
सार
WiFi Settings: कई बार अनजाने में आप वाई-फाई का पासवर्ड शेयर कर देते हैं, जिससे लोग उससे अपने डिवाइस कनेक्ट कर देते हैं। इससे होता ये है कि Wifi पर लोड बढ़ने से आपका इंटरनेट स्लो चलने लगता है। इस समस्या को ठीक करना बेहद आसान है, लेकिन ज्यादातर लोगों को इसके बारे में पता नहीं होता।
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इंटरनेट की चोरी से भी स्लो चलता है वाई-फाई
- फोटो : Adobe Stock
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आज के समय में लगभग हर घर में वाई-फाई मौजूद है। लेकिन कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उनका इंटरनेट अचानक धीमा हो गया है या नेटवर्क ठीक से काम नहीं कर रहा। ऐसी स्थिति में एक वजह यह भी हो सकती है कि कोई पड़ोसी या अनजान व्यक्ति आपके वाई-फाई (WiFi) का इस्तेमाल कर रहा हो। कई बार पासवर्ड लीक होने या पासवर्ड सेट न करने के वजह से दूसरे लोग चुपचाप नेटवर्क से जुड़ जाते हैं और यूजर को इसका पता भी नहीं चलता। आइए जानते हैं वो आसान तरीके जिनसे आप अपने वाई-फाई नेटवर्क को पूरी तरह सुरक्षित बना सकते हैं।
सबसे पहले जांचें कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हैं
- फोटो : AI जनरेटेड
सबसे पहले जांचें कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हैं
अगर आपको शक है कि कोई दूसरा व्यक्ति आपके इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा है, तो सबसे पहले राउटर की सेटिंग्स में जाकर जुड़े हुए डिवाइस की सूची देखें। इसके लिए आपको राउटर के एडमिन पैनल में लॉगिन करना होगा। यहां “Connected Devices” या “Attached Devices” जैसा विकल्प दिखाई देगा।
इस सेक्शन में उन सभी मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और दूसरे उपकरणों की जानकारी मिलेगी जो आपके वाई-फाई से जुड़े हुए हैं। अगर सूची में कोई ऐसा डिवाइस दिखे जिसे आप पहचान नहीं पा रहे हैं, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दें।
अगर आपको शक है कि कोई दूसरा व्यक्ति आपके इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा है, तो सबसे पहले राउटर की सेटिंग्स में जाकर जुड़े हुए डिवाइस की सूची देखें। इसके लिए आपको राउटर के एडमिन पैनल में लॉगिन करना होगा। यहां “Connected Devices” या “Attached Devices” जैसा विकल्प दिखाई देगा।
इस सेक्शन में उन सभी मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और दूसरे उपकरणों की जानकारी मिलेगी जो आपके वाई-फाई से जुड़े हुए हैं। अगर सूची में कोई ऐसा डिवाइस दिखे जिसे आप पहचान नहीं पा रहे हैं, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दें।
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बदलें दें वाई-फाई का पासवर्ड
- फोटो : Adobe Stock
बदलें दें वाई-फाई का पासवर्ड
अगर अनजान डिवाइस दिखाई दे, तो सबसे जरूरी कदम है पासवर्ड बदलना। पुराना पासवर्ड इस्तेमाल करते रहना जोखिम भरा हो सकता है। नया पासवर्ड मजबूत होना चाहिए। इसमें बड़े और छोटे अक्षर, अंक और विशेष चिन्ह (@, #, $, !) शामिल करें। कोशिश करें कि पासवर्ड कम से कम 12 अक्षरों का हो। अपने नाम, मोबाइल नंबर या जन्मतिथि जैसे आसान शब्दों का इस्तेमाल न करें। ऐसे पासवर्ड जल्दी अनुमान लगाए जा सकते हैं।
पुराने सुरक्षा सिस्टम से बचना जरूरी
कई पुराने राउटर अभी भी कमजोर सुरक्षा प्रणाली पर चल रहे हैं। अगर आपके राउटर में WEP सुरक्षा विकल्प चालू है, तो उसे तुरंत बदल दें। एक्सपर्ट्स WPA3 या WPA2 का उपयोग करने की सलाह देते हैं। इससे नेटवर्क को हैक करना मुश्किल हो जाता है।
अगर अनजान डिवाइस दिखाई दे, तो सबसे जरूरी कदम है पासवर्ड बदलना। पुराना पासवर्ड इस्तेमाल करते रहना जोखिम भरा हो सकता है। नया पासवर्ड मजबूत होना चाहिए। इसमें बड़े और छोटे अक्षर, अंक और विशेष चिन्ह (@, #, $, !) शामिल करें। कोशिश करें कि पासवर्ड कम से कम 12 अक्षरों का हो। अपने नाम, मोबाइल नंबर या जन्मतिथि जैसे आसान शब्दों का इस्तेमाल न करें। ऐसे पासवर्ड जल्दी अनुमान लगाए जा सकते हैं।
पुराने सुरक्षा सिस्टम से बचना जरूरी
कई पुराने राउटर अभी भी कमजोर सुरक्षा प्रणाली पर चल रहे हैं। अगर आपके राउटर में WEP सुरक्षा विकल्प चालू है, तो उसे तुरंत बदल दें। एक्सपर्ट्स WPA3 या WPA2 का उपयोग करने की सलाह देते हैं। इससे नेटवर्क को हैक करना मुश्किल हो जाता है।
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वाई-फाई का नाम छिपाने से भी बढ़ती है सुरक्षा
- फोटो : AI
वाई-फाई का नाम छिपाने से भी बढ़ती है सुरक्षा
अधिकांश राउटर अपने नेटवर्क का नाम सभी लोगों को दिखाते हैं। यही वजह है कि आसपास मौजूद लोग आसानी से नेटवर्क देख लेते हैं। आप चाहें तो राउटर सेटिंग्स में जाकर “Hide SSID” या “Disable SSID Broadcast” विकल्प चालू कर सकते हैं। इससे आपका वाई-फाई नाम दूसरों को दिखाई नहीं देगा। हालांकि इससे सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं होती, लेकिन अनजान लोगों के लिए नेटवर्क ढूंढना मुश्किल जरूर हो जाता है।
अधिकांश राउटर अपने नेटवर्क का नाम सभी लोगों को दिखाते हैं। यही वजह है कि आसपास मौजूद लोग आसानी से नेटवर्क देख लेते हैं। आप चाहें तो राउटर सेटिंग्स में जाकर “Hide SSID” या “Disable SSID Broadcast” विकल्प चालू कर सकते हैं। इससे आपका वाई-फाई नाम दूसरों को दिखाई नहीं देगा। हालांकि इससे सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं होती, लेकिन अनजान लोगों के लिए नेटवर्क ढूंढना मुश्किल जरूर हो जाता है।
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सिर्फ भरोसेमंद डिवाइस को दें एक्सेस
- फोटो : अमर उजाला
सिर्फ भरोसेमंद डिवाइस को दें एक्सेस
वाई-फाई सुरक्षा बढ़ाने का एक और तरीका है MAC एड्रेस फिल्टरिंग। इसमें आप तय कर सकते हैं कि कौन-कौन से उपकरण आपके नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। हर मोबाइल और लैपटॉप का एक अलग MAC Address होता है। राउटर में सिर्फ भरोसेमंद डिवाइस के एड्रेस जोड़ने से बाकी सभी उपकरण अपने आप ब्लॉक हो जाते हैं।
वाई-फाई सुरक्षा बढ़ाने का एक और तरीका है MAC एड्रेस फिल्टरिंग। इसमें आप तय कर सकते हैं कि कौन-कौन से उपकरण आपके नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। हर मोबाइल और लैपटॉप का एक अलग MAC Address होता है। राउटर में सिर्फ भरोसेमंद डिवाइस के एड्रेस जोड़ने से बाकी सभी उपकरण अपने आप ब्लॉक हो जाते हैं।