जेफ बेजोस का बड़ा बयान: टैक्स, नौकरी और AI... जेफ बेजोस की ये बातें सुनकर एलन मस्क भी बोल पड़े 'Bravo!'
Jeff Bezos: अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस ने कहा है कि कम आय वाले लोगों से इनकम टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सरकार को लोअर-इनकम ग्रुप से मिलने वाला टैक्स बहुत कम होता है, लेकिन यह आम परिवारों के लिए बड़ी रकम होती है। बेजोस ने यह भी कहा कि अरबपति लोग सिर्फ चैरिटी से नहीं, बल्कि कंपनियों के जरिए समाज में ज्यादा वैल्यू पैदा करते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि एआई भविष्य में प्रोडक्टिविटी बढ़ाकर चीजों को सस्ता बना सकता है और कुछ सेक्टर्स में कीमतें घट भी सकती हैं।
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अमेजन के फाउंडर और दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार जेफ बेजोस ने टैक्स, दान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर कई दिलचस्प बातें कही हैं। गए चैनल को दिए हालिया इंटरव्यू में उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी। यहां जानिए उनके इंटरव्यू की 4 सबसे बड़ी बातें।
1. जेफ बेजोस की टैक्स पर अनूठी राय: 'कम आय वालों पर न हो टैक्स का बोझ'
अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने टैक्स व्यवस्था को लेकर एक बेहद मानवीय और तर्कसंगत नजरिया पेश किया है। बेजोस का मानना है कि कम आय वाले समूहों को इनकम टैक्स के दायरे से पूरी तरह बाहर कर देना चाहिए। उनका तर्क है कि सरकार को इन लोगों से जो टैक्स प्राप्त होता है, वह सरकारी खजाने के लिहाज से बहुत मामूली है। लेकिन वही रकम महंगाई से जूझ रहे उन परिवारों के बजट पर गहरा असर डालती है।
इस विचार के पक्ष में बेजोस ने कुछ अहम आंकड़े साझा किए। उनके अनुसार, देश के शीर्ष 1% अमीर लोग कुल टैक्स राजस्व का लगभग 40% योगदान देते हैं। जबकि आबादी के निचले आधे हिस्से (50%) का योगदान केवल 3% है। बेजोस का स्पष्ट मानना है कि यह 3% का आंकड़ा भी नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे घटाकर शून्य कर दिया जाना चाहिए।
अपनी बात को और ज्यादा प्रभावी ढंग से समझाने के लिए उन्होंने सालाना 75 हजार डॉलर कमाने वाली एक नर्स का उदाहरण दिया। बेजोस ने तल्ख लहजे में कहा कि सरकार को ऐसी नर्स से पैसे नहीं वसूलने चाहिए, बल्कि उन्हें राहत देते हुए उनसे माफी मांगनी चाहिए। उनका मानना है कि इस तरह के सुधार से आम आदमी का जीवन स्तर सुधरेगा और उन पर आर्थिक बोझ कम होगा।
2. क्या दान से बेहतर है बिजनेस करना? बेजोस के तर्क पर मस्क ने भी दी सहमति
जेफ बेजोस ने परोपकार और कॉर्पोरेट जगत की भूमिका पर एक नया नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा है कि केवल दान देने से समाज का उतना बड़ा बदलाव नहीं आता, जितना कि एक सफल और वैल्यू-बेस्ड कंपनी बनाकर लाया जा सकता है। उनका मानना है कि एक उद्यमी के तौर पर उनका सबसे बड़ा योगदान दान नहीं, बल्कि वे कंपनियां हैं जो बड़े पैमाने पर आर्थिक मूल्य पैदा करती हैं।
बेजोस ने इस तर्क के समर्थन में अमेजन का उदाहरण देते हुए कहा, 'अगर मैं अपना काम सही ढंग से करता हूं तो मेरी मुनाफा कमाने वाली कंपनियों से समाज को जो फायदा पहुंचता है। वह मेरे के जरिए किए गए दान से कहीं ज्यादा व्यापक और टिकाऊ होता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेजन जैसी कंपनियों ने न केवल लाखों लोगों को रोजगार दिया है। बल्कि बुनियादी ढांचा तैयार करने और ग्राहकों को सुविधा पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बेजोस की इस सोच ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि टेक जगत में उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले एलन मस्क को भी प्रभावित किया। मस्क ने सोशल मीडिया पर इस विचार का समर्थन करते हुए बेजोस की सराहना की और लिखा- 'शाबाश जेफ बेजोस'। दो बड़े टेक दिग्गजों का इस मुद्दे पर एक मंच पर आना यह दर्शाता है कि व्यावसायिक नवाचार और समाज के विकास के बीच के संबंध पर अब एक नई बहस छिड़ गई है।
3. क्या एआई छीन लेगा सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरी? जेफ बेजोस ने दिया यह जवाब
मौजूदा टेक इंडस्ट्री में सबसे बड़ा सवाल और चिंता का विषय यही है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की जगह ले लेगा? इस डर को जेफ बेजोस ने सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत बताया है। बेजोस का मानना है कि एआई के प्रति लोगों का यह डर आधारहीन है और वे इस तकनीक को एक गलत नजरिए से देख रहे हैं।
बेजोस ने एआई की तुलना एक बेहद शक्तिशाली टूल से की है जो इंसानों की क्षमताओं को खत्म नहीं, बल्कि कई गुना बढ़ा देता है। उन्होंने इसे समझाने के लिए एक बहुत ही सरल और सटीक उदाहरण दिया- 'यह स्थिति बिल्कुल वैसी ही है, जैसे कोई व्यक्ति फावड़े से गड्ढा खोद रहा हो और आप अचानक उसे फावड़े की जगह एक बुलडोजर थमा दें।'
उनके तर्क के अनुसार, बुलडोजर आने से गड्ढा खोदने वाला व्यक्ति बेरोजगार नहीं होता, बल्कि उसकी काम करने की गति और क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। इसी तरह, एआई सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के लिए एक बुलडोजर की तरह काम करेगा, जो कोडिंग और डेवलपमेंट की जटिल प्रक्रियाओं को आसान बनाएगा। संक्षेप में कहें तो बेजोस का मानना है कि एआई इंसानों को रिप्लेस करने के लिए नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक क्रांतिकारी माध्यम है।
4. क्या एआई कम करेगा महंगाई? जेफ बेजोस की बड़ी भविष्यवाणी
एआई को लेकर जेफ बेजोस ने एक बेहद आशावादी और साहसी भविष्यवाणी की है, जो सीधे तौर पर आम आदमी की जेब से जुड़ी है। बेजोस का मानना है कि अगर सरकारें एआई के विकास पर बहुत ज्यादा कठोर नियम न थोपें और इनोवेशन को फलने-फूलने का मौका दें तो यह तकनीक भविष्य में महंगाई को नियंत्रित करने का सबसे बड़ा जरिया बन सकती है।
बेजोस के अनुसार, एआई के कारण उत्पादन में इतनी जबरदस्त वृद्धि होगी कि चीजों की कीमतें अपने आप कम होने लगेंगी। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, 'उत्पादन क्षमता में सुधार के कारण आप चीजों को ज्यादा आसानी से खरीद पाएंगे। आने वाले समय में तकनीक के प्रभाव से आपका खाना और अन्य जरूरी चीजें भी सस्ती हो जाएंगी।'
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