अंबेडकरनगर के अकबरपुर के मोहल्ला मीरानपुर मुरादाबाद में चार बच्चों की सिर कूचकर हत्या किए जाने बाद रविवार सुबह सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। दोपहर करीब एक बजे कसड़ा गांव जब चारों बच्चों के शव घर पहुंचे तो पूरा गांव उमड़ पड़ा।
गांव के सभी लोग बच्चों की एक झलक देखने के लिए बेताब थे। वहीं, सभी मां को कोस रहे थे। महरुआ का कसड़ा निवासी नियाज (37) सऊदी अरब में नौकरी करता है। उसने चार साल पहले मीरानपुर, मुरादाबाद में पत्नी गासिया खातून (34) के नाम पर मकान बनवाया था। यहां गासिया अपने बड़े बेटे शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और बेटी बयान (8) उर्फ सादिया के साथ रहती थी।
शनिवार को चारों बच्चों के शव घर के एक कमरे में मिले थे। गांव में सुबह से ही लोगों का मजमा लगा। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष के के यादव भी घर पहुंचे। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से कई थानों का पुलिस बल तैनात रहा।
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गांव में शव पहुंचे तो लोग रो पड़े।
- फोटो : amar ujala
वहीं, मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया।
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जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया
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लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही।
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वारदात से परिजन बदहवास हैं।
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बता दें कि शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे। शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।