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बेवजह नारी निकेतन में ‘कैद’ रही युवती रिहा, अमर उजाला के खुलासे पर कोर्ट में लगाई रिहाई की अर्जी
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:39 PM IST
सार
- बिना अनुमति के डेढ़ माह से नारी निकेतन में रखी गई
- अमर उजाला के खुलासे पर कोर्ट में लगाई रिहाई की अर्जी
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कानपुर के उज्जवला प्रगति संस्थान नारी निकेतन में ‘कैद’ रही युवती कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दी गई है। उसे बिना कोर्ट और मजिस्ट्रेट की अनुमति के डेढ़ माह तक नारी निकेतन में रखा गया था। ‘अमर उजाला’ के खुलासा करने पर गुरुवार को चौकी प्रभारी/विवेचक युवती को लेकर कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने आदेश दिया कि युवती बालिग है। वह अपनी मर्जी से कहीं जा सकती है।
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एक युवती के पिता ने ककवन थाने में बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले की विवेचना चौकी प्रभारी यशपाल कर रहे हैं। पुलिस ने युवती को बरामद करने के बाद मेडिकल कराया और कोर्ट में युवती के बयान कराए। इसके बाद बिना अनुमति के युवती को पांच अक्तूबर से उज्जवला प्रगति संस्थान में रखा गया। आरोपी युवक के वकील केएन पांडेय ने सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट कानपुर देहात की कोर्ट में युवती की रिहाई की अर्जी दी थी। कोर्ट ने कहा था कि युवती को कोर्ट के आदेश के बिना नारी निकेतन में रखा गया है। ऐसे में उसे अवमुक्त करने के संबंध में कोई भी आदेश पारित करना उचित नहीं होगा।
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विवेचक यशपाल गुरुवार को उज्जवला प्रगति संस्थान नारी निकेतन नमक फैक्ट्री चौराहा पहुंचे। वहां से युवती को लिखा-पढ़ी में अपनी सुपुर्दगी में लिया। इसके बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट कानपुर देहात की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में अर्जी लगाई कि युवती को नारी निकेतन से अवमुक्त कर दिया जाए। ककवन थानाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बताया कि कोर्ट ने युवती को रिहा करने का आदेश दे दिया। अभियुक्त के अधिवक्ता केएन पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने आदेश दिया है कि युवती बालिग है। इसलिए अपनी मर्जी से कहीं भी रह सकती है।
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जांच शुरू, स्पष्टीकरण मांगा
बिना अनुमति के युवती को उज्जवला प्रगति संस्थान नारी निकेतन में रखने की जांच शुरू हो गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि संचालिका को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कहा गया है कि बिना अनुमति के युवती को डेढ़ माह तक नारी निकेतन मे कैसे रखा गया। तीन दिन में स्पष्टीकरण दें। जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि जवाब मिलने के बाद संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
बिना अनुमति के युवती को उज्जवला प्रगति संस्थान नारी निकेतन में रखने की जांच शुरू हो गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि संचालिका को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कहा गया है कि बिना अनुमति के युवती को डेढ़ माह तक नारी निकेतन मे कैसे रखा गया। तीन दिन में स्पष्टीकरण दें। जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि जवाब मिलने के बाद संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
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एनजीओ के हौसले बुलंद
अगस्त माह में देवरिया के शेल्टर होम में लड़कियों के साथ देह व्यापार का खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को शेल्टर होम, नारी निकेतन की बराबर जांच करते रहने को कहा था। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने नारी निकेतन और शेल्टर होम चलाने वाली एनजीओ के संचालक और संचालिकाओं को पत्र लिखा था। कहा था कि बिना मजिस्ट्रेट या कोर्ट के आदेश के किसी युवती, महिला और बच्चों को न रखा जाए। इसके बावजूद जिला प्रोबेशन अधिकारी दफ्तर इसका अनुपालन नहीं करा पाया। इसी कारण एनजीओ के हौसले बुलंद हैं। सुभाष दत्तक ग्रहण इकाई में बिना अनुमति बच्चा रखने और अब नारी निकेतन में बिना अनुमति युवती को रखने का खुलासा हो चुका है।
अगस्त माह में देवरिया के शेल्टर होम में लड़कियों के साथ देह व्यापार का खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को शेल्टर होम, नारी निकेतन की बराबर जांच करते रहने को कहा था। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने नारी निकेतन और शेल्टर होम चलाने वाली एनजीओ के संचालक और संचालिकाओं को पत्र लिखा था। कहा था कि बिना मजिस्ट्रेट या कोर्ट के आदेश के किसी युवती, महिला और बच्चों को न रखा जाए। इसके बावजूद जिला प्रोबेशन अधिकारी दफ्तर इसका अनुपालन नहीं करा पाया। इसी कारण एनजीओ के हौसले बुलंद हैं। सुभाष दत्तक ग्रहण इकाई में बिना अनुमति बच्चा रखने और अब नारी निकेतन में बिना अनुमति युवती को रखने का खुलासा हो चुका है।