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यमुना में बाढ़ से दहशत: डीएम ने बंद किए स्कूल...काॅलोनियों में घुसा पानी, नदी किनारे हालात बेकाबू; तस्वीरें
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 02 Sep 2025 09:06 PM IST
सार
हथिनीकुंड से सोमवार को छोड़ा गया 3.29 लाख क्यूसेक पानी 4 सितंबर से 6 सितंबर के बीच मथुरा पहुंचेगा। इससे अचानक यमुना के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की आशंका है। इससे यमुना किनारे बसे अन्य गांवों और वार्डों में भी पानी भर जाएगा।
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यमुना में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हथिनीकुंड से छोड़े गए अथाह पानी के चलते यमुना नदी एक बार फिर उफान पर आ गई है। मंगलवार को यमुना जलस्तर 166.40 सेंटीमीटर पर पहुंच गया। 4 सितंबर से 6 सितंबर के बीच बड़ी मात्रा में पानी पहुंचने से लोग दहशत में हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने चार सितंबर तक कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए हैं। साथ ही यमुना किनारे के क्षेत्रों को खाली करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। वहीं मंगलवार को भी डेढ़ लाख क्यूसेक पानी हथिनीकुंड से छोड़ा गया है, जिसने चिंता और बढ़ा दी है।
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यमुना में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना नदी में सोमवार से अचानक फिर पानी बढ़ना शुरू हो गया है। हथिनीकुंड बांध से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के चलते मंगलवार को यमुना का जलस्तर 166.40 मीटर पर पहुंच गया है। इतना ही नहीं जलस्तर बढ़ने से हालात बेकाबू हो गए हैं।
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मथुरा में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नौहझील, मांट और छाता क्षेत्र के निचले गांवों में बाढ़ का पानी फिर बढ़ने लगा है। मथुरा में खादर क्षेत्र और वृंदावन की कॉलोनियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं मथुरा और वृंदावन के यमुना घाट भी डूब गए हैं। जयसिंहपुरा समेत अन्य कई क्षेत्रों से लोगों को निकलवाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।
मथुरा में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खतरा बरकरार
दरअसल, हथिनीकुंड से सोमवार को छोड़ा गया 3.29 लाख क्यूसेक पानी 4 सितंबर से 6 सितंबर के बीच मथुरा पहुंचेगा। इससे अचानक यमुना के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की आशंका है। इससे यमुना किनारे बसे अन्य गांवों और वार्डों में भी पानी भर जाएगा। जिला प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने सभी अधिकारियों के नंबर सार्वजनिक कर लगातार संपर्क में रहने की बात कही है।
दरअसल, हथिनीकुंड से सोमवार को छोड़ा गया 3.29 लाख क्यूसेक पानी 4 सितंबर से 6 सितंबर के बीच मथुरा पहुंचेगा। इससे अचानक यमुना के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की आशंका है। इससे यमुना किनारे बसे अन्य गांवों और वार्डों में भी पानी भर जाएगा। जिला प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने सभी अधिकारियों के नंबर सार्वजनिक कर लगातार संपर्क में रहने की बात कही है।
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नौहझली-छाता मार्ग पर दूर-दूर तक नजर आ रहा यमुना का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साथ ही बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए हर पल तैयार रहने के लिए कहा है। वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को भी हथिनीकुंड बांध से 1.49 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है। इसके अलावा ओखला से 99201 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में लगातार यमुना में पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। मथुरा स्थित गोकुल बैराज से भी लगातार पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। मंगलवार को गोकुल बैराज से 104386 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो आगरा व इटावा क्षेत्र में परेशानी बढ़ाएगा।

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