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वृंदावन: बांकेबिहारी के दरबार में फूलों का अद्भुत श्रृंगार, गर्मी में ठाकुरजी को पहनाई जा रही पुष्प पोशाक

संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 29 Apr 2026 11:17 AM IST
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सार

वृंदावन के श्रीबांकेबिहारी मंदिर में गर्मी से राहत देने के लिए ठाकुरजी का विशेष पुष्प श्रृंगार किया जा रहा है। फूलों से बने वस्त्र और आभूषणों के साथ शीतल भोग अर्पित कर परंपरागत भक्ति भाव से आराधना की जा रही है।

Shri Banke Bihari is delighting in an attire of flowers and ornaments crafted from buds.
फूलों से बने वस्त्र और आभूषण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

ग्रीष्म ऋतु में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए श्रीबांकेबिहारी मंदिर में इन दिनों आराध्य का विशेष पुष्प शृंगार किया जा रहा है। ठाकु श्रीबांकेबिहारी को फूलों से बनी आकर्षक पोशाक पहनाई जा रही हैं। कोमल कलियों से तैयार आभूषणों से उनका दिव्य शृंगार किया जा रहा है।
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सेवायतों द्वारा आराध्य के लिए मौसम के अनुरूप फूलों की पोशाक तैयार कराई जा रही हैं। इसमें लहंगा, पाजामा, ओढ़नी और पटुका जैसे पारंपरिक परिधान शामिल हैं। साथ ही मुकुट, हार, कुंडल, कमरबंद, बाजूबंद जैसे आभूषण भी फूलों की कलियों से बनाए जा रहे हैं, जो भक्तों को आकर्षित कर रहे हैं।
आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी के अनुसार बढ़ती गर्मी को देखते हुए ठाकुरजी के लिए यह व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें शीतलता मिल सके। मंदिर में सुगंधित फूलों से सजे मनोहारी बंगले तैयार किए जा रहे हैं, जिससे वातावरण शीतल और सुगंधित बना रहे। इन विशेष पोशाकों और आभूषणों को तैयार करने में वृंदावन के कारीगरों के साथ दिल्ली और कोलकाता के शिल्पकार भी जुटे हुए हैं।
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यह परंपरा स्वामी हरिदास के समय से चली आ रही है, जब आराध्य को रिझाने के लिए विविध प्रकार के फूलों से शृंगार किया जाता था। आज भी उसी परंपरा का निर्वहन करते हुए सेवायत बड़ के पत्तों पर रायबेल, कनेर आदि की कलियों से सुंदर आकृतियां बनाते हैं। इन दिनों भोग में भी विशेष परिवर्तन किया जाता है। ठाकुरजी को ठंडाई, शर्बत और मौसमी फलों के रस सहित ठंडी तासीर वाले पदार्थ निवेदित किए जा रहे हैं।
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