कोरोना वायरस: मकरज निजामुद्दीन जलसे में शामिल हुए जमातियों को खोजकर ऐसे क्वारंटीन कर रही पुलिस, देखें तस्वीरें
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दिल्ली के निजामुद्दीन में पिछले दिनों आयोजित तब्लीगी जमात में अफगानिस्तान, म्यांमार, केन्या, सुडान और मलेशिया समेत कई देशों के जमाती शामिल हुए थे। जिसके बाद तकरीबन बीस से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। जिनमें से छह की मौत हो गई। इसके बाद देश भर से इस धार्मिक जलसे में शामिल हुए जमातियों को लेकर खलबली मच गई।
मंगलवार को शुरू हुई जमातियों की तलाश के बाद इंटेलिजेंस के इनपुट पर मेरठ में परतापुर पुलिस ने महाराष्ट्र, नेपाल और बिहार के 14 जमाती पकड़े। ये तीन मार्च से काशी गांव में रुके थे और अलग-अलग मस्जिदों में नमाज पढ़ा रहे थे।
जनता कर्फ्यू के बाद से एक मौलाना के मकान में रह रहे थे। पुलिस ने इस सभी को पकड़कर मौलाना के मकान में ही क्वारंटीन कर दिया। ये सभी 14 दिन तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रहेंगे।
सरधना क्षेत्र की मोहल्ला आजाद नगर की मस्जिद में जो छह जमात के जमाती मिले हैं। वे इंडोनेशिया के रहने वाले हैं
शामली के कस्बा झिंझाना में त्रिपुरा से आई तब्लीगी जमात के 14 लोगों को दो मकानों में क्वारंटीन किया गया है। उन्हें 14 दिन तक घर में रहने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह.शाम उनकी निगरानी कर रही है। मकानों के बाहर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टर चस्पा कर लोगों को सतर्कता बरतने और लोगों से संपर्क न करने की सलाह दी है।
देवबंद के राज्जूपुर गांव में रह रहे इंडोनेशिया के 12 जमातियों को जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन किया गया है। बताया गया कि 21 मार्च से ये गांव में रह रहे थे। इनके अलावा 13 लोग साखन गांव से जांच के लिए लाए गए। ये सभी आसाम में रहकर मजदूरी करते थे। देवबंद के शहरी क्षेत्र में भी चार लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि दो भाग गए।