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Arab Countries : अरब देशों पर कितना निर्भर है भारत, जानिए खटास बढ़ी तो किसे होगा ज्यादा नुकसान?
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 07 Jun 2022 10:39 AM IST
सार
भाजपा की प्रवक्ता रहीं नुपुर शर्मा के बयान को लेकर कई अरब देशों आपत्ति जताई है। अब तक जिन अरब देशों की आपत्ति आई है, उनमें कतर, सउदी अरब, ओमान, बहरीन, कुवैत, ईराक और यूएई शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारतीय जनता पार्टी ने नुपुर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।
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अरब देशों से कैसा है भारत का रिश्ता?
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा की प्रवक्ता रहीं नुपुर शर्मा के बयान को लेकर कई अरब देशों आपत्ति जताई है। अब तक जिन अरब देशों की आपत्ति आई है, उनमें कतर, सउदी अरब, ओमान, बहरीन, कुवैत, ईराक और यूएई शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारतीय जनता पार्टी ने नुपुर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।
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नुपुर शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
पहले जान लीजिए क्या है पूरा मामला?
वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर शुक्रवार 27 मई को एक नेशनल टीवी चैनल पर डिबेट थी। इसमें भाजपा की तरफ से प्रवक्ता के तौर पर नुपुर शर्मा ने शिरकत की थी। इसी दौरान उन्होंने कुछ ऐसी टिप्पणी की जिसे लेकर विवाद हो रहा है। एक जून को महाराष्ट्र में नुपुर शर्मा पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में पहला केस दर्ज हुआ। दो जून को महाराष्ट्र में ही दूसरा मामला दर्ज हुआ।
पांच जून को भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने कहा, 'पार्टी किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान करने वाली किसी भी विचारधारा के खिलाफ है। पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धार्मिक व्यक्तित्व के अपमान की कड़ी निंदा करती है। भाजपा ऐसे लोगों या विचारों को बढ़ावा नहीं देती है।' इसके चंद घंटे बाद नुपुर शर्मा को पार्टी के सभी पदों से हटाते हुए प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया।
वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर शुक्रवार 27 मई को एक नेशनल टीवी चैनल पर डिबेट थी। इसमें भाजपा की तरफ से प्रवक्ता के तौर पर नुपुर शर्मा ने शिरकत की थी। इसी दौरान उन्होंने कुछ ऐसी टिप्पणी की जिसे लेकर विवाद हो रहा है। एक जून को महाराष्ट्र में नुपुर शर्मा पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में पहला केस दर्ज हुआ। दो जून को महाराष्ट्र में ही दूसरा मामला दर्ज हुआ।
पांच जून को भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने कहा, 'पार्टी किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान करने वाली किसी भी विचारधारा के खिलाफ है। पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धार्मिक व्यक्तित्व के अपमान की कड़ी निंदा करती है। भाजपा ऐसे लोगों या विचारों को बढ़ावा नहीं देती है।' इसके चंद घंटे बाद नुपुर शर्मा को पार्टी के सभी पदों से हटाते हुए प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया।
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अरब देशों ने जताया विरोध।
- फोटो : अमर उजाला
मामले में अरब देशों की एंट्री कैसे हो गई?
नुपुर के बयान का अरब देशों में विरोध जताया जाने लगा। कतर ने भारतीय राजदूत को तलब करके इस प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा। कतर के बाद बहरीन, यूएई, सउदी अरब, ईराक, ओमान जैसे अरब देशों ने भी अपनी आपत्ति जता दी। इन अरब देशों में भारतीय उत्पाद के बायकॉट की खबरें भी आने लगीं।
नुपुर के बयान का अरब देशों में विरोध जताया जाने लगा। कतर ने भारतीय राजदूत को तलब करके इस प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा। कतर के बाद बहरीन, यूएई, सउदी अरब, ईराक, ओमान जैसे अरब देशों ने भी अपनी आपत्ति जता दी। इन अरब देशों में भारतीय उत्पाद के बायकॉट की खबरें भी आने लगीं।
कतर ने सबसे पहले जताया था विरोध।
- फोटो : अमर उजाला
अब जानिए अरब देशों से भारत के कैसे व्यापारिक रिश्ते हैं?
1. कतर : नुपुर शर्मा के बयान पर सबसे पहले कतर ने ही आपत्ति जताई। आर्थिक संबंधों की बात करें तो 2021-22 में भारत ने कतर से 76.82 हजार करोड़ रुपये का आयात किया था। जबकि कतर को भारत ने 13.70 हजार करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। इस तरह से दोनों देशों के बीच कुल 112.16 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ।
भारत में कतर से सबसे ज्यादा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG), LPG, रसायन और पेट्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक तथा एल्युमीनियम निर्यात होता है, जबकि कतर को भारत की तरफ से अनाज, तांबा, लोहा और इस्पात, सब्जियां, प्लास्टिक उत्पाद, निर्माण सामग्री, वस्त्र और गारमेंट्स भेजे जाते हैं।
1. कतर : नुपुर शर्मा के बयान पर सबसे पहले कतर ने ही आपत्ति जताई। आर्थिक संबंधों की बात करें तो 2021-22 में भारत ने कतर से 76.82 हजार करोड़ रुपये का आयात किया था। जबकि कतर को भारत ने 13.70 हजार करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। इस तरह से दोनों देशों के बीच कुल 112.16 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ।
भारत में कतर से सबसे ज्यादा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG), LPG, रसायन और पेट्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक तथा एल्युमीनियम निर्यात होता है, जबकि कतर को भारत की तरफ से अनाज, तांबा, लोहा और इस्पात, सब्जियां, प्लास्टिक उत्पाद, निर्माण सामग्री, वस्त्र और गारमेंट्स भेजे जाते हैं।
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बहरीन के साथ भारत के रिश्ते
- फोटो : अमर उजाला
2. बहरीन : यहां नुपुर के बयान का काफी विरोध हुआ। बहरीन से भारत ने 2021-22 में 7.49 हजार करोड़ रुपये का आयात किया, जबकि 5.23 हजार करोड़ रुपये का निर्यात। इस तरह से दोनों देशों के बीच 12.73 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ।
दोनों देशों का इतिहास पांच हजार साल पुराना है।
भारत से हर साल काफी मात्रा में बहरीन खाद्य तेल, अकार्बनिक रसायन, कीमती धातुओं के कार्बनिक या अकार्बनिक यौगिक, अनाज, नट, फल तथा कपड़े खरीदता है। वहीं, बहरीन से भारत कच्चा तेल, खनिज ईंधन और बिटुमिनस पदार्थ, एल्यूमीनियम, उर्वरक, अयस्कों/एल्यूमीनियम की राख, लोहा, तांबा जैसे पदार्थ आयात करता है।
दोनों देशों का इतिहास पांच हजार साल पुराना है।
भारत से हर साल काफी मात्रा में बहरीन खाद्य तेल, अकार्बनिक रसायन, कीमती धातुओं के कार्बनिक या अकार्बनिक यौगिक, अनाज, नट, फल तथा कपड़े खरीदता है। वहीं, बहरीन से भारत कच्चा तेल, खनिज ईंधन और बिटुमिनस पदार्थ, एल्यूमीनियम, उर्वरक, अयस्कों/एल्यूमीनियम की राख, लोहा, तांबा जैसे पदार्थ आयात करता है।
