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मावां धीयां सत्कार योजना: लुधियाना लाभार्थियों की सूची में सबसे आगे, मालेरकोटला में सबसे कम
Wed, 15 Jul 2026 04:12 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 15 Jul 2026 04:12 PM IST
सार
पूरे पंजाब में 14 जुलाई 2026 तक कुल 68.9 लाख लाभार्थियों का इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। राज्य में सबसे कम रजिस्ट्रेशन मालेरकोटला में दर्ज किया गया है, जहां 1.3 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं।
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मावां धीयां सत्कार योजना
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब सरकार की मावां धीयां सत्कार योजना के तहत लुधियाना सबसे अधिक लाभार्थियों वाला जिला बनकर उभरा है। इस योजना के तहत जिले में 7.4 लाख लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।
लुधियाना के बाद पटियाला में 5.3 लाख, अमृतसर में 4.9 लाख, जालंधर में 4.8 लाख, गुरदासपुर में 4.4 लाख और होशियारपुर में 4.2 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं। राज्य में सबसे कम रजिस्ट्रेशन मालेरकोटला में दर्ज किया गया है, जहां 1.3 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं।
पूरे पंजाब में 14 जुलाई 2026 तक कुल 68.9 लाख लाभार्थियों का इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है।
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर और होशियारपुर में अधिक रजिस्ट्रेशन के पीछे कई कारण हैं, जिनमें अधिक आबादी, मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति अधिक जागरूकता शामिल हैं।
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अधिक रजिस्ट्रेशनों के पीछे बड़ी जनसंख्या एक प्रमुख कारण है। इन जिलों में शहरी और ग्रामीण आबादी अधिक है। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहर रोजगार, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के लिए आसपास के जिलों के लोगों को भी आकर्षित करते हैं, जिससे यहां रहने वाली आबादी में वृद्धि होती है।
इन जिलों में परिवार ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित हैं, जिससे बेटियों वाले परिवारों को सहायता प्रदान करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है। जन्म पंजीकरण, आधार नामांकन, बैंक खातों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बेहतर व्यवस्था ने भी अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने में मदद की है।
जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ स्थानीय निकायों (लोकल बॉडीज़) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पात्र परिवारों को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। अधिकारियों ने आवेदनों के वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया, जिससे लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है।
इसके विपरीत, मालेरकोटला जैसे कम आबादी वाले ज़िलों में लाभार्थियों की संख्या कम दर्ज की गई है। कम जनसंख्या और पात्र परिवारों की अपेक्षाकृत संख्या के कारण इन ज़िलों में पंजीकरण भी कम रहा है।
जिला-वार दर्ज किए गए लाभार्थी
जिला लाभार्थी (लाख में)
अमृतसर 4.9
बरनाला 1.6
बठिंडा 3.8
फरीदकोट 1.8
फ़तेहगढ़ साहिब 1.5
फ़ाज़िल्का 2.9
फ़िरोज़पुर 2.5
गुरदासपुर 4.4
होशियारपुर 4.2
जालंधर 4.8
कपूरथला 1.7
लुधियाना 7.4
मालेरकोटला 1.3
मानसा 2.4
मोगा 2.6
पठानकोट 1.8
पटियाला 5.3
रूपनगर 1.8
मोहाली 1.7
नवांशहर 1.6
संगरूर 3.6
श्री मुक्तसर साहिब 2.7
तरनतारन 2.6
कुल दर्ज किए गए लाभार्थी: 68.9 लाख
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लुधियाना के बाद पटियाला में 5.3 लाख, अमृतसर में 4.9 लाख, जालंधर में 4.8 लाख, गुरदासपुर में 4.4 लाख और होशियारपुर में 4.2 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं। राज्य में सबसे कम रजिस्ट्रेशन मालेरकोटला में दर्ज किया गया है, जहां 1.3 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं।
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पूरे पंजाब में 14 जुलाई 2026 तक कुल 68.9 लाख लाभार्थियों का इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है।
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर और होशियारपुर में अधिक रजिस्ट्रेशन के पीछे कई कारण हैं, जिनमें अधिक आबादी, मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति अधिक जागरूकता शामिल हैं।
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अधिक रजिस्ट्रेशनों के पीछे बड़ी जनसंख्या एक प्रमुख कारण है। इन जिलों में शहरी और ग्रामीण आबादी अधिक है। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहर रोजगार, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के लिए आसपास के जिलों के लोगों को भी आकर्षित करते हैं, जिससे यहां रहने वाली आबादी में वृद्धि होती है।
इन जिलों में परिवार ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित हैं, जिससे बेटियों वाले परिवारों को सहायता प्रदान करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है। जन्म पंजीकरण, आधार नामांकन, बैंक खातों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बेहतर व्यवस्था ने भी अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने में मदद की है।
जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ स्थानीय निकायों (लोकल बॉडीज़) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पात्र परिवारों को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। अधिकारियों ने आवेदनों के वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया, जिससे लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है।
इसके विपरीत, मालेरकोटला जैसे कम आबादी वाले ज़िलों में लाभार्थियों की संख्या कम दर्ज की गई है। कम जनसंख्या और पात्र परिवारों की अपेक्षाकृत संख्या के कारण इन ज़िलों में पंजीकरण भी कम रहा है।
जिला-वार दर्ज किए गए लाभार्थी
जिला लाभार्थी (लाख में)
अमृतसर 4.9
बरनाला 1.6
बठिंडा 3.8
फरीदकोट 1.8
फ़तेहगढ़ साहिब 1.5
फ़ाज़िल्का 2.9
फ़िरोज़पुर 2.5
गुरदासपुर 4.4
होशियारपुर 4.2
जालंधर 4.8
कपूरथला 1.7
लुधियाना 7.4
मालेरकोटला 1.3
मानसा 2.4
मोगा 2.6
पठानकोट 1.8
पटियाला 5.3
रूपनगर 1.8
मोहाली 1.7
नवांशहर 1.6
संगरूर 3.6
श्री मुक्तसर साहिब 2.7
तरनतारन 2.6
कुल दर्ज किए गए लाभार्थी: 68.9 लाख