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Punjab: पीएसपीसीएल यूनियनों और आम आदमी क्लीनिकों के कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल, सरकार ने मानी मांगें
Tue, 28 Jul 2026 07:24 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 28 Jul 2026 07:24 PM IST
सार
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि यह निर्णय पिछले दो दिनों के दौरान राज्य सरकार के नेतृत्व में हुई विस्तृत चरणबद्ध वार्ताओं के बाद लिया गया है।
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हरपाल सिंह चीमा, वित्त मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की 16 यूनियनों व आम आदमी क्लीनिक (एएसी) स्टाफ यूनियन ने आधिकारिक रूप से अपनी हड़ताल वापस ले ली है। कर्मचारी कार्य पर लौट आए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री व कर्मचारियों के मुद्दों और मांगों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि यह निर्णय पिछले दो दिनों के दौरान राज्य सरकार के नेतृत्व में हुई विस्तृत चरणबद्ध वार्ताओं के बाद लिया गया है।
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उनके अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करने व बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों की वित्तीय मांगों पर विचार के लिए एक विशेष वित्तीय समिति गठित करने सहित महत्वपूर्ण मुद्दों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया। प्रेसवार्ता के दाैरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पटियाला मुख्यालय में उनकी लगभग पांच घंटे चली बैठक व बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और पीएसपीसीएल के सीएमडी के साथ देर रात तक यूनियनों की हुई चर्चा के बाद बिजली क्षेत्र की सभी 16 यूनियनों के साथ सहमति बन गई है।
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उन्होंने कहा, यूनियनों की वित्तीय मांगों के समाधान के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष वित्तीय समिति का गठन किया है, जो 15 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट
प्रस्तुत करेगी। उन्होंने बताया कि जिन प्रमुख यूनियनों ने समझौते पर सहमति जताई है, उनमें टेक्निकल सर्विसेज यूनियन पीएसईबी, पीएसईबी इम्प्लाइज फेडरेशन (एआईटीयूसी), मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन पीएसईबी (एमएसयू), एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स, पीएसईबी इम्प्लाइज फेडरेशन (भारद्वाज), पीएसईबी थर्मल
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इम्प्लाइज कोऑर्डिनेशन कमेटी, पीएसईबी कर्मचारी दल पंजाब, इम्प्लाइज फेडरेशन पीएसईबी, पंजाब राज्य बिजली मजदूर संघ (बीएमएस), वर्कर फेडरेशन इंटक पीएसपीसीएल/पीएसटीसीएल, इम्प्लाइज फेडरेशन पीएसपीसीएल/पीएसटीसीएल (पहलवान समूह), इम्प्लाइज फेडरेशन पीएसपीसीएल/पीएसटीसीएल (चाहल समूह), आईटीआई एसोसिएशन, ग्रिड सब-स्टेशन इम्प्लाइज यूनियन पंजाब (पंजीकृत), पावरकॉम एवं ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन (एआईटीयूसी), पेंशनर्स वेलफेयर
फेडरेशन पंजाब (पहलवान) तथा मुलाजिम यूनाइटेड ऑर्गेनाइजेशन आदि शामिल हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों की मांगें स्वीकार
वित्त मंत्री ने बताया कि आम आदमी क्लीनिक (एएसी) यूनियन के प्रतिनिधियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक के बीच हुई बैठक के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विवाद का भी समाधान हो गया है। राज्य सरकार ने नियमित पदों पर भर्ती के दौरान यूनियन के कर्मचारियों के सेवा अनुभव को मान्यता देने की प्रमुख मांग स्वीकार कर ली है जबकि अन्य प्रशासनिक मांगों पर भी सक्रियता से विचार किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने सफाई एवं सीवरेज बोर्ड के कर्मचारियों से जुड़े मामले का भी उल्लेख करते हुए बताया कि उनके तथा स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ हुई चर्चा के बाद संबंधित प्रमुख यूनियनों ने भी अपनी हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के सकारात्मक और कर्मचारी हितैषी दृष्टिकोण को दोहराते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध के दायरे में लाने के लिए एक अध्यादेश राज्यपाल को भेज दिया गया है। इससे राज्यभर के हजारों कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा तथा अधिक सुदृढ़ सेवा शर्तों का लाभ मिलेगा। बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं का सामान्य संचालन पूरी तरह बहाल होने पर वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के कल्याण और राज्य के लोगों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री ने बताया कि आम आदमी क्लीनिक (एएसी) यूनियन के प्रतिनिधियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक के बीच हुई बैठक के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विवाद का भी समाधान हो गया है। राज्य सरकार ने नियमित पदों पर भर्ती के दौरान यूनियन के कर्मचारियों के सेवा अनुभव को मान्यता देने की प्रमुख मांग स्वीकार कर ली है जबकि अन्य प्रशासनिक मांगों पर भी सक्रियता से विचार किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने सफाई एवं सीवरेज बोर्ड के कर्मचारियों से जुड़े मामले का भी उल्लेख करते हुए बताया कि उनके तथा स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ हुई चर्चा के बाद संबंधित प्रमुख यूनियनों ने भी अपनी हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के सकारात्मक और कर्मचारी हितैषी दृष्टिकोण को दोहराते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध के दायरे में लाने के लिए एक अध्यादेश राज्यपाल को भेज दिया गया है। इससे राज्यभर के हजारों कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा तथा अधिक सुदृढ़ सेवा शर्तों का लाभ मिलेगा। बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं का सामान्य संचालन पूरी तरह बहाल होने पर वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के कल्याण और राज्य के लोगों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।