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पंजाब में एसआईआर: यह जिला सबसे आगे, पिछड़ा अमृतसर; ये है जिलावार स्थिती
Thu, 16 Jul 2026 07:31 AM IST
शाहिल शर्मा
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 16 Jul 2026 07:31 AM IST
सार
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अब घर-घर जाकर गणना का चरण 3 अगस्त तक चलेगा। 13 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा।
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पंजाब में एसआईआर का नया शेड्यूल जारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का काम तेजी से हो रहा है। 20 दिन के भीतर सूबे में 73.25 फीसदी मतदाताओं से एन्यूमरेशन (गणना) फॉर्म एकत्रित कर उन्हें ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया है। इन फॉर्माें के डिजिटाइज्ड होने के बाद इनका सत्यापन भी शुरू हो गया है।
उधर, अधिक से अधिक लोग एसआईआर प्रक्रिया में भाग लें, इसके लिए निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की समय सीमा अब 3 अगस्त तक बढ़ा दी है। पहले सूबे में एसआईआर प्रक्रिया 25 जुलाई तक पूरी करनी थी। अब 13 अगस्त को मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी होगी।
पंजाब में कुल 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं का एसआईआर होना है। इसके लिए 24,453 बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) और 117 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफसरों (ईआरओ) की टीम काम कर रही है। सभी मतदाताओं के घरों में बीएलओ की ओर से गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं और अब इन फॉर्माें को एकत्रित कर उन्हें चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। अभी तक सूबे में 1 करोड़ 57 लाख 19 हजार 563 मतदाताओं के गणना फॉर्म सिस्टम पर डिजिटाइज्ड हो चुके हैं।
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सभी मतदाता एसआईआर के दायरे में आएं, इसके लिए राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी पूरी तरह सक्रिय हैं। विभिन्न दलों के बीएलए अपने-अपने समर्थक मतदाताओं के घर-घर जाकर उनसे फॉर्म भरवाने के बाद बीएलओ को उपलब्ध करवा रहे हैं। कई इलाकों में एसआईआर के दौरान बीएलओ से मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद एफआईआर भी दर्ज हुई।
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उधर, अधिक से अधिक लोग एसआईआर प्रक्रिया में भाग लें, इसके लिए निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की समय सीमा अब 3 अगस्त तक बढ़ा दी है। पहले सूबे में एसआईआर प्रक्रिया 25 जुलाई तक पूरी करनी थी। अब 13 अगस्त को मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी होगी।
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पंजाब में कुल 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं का एसआईआर होना है। इसके लिए 24,453 बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) और 117 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफसरों (ईआरओ) की टीम काम कर रही है। सभी मतदाताओं के घरों में बीएलओ की ओर से गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं और अब इन फॉर्माें को एकत्रित कर उन्हें चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। अभी तक सूबे में 1 करोड़ 57 लाख 19 हजार 563 मतदाताओं के गणना फॉर्म सिस्टम पर डिजिटाइज्ड हो चुके हैं।
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सभी मतदाता एसआईआर के दायरे में आएं, इसके लिए राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी पूरी तरह सक्रिय हैं। विभिन्न दलों के बीएलए अपने-अपने समर्थक मतदाताओं के घर-घर जाकर उनसे फॉर्म भरवाने के बाद बीएलओ को उपलब्ध करवा रहे हैं। कई इलाकों में एसआईआर के दौरान बीएलओ से मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद एफआईआर भी दर्ज हुई।
डिजिटल डाटा की जांच
वेबसाइट पर अपलोड हो चुके गणना फॉर्म का सत्यापन कार्य शुरू हो गया है। डाटा डिजिटल होने के बाद चुनाव आयोग के अधिकारी व कर्मचारी इसकी जांच कर रहे हैं। अगर डिजिटल फॉर्म में कोई गड़बड़ी पाई जाती है या कोई तकनीकी खामी दिखती है, तो उस पर आगे की कार्रवाई होगी। सत्यापन के दौरान जांच में किसी वोटर की मृत्यु होने, कहीं और शिफ्ट होने, डुप्लीकेट वोट बनने की स्थिति भी मतदाता का नाम वोटर सूची से कट जाएगा।
एसआईआर का नया शेड्यूल
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अब घर-घर जाकर गणना का चरण 3 अगस्त तक चलेगा। 13 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा। मतदाता सूचियों के संबंध में दावे और आपत्तियां 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक ली जाएंगी। इनका निपटारा 13 अगस्त से 8 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 12 अक्टूबर को किया जाएगा।
एसआईआर में जिलों की स्थिति
पंजाब में एसआईआर के दौरान नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर) सबसे आगे हैं। यहां 86.52 प्रतिशत मतदाताओं के गणना फॉर्म वेबसाइट पर डिजिटाइज्ड हो चुके हैं जबकि अमृतसर सबसे पीछे हैं। यहां अभी तक 58.4 प्रतिशत मतदाताओं से ही गणना फॉर्म एकत्रित कर अपलोड किए गए हैं। इसी तरह संगरूर के 85.08 प्रतिशत, मोगा के 84.87, मानसा के 81.63, बरनाला के 81.43, फरीदकोट के 80.24, मलेरकोटला के 79.63, फाजिल्का के 79.35, फिरोजपुर के 79.25, रूपनगर के 78.56, फतेहगढ़ के 77.35, होशियारपुर के 76.16, तरनतारन के 75.86, बठिंडा के 75.35, श्री मुक्तसर साहिब में 75.32, पटियाला में 72.71, कपूरथला में 71.38, जालंधर में 70.85, गुरदासपुर में 69.45, पठानकोट में 69.04, मोहाली में 67.17 व लुधियाना में 67.14 प्रतिशत मतदाताओं के गणना फॉर्म एकत्रित कर उन्हें डिजिटल अपलोड कर दिया गया है।
वेबसाइट पर अपलोड हो चुके गणना फॉर्म का सत्यापन कार्य शुरू हो गया है। डाटा डिजिटल होने के बाद चुनाव आयोग के अधिकारी व कर्मचारी इसकी जांच कर रहे हैं। अगर डिजिटल फॉर्म में कोई गड़बड़ी पाई जाती है या कोई तकनीकी खामी दिखती है, तो उस पर आगे की कार्रवाई होगी। सत्यापन के दौरान जांच में किसी वोटर की मृत्यु होने, कहीं और शिफ्ट होने, डुप्लीकेट वोट बनने की स्थिति भी मतदाता का नाम वोटर सूची से कट जाएगा।
एसआईआर का नया शेड्यूल
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अब घर-घर जाकर गणना का चरण 3 अगस्त तक चलेगा। 13 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा। मतदाता सूचियों के संबंध में दावे और आपत्तियां 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक ली जाएंगी। इनका निपटारा 13 अगस्त से 8 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 12 अक्टूबर को किया जाएगा।
एसआईआर में जिलों की स्थिति
पंजाब में एसआईआर के दौरान नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर) सबसे आगे हैं। यहां 86.52 प्रतिशत मतदाताओं के गणना फॉर्म वेबसाइट पर डिजिटाइज्ड हो चुके हैं जबकि अमृतसर सबसे पीछे हैं। यहां अभी तक 58.4 प्रतिशत मतदाताओं से ही गणना फॉर्म एकत्रित कर अपलोड किए गए हैं। इसी तरह संगरूर के 85.08 प्रतिशत, मोगा के 84.87, मानसा के 81.63, बरनाला के 81.43, फरीदकोट के 80.24, मलेरकोटला के 79.63, फाजिल्का के 79.35, फिरोजपुर के 79.25, रूपनगर के 78.56, फतेहगढ़ के 77.35, होशियारपुर के 76.16, तरनतारन के 75.86, बठिंडा के 75.35, श्री मुक्तसर साहिब में 75.32, पटियाला में 72.71, कपूरथला में 71.38, जालंधर में 70.85, गुरदासपुर में 69.45, पठानकोट में 69.04, मोहाली में 67.17 व लुधियाना में 67.14 प्रतिशत मतदाताओं के गणना फॉर्म एकत्रित कर उन्हें डिजिटल अपलोड कर दिया गया है।