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जालंधर में बिजली संकट: किसानों का हल्ला बोल, अघोषित कटौती के खिलाफ शक्ति सदन का घेराव; बड़े आंदोलन की चेतावनी

Tue, 30 Jun 2026 02:45 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब) Published by: Nivedita Updated Tue, 30 Jun 2026 02:45 PM IST
सार

किसान नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों को निर्बाध बिजली देने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। समय पर बिजली न मिलने से धान की फसल प्रभावित हो रही है और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरों में भी लोग अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं।

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Power crisis in Jalandhar Farmers protest warn of a major agitation
किसानों का प्रदर्शन - फोटो : संवाद

विस्तार

घरों और कृषि मोटरों को नियमित बिजली आपूर्ति न मिलने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) ने मंगलवार को शक्ति सदन, जालंधर के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। 

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प्रदर्शन की अगुवाई संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश चंद्र शर्मा ने की। किसानों ने आरोप लगाया कि लगातार बिजली कटौती के कारण खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, वहीं आम लोगों को भी भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 
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धरने के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों को निर्बाध बिजली देने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। समय पर बिजली न मिलने से धान की फसल प्रभावित हो रही है और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरों में भी लोग अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं।
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किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर संघर्ष तेज करेगी और सरकार के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। किसानों ने बिजली अधिकारियों को मांग पत्र सौंप कर कहा कि अगर उनकी समस्या का जल्द ही निदान नहीं हुआ तो इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा।

चीफ इंजीनियर बोले-डिमांड बढ़ी

बिजली विभाग के नॉर्थ रीजन चीफ इंजीनियर सरबजीत सिंह ने कहा कि किसानों को जरूरत के हिसाब से सप्लाई की जा रही है और सेंट्रल पुल से लिमिट से ज्यादा 300 से 400 मेगावाट बिजली अतिरिक्त खरीदी है। गर्मी ज्यादा बढ़ने के कारण लोड बढ़ गया है, कल राज्य में जो बिजली की डिमांड थी, वह अब तक की सबसे ज्यादा थी। फसल की बुआई के लिए किसानों को बिजली के लिए इंडस्ट्री एरिया में रात 10 से सुबह 8 बजे तक कट लगाए जा रहे हैं। पूरे पंजाब में यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है ताकि किसानों को 8 या उससे अधिक घंटे बिजली सप्लाई की जा सके।



शहरों और गांवों में बिजली कट लगने पर अधिकारियों ने कहा कि ज्यादा डिमांड बढ़ने से ऐसा हुआ है। बिजली विभाग अधिकतम बिजली सेंटर पूल से खरीद रहा है ताकि लोगों को परेशानी न हो। जितनी डिमांड है उसके हिसाब से सप्लाई को मैच करने की कोशिश कर रहे हैं और जब कम पड़ती है तो कट लगाए जा रहे हैं। कट इतने लंबे नहीं होते हैं लेकिन इंडस्ट्री एरिया में रहने वाले लोगों को थोड़ी परेशानी हो रही है।

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