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फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर काबू: छह माह से ले रहा था मुफ्त सफर और वीआईपी ट्रीटमेंट का फायदा; ऐसे हुआ शक
Tue, 30 Jun 2026 10:47 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
Published by: Nivedita
Updated Tue, 30 Jun 2026 10:47 AM IST
सार
आरोपी जावेद अली उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर भी एक साल पहले इसी तरह फर्जी रेलवे अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे विभाग ने खुद को रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर घूम रहे एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान जावेद अली के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर लंबे समय से फर्जी पहचान के सहारे रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों पर रौब झाड़ रहा था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पहचान का इस्तेमाल और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पिछले करीब 6 महीनों से फिरोजपुर मंडल में खुद को विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर ट्रेनों में मुफ्त एसी यात्रा, वीआईपी ट्रीटमेंट और रेलवे स्टाफ पर धौंस जमाने का काम कर रहा था। इतना ही नहीं, वह कई बार चेकिंग स्टाफ के साथ ट्रेनों, बुकिंग काउंटरों और रेलवे कार्यालयों में भी पहुंच जाता था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं होता था। हाल ही में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर आरोपी चेकिंग स्टाफ पर रौब दिखा रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे कमर्शियल मूवमेंट इंस्पेक्टर ने आरोपी से आधिकारिक रेलवे पहचान पत्र मांगा। आईडी दिखाने में नाकाम रहने पर उसका पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। वह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर भी एक साल पहले इसी तरह फर्जी रेलवे अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फिरोजपुर मंडल) परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को विजिलेंस अधिकारी या वरिष्ठ रेलवे अफसर बताकर धौंस जमाए तो उसकी वैध पहचान अवश्य जांचें। किसी भी तरह का संदेह होने पर तुरंत आरपीएफ, जीआरपी या स्टेशन मास्टर को सूचना दें।
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आरोपी की पहचान जावेद अली के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर लंबे समय से फर्जी पहचान के सहारे रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों पर रौब झाड़ रहा था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पहचान का इस्तेमाल और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पिछले करीब 6 महीनों से फिरोजपुर मंडल में खुद को विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर ट्रेनों में मुफ्त एसी यात्रा, वीआईपी ट्रीटमेंट और रेलवे स्टाफ पर धौंस जमाने का काम कर रहा था। इतना ही नहीं, वह कई बार चेकिंग स्टाफ के साथ ट्रेनों, बुकिंग काउंटरों और रेलवे कार्यालयों में भी पहुंच जाता था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं होता था। हाल ही में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर आरोपी चेकिंग स्टाफ पर रौब दिखा रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।
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मौके पर पहुंचे कमर्शियल मूवमेंट इंस्पेक्टर ने आरोपी से आधिकारिक रेलवे पहचान पत्र मांगा। आईडी दिखाने में नाकाम रहने पर उसका पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। वह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर भी एक साल पहले इसी तरह फर्जी रेलवे अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फिरोजपुर मंडल) परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को विजिलेंस अधिकारी या वरिष्ठ रेलवे अफसर बताकर धौंस जमाए तो उसकी वैध पहचान अवश्य जांचें। किसी भी तरह का संदेह होने पर तुरंत आरपीएफ, जीआरपी या स्टेशन मास्टर को सूचना दें।