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Mohali News: फर्जी दस्तावेजों से गुरुद्वारा अंब साहिब की 44 मरला जमीन 1.32 करोड़ में बेची, सात पर मामला दर्ज
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मोहाली। फर्जी दस्तावेजों से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की संपत्ति बेचने पर पुलिस ने सात आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। गुरुद्वारा अंब साहिब की 44 मरला जमीन जाली अथॉरिटी लेटर से 1.32 करोड़ में बेचने के आरोप में थाना सोहाना पुलिस ने एसजीपीसी की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। आरोपी रजिंदर सिंह निवासी सेक्टर-44ए चंडीगढ़, गुरिंदर सिंह, तलविंदर सिंह, सतवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, जसवंत सिंह सभी आईटी सिटी मोहाली निवासी हैं, जबकि जगतार सिंह निवासी गुरुद्वारा अंब साहिब हैं।
एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह ने एसएसपी मोहाली को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने साजिश के तहत 15 अक्तूबर 2025 की एक फर्जी अथॉरिटी लेटर तैयार किया। इस पर सचिव के जाली हस्ताक्षर किए गए। इस फर्जी पत्र के आधार पर 2 दिसंबर 2025 को जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी राजिंदर सिंह, जो उस समय गुरुद्वारा अंब साहिब का मैनेजर था, ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर एसजीपीसी की जमीन बेचने की साजिश रची। सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 के तहत किसी भी नोटिफाइड गुरुद्वारे की संपत्ति को बेचने के लिए एसजीपीसी की कार्यकारिणी की मंजूरी अनिवार्य होती है, जो इस मामले में कभी नहीं ली गई।
पुलिस के अनुसार 44 मरला जमीन की बिक्री से कुल 1.32 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की गई, जो अलग-अलग बैंकों के चेकों के माध्यम से ली गई। आरोप है कि इस पूरी रकम का दुरुपयोग किया गया, इससे एसजीपीसी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ आरोपियों ने रजिस्ट्री पर गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए, जबकि उन्हें दस्तावेजों के फर्जी होने की पूरी जानकारी थी। थाना सोहाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।
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एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह ने एसएसपी मोहाली को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने साजिश के तहत 15 अक्तूबर 2025 की एक फर्जी अथॉरिटी लेटर तैयार किया। इस पर सचिव के जाली हस्ताक्षर किए गए। इस फर्जी पत्र के आधार पर 2 दिसंबर 2025 को जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी राजिंदर सिंह, जो उस समय गुरुद्वारा अंब साहिब का मैनेजर था, ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर एसजीपीसी की जमीन बेचने की साजिश रची। सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 के तहत किसी भी नोटिफाइड गुरुद्वारे की संपत्ति को बेचने के लिए एसजीपीसी की कार्यकारिणी की मंजूरी अनिवार्य होती है, जो इस मामले में कभी नहीं ली गई।
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पुलिस के अनुसार 44 मरला जमीन की बिक्री से कुल 1.32 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की गई, जो अलग-अलग बैंकों के चेकों के माध्यम से ली गई। आरोप है कि इस पूरी रकम का दुरुपयोग किया गया, इससे एसजीपीसी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ आरोपियों ने रजिस्ट्री पर गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए, जबकि उन्हें दस्तावेजों के फर्जी होने की पूरी जानकारी थी। थाना सोहाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।