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Mohali News: नशा मुक्ति केंद्र में हाई-वोल्टेज ड्रामा, 40 मरीजों ने एक साथ किया भागने का प्रयास

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 09 Feb 2026 02:14 AM IST
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High-voltage drama unfolded at a drug de-addiction center, with 40 patients attempting to escape simultaneously
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मोहाली। सेक्टर-66 स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 40 मरीजों ने एक साथ केंद्र से भागने का प्रयास किया। दोपहर करीब सवा तीन बजे दवा देने के समय सभी मरीज एकत्र हो गए और उन्होंने दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की।हालात बिगड़ते देख बाहर तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स तुरंत सक्रिय हुए और दरवाजे को बाहर से ब्लॉक कर दिया। इसके बाद केंद्र में तैनात दो पुलिसकर्मियों ने मरीजों को बैक साइड वार्ड की ओर शिफ्ट कर लोहे के गेट को बाहर से बंद कर दिया। घटना की सूचना पुलिस स्टेशन को दी गई। थाना फेज-11 पुलिस ने डीडीआर दर्ज कर ली है। गनीमत यह रही कि जिस दरवाजे को मरीज तोड़ने का प्रयास कर रहे थे, उस पर बाहर की तरफ कुंडी लगी हुई थी। इस कारण दरवाजा नहीं खुल सका। अगर दरवाजा खुल जाता तो कई मरीज भाग सकते थे। घटना के समय केंद्र के डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी बाहर मौजूद था।
नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ का कहना है कि यहां एनडीपीएस एक्ट के तहत रखे कई आरोपी मरीज मौजूद हैं, जो यहां रहना नहीं चाहते और अक्सर भागने की कोशिश करते हैं। स्टाफ ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताकर पुलिस सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि फिलहाल केंद्र में केवल दो पुलिसकर्मी तैनात हैं। इससे पहले भी हुड़दंग और मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें दो मरीज छत के रास्ते भाग चुके हैं।पंजाब सरकार की युद्ध नशे के विरुद्ध मुहिम में नशा करने के आदी लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा-27 के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की जगह नशा मुक्ति केंद्र में इलाज के लिए रखा जाता है।
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कोई भी मरीज केंद्र से भागा नहीं है। केवल भागने का प्रयास किया गया था। इलाज के दौरान जब दवाइयों की मात्रा कम की जाती है, तो कुछ मरीज चिड़चिड़े और आक्रामक हो जाते हैं। स्टाफ की सुरक्षा के मामले में पुलिस पूरी सहायता देती है। ऐसे मामलों में अनुभवी और धैर्यवान स्टाफ की जरूरत होती है। -अमन सिंह, एसएचओ, थाना फेज-11

मामले की जानकारी मिलने के बाद इसकी जांच करवाई गई है। पुष्टि हुई है कि कोई मरीज फरार नहीं हुआ है। पुलिस को तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। -कोमल मित्तल, डिप्टी कमिश्नर, मोहाली
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