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Mohali News: लंबित मांगों को लेकर सीएम से मिलने जा रहे शिक्षकों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां, की पानी की बौछार, तीन महिला शिक्षकों समेत पांच लोग घायल
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मोहाली। लंबित मांगों को लेकर स्पेशल काडर अध्यापक फ्रंट (पंजाब) ने रविवार को रोष प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात करने निकले प्रदर्शनकारी अध्यापकों को पुलिस ने चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर रोक लिया। हालात तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने पानी की बौछार कर लाठीचार्ज भी किया। इसमें तीन महिला अध्यापकों सहित पांच लोग घायल हो गए। पानी की बौछारों का सामना करते हुए कुछ अध्यापकों की पगड़ियां तक उतर गई। इसमें यूनियन प्रधान दविंदर सिंह संधू भी घुटने में चोट लगने से घायल हो गए। शिक्षकों ने सीएम से मिलाने का आश्वासन मिलने पर शाम को खत्म प्रदर्शन किया।
रविवार को प्रदेशभर से आए करीब 500 अध्यापक पहले गुरुद्वारा श्री अंब साहिब में एकत्र हुए। इसके बाद वे चंडीगढ़ की तरफ रवाना हुए। मोहाली पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोकने का प्रयास किया, लेकिन अध्यापक मुख्यमंत्री से मिलने की जिद पर अड़े रहे। चंडीगढ़ सीमा पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया। जब अध्यापकों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इससे कई प्रदर्शनकारियों की पगड़ियां उतर गईं। इसके बाद भी जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें यूनियन के प्रधान दविंदर सिंह संधू सहित पांच अध्यापक घायल हो गए। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यूनियन प्रधान दविंदर सिंह संधू ने बताया कि यह रोष रैली सरकार द्वारा लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किए जाने के कारण निकाली गई थी।
उन्होंने कहा कि 28 जुलाई 2023 को 12,710 कच्चे अध्यापकों को नियमित नियुक्ति पत्र दिए गए थे, लेकिन करीब दो साल बीतने के बावजूद उन्हें पे-स्केल और अन्य सेवागत लाभ नहीं दिए गए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन दोपहर करीब एक बजे शुरू हुआ था, शाम साढ़े चार बजे चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात का आश्वासन दिया गया। मोहाली पुलिस के डीएसपी हरसिमरन सिंह बल ने शिक्षा मंत्री से 11 फरवरी को बैठक करवाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अध्यापकों ने धरना समाप्त कर दिया। अध्यापकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
स्पेशल काडर अध्यापकों की प्रमुख मांगें
- 12,710 स्पेशल काडर अध्यापकों पर पे-स्केल लागू किया जाए
- एईएटी अध्यापकों को ग्रुप-डी से ग्रुप-सी में शामिल किया जाए
- सर्विस रूल लागू कर टीए, मेडिकल रीइंबर्समेंट, ग्रुप इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं दी जाएं
- ओल्ड पेंशन स्कीम, ग्रेच्युटी, प्रमोशन चैनल, मोबाइल अलाउंस, चाइल्ड केयर लीव लागू की जाए
-हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार सेवा आयु 58 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए
-शेष कच्चे अध्यापकों को जल्द नियमित नियुक्ति पत्र दिए जाएं
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रविवार को प्रदेशभर से आए करीब 500 अध्यापक पहले गुरुद्वारा श्री अंब साहिब में एकत्र हुए। इसके बाद वे चंडीगढ़ की तरफ रवाना हुए। मोहाली पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोकने का प्रयास किया, लेकिन अध्यापक मुख्यमंत्री से मिलने की जिद पर अड़े रहे। चंडीगढ़ सीमा पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया। जब अध्यापकों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इससे कई प्रदर्शनकारियों की पगड़ियां उतर गईं। इसके बाद भी जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें यूनियन के प्रधान दविंदर सिंह संधू सहित पांच अध्यापक घायल हो गए। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यूनियन प्रधान दविंदर सिंह संधू ने बताया कि यह रोष रैली सरकार द्वारा लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किए जाने के कारण निकाली गई थी।
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उन्होंने कहा कि 28 जुलाई 2023 को 12,710 कच्चे अध्यापकों को नियमित नियुक्ति पत्र दिए गए थे, लेकिन करीब दो साल बीतने के बावजूद उन्हें पे-स्केल और अन्य सेवागत लाभ नहीं दिए गए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन दोपहर करीब एक बजे शुरू हुआ था, शाम साढ़े चार बजे चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात का आश्वासन दिया गया। मोहाली पुलिस के डीएसपी हरसिमरन सिंह बल ने शिक्षा मंत्री से 11 फरवरी को बैठक करवाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अध्यापकों ने धरना समाप्त कर दिया। अध्यापकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
स्पेशल काडर अध्यापकों की प्रमुख मांगें
- 12,710 स्पेशल काडर अध्यापकों पर पे-स्केल लागू किया जाए
- एईएटी अध्यापकों को ग्रुप-डी से ग्रुप-सी में शामिल किया जाए
- सर्विस रूल लागू कर टीए, मेडिकल रीइंबर्समेंट, ग्रुप इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं दी जाएं
- ओल्ड पेंशन स्कीम, ग्रेच्युटी, प्रमोशन चैनल, मोबाइल अलाउंस, चाइल्ड केयर लीव लागू की जाए
-हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार सेवा आयु 58 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए
-शेष कच्चे अध्यापकों को जल्द नियमित नियुक्ति पत्र दिए जाएं