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हत्यारी पत्नी को उम्रकैद: एकम हत्याकांड में आया फैसला, बेटे की गवाही बनी अहम; जानें सूटकेस में लाश का पूरा राज
Sat, 04 Jul 2026 02:31 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 02:31 AM IST
सार
मोहाली के फेज-3बी1 में 19 मार्च 2017 को बीएमडब्ल्यू कार की पिछली सीट में सूटकेश में एकम का शव बरामद हुआ था। पुलिस को एक ऑटो वाले ने इसकी सूचना दी थी। अब इस मामले में उसकी पत्नी सीरत को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
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एकम हत्याकांड में फैसला
- फोटो : अमर उजाला
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मोहाली अदालत ने नौ साल पुराने बिजनेसमैन एकम सिंह ढिल्लों हत्याकांड में फैसला सुनाया है। अदालत ने एकम की पत्नी सीरत कौर ढिल्लों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सीरत कौर पर कुल 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
एकम हत्याकांड
- फोटो : फाइल
अदालत ने सीरत कौर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी पाया। उसे उम्रकैद के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। इसके अतिरिक्त, उसे धारा 201 के तहत सबूत मिटाने का दोषी ठहराया गया। इस आरोप में तीन साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत भी उसे दोषी पाया गया। इस धारा के तहत तीन साल की सजा और 20 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। सीरत मार्च 2017 से ही न्यायिक हिरासत में है।
एकम हत्याकांड
- फोटो : फाइल
हत्या के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सीरत ने एक अन्य व्यक्ति के साथ अपनी दोस्ती को लेकर हुए घरेलू झगड़े के बाद यह कदम उठाया। उसने लाइसेंसी 9 एमएम पिस्टल से अपने पति के सिर में गोली मारी थी।
जांच में सामने आया कि घटना के तुरंत बाद सीरत कौर ने नया मोबाइल खरीदा था। उसने जांच के दौरान पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराने से भी इन्कार कर दिया था। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों का गहन परीक्षण करने के बाद यह फैसला सुनाया। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में न्याय मिलने में आठ साल का लंबा समय लगा। यह फैसला कानून के दायरे से कोई बच नहीं सकता, इस संदेश को पुष्ट करता है।
जांच में सामने आया कि घटना के तुरंत बाद सीरत कौर ने नया मोबाइल खरीदा था। उसने जांच के दौरान पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराने से भी इन्कार कर दिया था। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों का गहन परीक्षण करने के बाद यह फैसला सुनाया। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में न्याय मिलने में आठ साल का लंबा समय लगा। यह फैसला कानून के दायरे से कोई बच नहीं सकता, इस संदेश को पुष्ट करता है।
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माैके पर जांच करते पुलिसकर्मी
- फोटो : फाइल
हत्या और सबूत मिटाने का प्रयास
हत्या के बाद सीरत ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उसने एकम के शव को एक बड़े सूटकेस में भरकर छिपाया। अगले दिन सीरत ने सूटकेस को अपनी बीएमडब्ल्यू कार की डिकी में रखने के लिए एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर को बुलाया। सीरत की यह योजना तब नाकाम हो गई जब ऑटो-रिक्शा ड्राइवर तुल बहादुर ने सूटकेस से खून रिसते देखा।
शक होने पर तुल बहादुर तुरंत मौके से चला गया। उसने तत्काल पुलिस को इस संदिग्ध घटना की सूचना दी। पुलिस तुरंत एकम सिंह के घर पहुंची। पुलिस ने घर से सूटकेस के अंदर से एकम का शव बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने सीरत कौर को गिरफ्तार कर लिया। जांच के शुरुआती दौर में सीरत ने हत्या करने की बात कबूल कर ली थी।
हत्या के बाद सीरत ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उसने एकम के शव को एक बड़े सूटकेस में भरकर छिपाया। अगले दिन सीरत ने सूटकेस को अपनी बीएमडब्ल्यू कार की डिकी में रखने के लिए एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर को बुलाया। सीरत की यह योजना तब नाकाम हो गई जब ऑटो-रिक्शा ड्राइवर तुल बहादुर ने सूटकेस से खून रिसते देखा।
शक होने पर तुल बहादुर तुरंत मौके से चला गया। उसने तत्काल पुलिस को इस संदिग्ध घटना की सूचना दी। पुलिस तुरंत एकम सिंह के घर पहुंची। पुलिस ने घर से सूटकेस के अंदर से एकम का शव बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने सीरत कौर को गिरफ्तार कर लिया। जांच के शुरुआती दौर में सीरत ने हत्या करने की बात कबूल कर ली थी।
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एकम हत्याकांड
- फोटो : फाइल
नाबालिग बेटे, नौकरानी और ऑटो चालक की गवाह रही अहम
ट्रायल के दौरान सरकारी पक्ष ने घटनाक्रम साबित करने के लिए कई अहम गवाहों और फोरेंसिक सबूतों का सहारा लिया। मृतक एकम ढिल्लों का 11 वर्षीय बेटा गुरनिवाज सिंह सबसे अहम गवाहों में से एक था। उसने अदालत में बताया कि उसने अपने पिता के चिल्लाने और गोली चलने की आवाज सुनी थी। बच्चे ने यह भी बताया कि घटना वाली रात माता-पिता के बीच झगड़ा हुआ था। गुरनिवाज सिंह ने अपनी मां को तिजोरी से पिस्टल निकालते देखा था।
परिवार की घरेलू कामवाली ने भी अदालत में सीरत की पहचान की थी। कामवाली ने बताया कि उसने घटना के बाद सीरत को घर के अंदर खून के धब्बे साफ करते देखा था। ऑटो-रिक्शा ड्राइवर तुल बहादुर ने अदालत को बताया कि सीरत ने उससे भारी सूटकेस रखने में मदद मांगी थी। सीसीटीवी फुटेज में सीरत को भारी सूटकेस घसीटते और सीढ़ियों की सफाई करते देखा गया। पुलिस ने सीरत की निशानदेही पर घर से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और मैगजीन बरामद की थी।
ट्रायल के दौरान सरकारी पक्ष ने घटनाक्रम साबित करने के लिए कई अहम गवाहों और फोरेंसिक सबूतों का सहारा लिया। मृतक एकम ढिल्लों का 11 वर्षीय बेटा गुरनिवाज सिंह सबसे अहम गवाहों में से एक था। उसने अदालत में बताया कि उसने अपने पिता के चिल्लाने और गोली चलने की आवाज सुनी थी। बच्चे ने यह भी बताया कि घटना वाली रात माता-पिता के बीच झगड़ा हुआ था। गुरनिवाज सिंह ने अपनी मां को तिजोरी से पिस्टल निकालते देखा था।
परिवार की घरेलू कामवाली ने भी अदालत में सीरत की पहचान की थी। कामवाली ने बताया कि उसने घटना के बाद सीरत को घर के अंदर खून के धब्बे साफ करते देखा था। ऑटो-रिक्शा ड्राइवर तुल बहादुर ने अदालत को बताया कि सीरत ने उससे भारी सूटकेस रखने में मदद मांगी थी। सीसीटीवी फुटेज में सीरत को भारी सूटकेस घसीटते और सीढ़ियों की सफाई करते देखा गया। पुलिस ने सीरत की निशानदेही पर घर से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और मैगजीन बरामद की थी।