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Mohali News: नकली नूरानी तेल बनाने का भंडाफोड़, वाराणसी-गोरखपुर-तुलसीपुर और महाराजगंज में बेचा जा रहा है तेल
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डेराबस्सी। डेराबस्सी और मोहाली के सेक्टर-82 में नकली आयुर्वेदिक नूरानी तेल के निर्माण और बिक्री का मामला सामने आया है। थाना डेराबस्सी पुलिस ने कार्रवाई कर एक फैक्टरी पर छापा मारकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धाराओं-63 और 65 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हरिद्वार (उत्तराखंड) स्थित राहत हर्बल रेमेडीज के प्रोडक्शन मैनेजर मोहम्मद फैसल हुसैन ने 11 मार्च 2026 को डेराबस्सी थाने में लिखित शिकायत दी थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोग कंपनी के पंजीकृत ब्रांड नूरानी तेल और राहत के नाम पर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच रहे हैं। कंपनी का कहना है कि इन ट्रेडमार्क के तहत उत्पाद बनाने और बेचने का अधिकार केवल उनकी कंपनी को ही प्राप्त है। शिकायत में बताया गया कि मोहाली जिले के सेक्टर-82 स्थित जेएलपीएल इंडस्ट्रियल एरिया में लाफिया अयूर केयर नाम से नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। वहीं डेराबस्सी के हंसा इंडस्ट्रियल एरिया में लाफिया बायोटेक के नाम से भी इसी तरह की गतिविधियां चलने की जानकारी सामने आई।
डेराबस्सी के थाना प्रभारी सुमित मोर के अनुसार शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस ने लाफिया अयूर केयर परिसर में छापा मारकर पीयूष श्रीवास्तव को मौके से गिरफ्तार किया है। छापे के दौरान पुलिस ने तेल के डिब्बे और ढक्कन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) निवासी मोहम्मद अरशद के कहने पर नूरानी तेल का निर्माण कर रहा था। उसके पास इसके निर्माण का कोई स्वीकृत फार्मूला या लाइसेंस नहीं था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि नकली नूरानी तेल उत्तर-प्रदेश के वाराणसी, गोरखपुर, तुलसीपुर और महाराजगंज सहित कई इलाकों में बेचा जा रहा है। उत्पादों पर फर्जी पते और ड्रग लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा था।
मामले में प्रयागराज निवासी अंकित कुमार मिश्रा, सिद्धार्थनगर निवासी मुन्नीलाल और महाराजगंज निवासी संतराम यादव के नाम भी सामने आए हैं। इन पर नकली उत्पादों के वितरण का आरोप है। वहीं नूरानी तेल के पंजीकृत ट्रेडमार्क मालिक मोहम्मद अजमल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था उनकी कंपनी के उत्पाद नूरानी तेल या नूरामेंट की नकली बनाते या बेचते पाय गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन उत्पादों के निर्माण और बिक्री का अधिकार केवल उत्तराखंड के रुड़की स्थित राहत हर्बल रेमेडीज को ही दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोग कंपनी के पंजीकृत ब्रांड नूरानी तेल और राहत के नाम पर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच रहे हैं। कंपनी का कहना है कि इन ट्रेडमार्क के तहत उत्पाद बनाने और बेचने का अधिकार केवल उनकी कंपनी को ही प्राप्त है। शिकायत में बताया गया कि मोहाली जिले के सेक्टर-82 स्थित जेएलपीएल इंडस्ट्रियल एरिया में लाफिया अयूर केयर नाम से नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। वहीं डेराबस्सी के हंसा इंडस्ट्रियल एरिया में लाफिया बायोटेक के नाम से भी इसी तरह की गतिविधियां चलने की जानकारी सामने आई।
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डेराबस्सी के थाना प्रभारी सुमित मोर के अनुसार शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस ने लाफिया अयूर केयर परिसर में छापा मारकर पीयूष श्रीवास्तव को मौके से गिरफ्तार किया है। छापे के दौरान पुलिस ने तेल के डिब्बे और ढक्कन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) निवासी मोहम्मद अरशद के कहने पर नूरानी तेल का निर्माण कर रहा था। उसके पास इसके निर्माण का कोई स्वीकृत फार्मूला या लाइसेंस नहीं था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि नकली नूरानी तेल उत्तर-प्रदेश के वाराणसी, गोरखपुर, तुलसीपुर और महाराजगंज सहित कई इलाकों में बेचा जा रहा है। उत्पादों पर फर्जी पते और ड्रग लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा था।
मामले में प्रयागराज निवासी अंकित कुमार मिश्रा, सिद्धार्थनगर निवासी मुन्नीलाल और महाराजगंज निवासी संतराम यादव के नाम भी सामने आए हैं। इन पर नकली उत्पादों के वितरण का आरोप है। वहीं नूरानी तेल के पंजीकृत ट्रेडमार्क मालिक मोहम्मद अजमल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था उनकी कंपनी के उत्पाद नूरानी तेल या नूरामेंट की नकली बनाते या बेचते पाय गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन उत्पादों के निर्माण और बिक्री का अधिकार केवल उत्तराखंड के रुड़की स्थित राहत हर्बल रेमेडीज को ही दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।