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Mohali News: पावरकॉम कर्मचारियों का दो दिवसीय सामूहिक अवकाश, मांगों को लेकर प्रदर्शन
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मोहाली। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से दो दिवसीय सामूहिक अवकाश शुरू कर दिया है। पीएसईबी इंप्लाइज सांझी तालमेल कमेटी के आह्वान पर विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने पावरकॉम कार्यालय के बाहर रोष रैली की। उन्होंने प्रबंधन और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इस प्रदर्शन में पीएसईबी इंप्लाइज फेडरेशन (एटक), टेक्निकल सर्विसेज यूनियन और एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स जैसे कई संगठन शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहले मानी गई मांगों को अभी तक लागू नहीं किया गया है। विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पद भी नहीं भरे जा रहे हैं। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। उन्होंने 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करने की भी मांग उठाई। ठेका प्रणाली समाप्त कर नियमित भर्ती करने की भी मांग की गई।
प्रमुख मांगें और चेतावनी
कर्मचारियों ने 17 जुलाई 2020 का पत्र रद्द करने की मांग की। उन्होंने छठे वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने और 23 वर्षीय वेतनमान लागू करने की भी मांग की। मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने की भी मांग की गई। यूनियन नेता सुरमुख सिंह, बलविंदर सिंह और धर्मपाल गुप्ता ने प्रबंधन के रवैये को अड़ियल बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रबंधन की होगी।
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इस प्रदर्शन में पीएसईबी इंप्लाइज फेडरेशन (एटक), टेक्निकल सर्विसेज यूनियन और एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स जैसे कई संगठन शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहले मानी गई मांगों को अभी तक लागू नहीं किया गया है। विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पद भी नहीं भरे जा रहे हैं। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। उन्होंने 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करने की भी मांग उठाई। ठेका प्रणाली समाप्त कर नियमित भर्ती करने की भी मांग की गई।
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प्रमुख मांगें और चेतावनी
कर्मचारियों ने 17 जुलाई 2020 का पत्र रद्द करने की मांग की। उन्होंने छठे वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने और 23 वर्षीय वेतनमान लागू करने की भी मांग की। मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने की भी मांग की गई। यूनियन नेता सुरमुख सिंह, बलविंदर सिंह और धर्मपाल गुप्ता ने प्रबंधन के रवैये को अड़ियल बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रबंधन की होगी।
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