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Mohali News: जीरकपुर-अंबाला हाईवे की हालत खस्ता, गड्ढों में फंस रही रफ्तार, हादसों का बढ़ा खतरा
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जीरकपुर। अंबाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। जीरकपुर फ्लाईओवर से लेकर डेराबस्सी तक सड़क जगह-जगह से टूटी है। गहरे गड्ढों ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर घग्गर नदी के पुल के दोनों तरफ हालात इतने बदतर हैं कि वाहन चालकों को रोजाना हादसे का डर सताता है। यह हाईवे चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहर को हरियाणा और दिल्ली से जोड़ता है, जहां से हजारों वाहन रोजाना गुजरते हैं।
बावजूद इसके सड़क की बदहाली प्रशासन की लापरवाही को साफ दर्शा रही है। बीस दिन पहले शुरू हुआ काम बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। केवल अस्थायी मरम्मत से काम चलाया जाता है, जो कुछ ही दिनों में फिर खराब हो जाती है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि गड्ढों के कारण न केवल वाहनों को नुकसान हो रहा है, बल्कि कई बार अचानक संतुलन बिगड़ने से हादसे भी हो रहे हैं। बारिश के समय ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और खतरा और बढ़ जाता है।
यह हाईवे अब सफर के लायक नहीं बचा है। हर दिन डर लगा रहता है कि कहीं गाड़ी गड्ढे में न फंस जाए। कई बार बाइक सवार गिरते हुए भी देखे हैं। सबसे ज्यादा खतरा दो पहिया वाहन चालकों का बना रहता है। -राजेश रावत, जीरकपुर
स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा चिंता रहती है। बसें और ऑटो झटकों से गुजरते हैं, इससे बच्चों को परेशानी होती है। घग्गर पुल पर हाइवे संकरा है। वहीं गड्ढे भी हैं। ऐसे में पीछे से आने वाले को रास्ता देते समय वाहन गड्ढों में चले जाते हैं। -अमरपाल सिंह, निवासी जीरकपुर
घग्गर पुल के पास हालत सबसे ज्यादा खराब है। भारी वाहन जैसे-तैसे निकलते हैं, लेकिन छोटे वाहन वालों के लिए यह रास्ता खतरे से खाली नहीं है। अंजान राहगीर को गड्ढों का अंदाजा नहीं होता है। वह हाइवे समझकर तेज रफ्तार में निकलते हैं। -सत्यवान ढांडा, निवासी माया गार्डन सोसाइटी
हाईवे की यह हालत प्रशासन की अनदेखी का नतीजा है। इतने व्यस्त मार्ग पर समय रहते मरम्मत होनी चाहिए थी। गड्ढे किसी की जिंदगी भी छीन सकते हैं। इस नेशनल हाइवे पर 24 घंटे वहान चलते हैं। -सत्यवीर सिंह, रिटायर्ड सूबेदार, निवासी जीरकुपर
हर दिन जाम और खराब सड़क से जूझना पड़ता है। चंडीगढ़ जैसे शहर से जुड़ा हाईवे अगर ऐसा होगा, तो बाकी जगहों का अंदाजा लगाया जा सकता है। जब हाइवे के हालत नहीं सुधर रहे तो रूरल एरिया की सड़कों में गड्ढे बने हों तो कोई बड़ी बात नहीं है। - सौरभ अग्रवाल, निवासी जीरकपुर
मैं अभी व्यस्त हूं। बाद में बात करुंगा। - रिषभ गोयल, अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
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बावजूद इसके सड़क की बदहाली प्रशासन की लापरवाही को साफ दर्शा रही है। बीस दिन पहले शुरू हुआ काम बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। केवल अस्थायी मरम्मत से काम चलाया जाता है, जो कुछ ही दिनों में फिर खराब हो जाती है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि गड्ढों के कारण न केवल वाहनों को नुकसान हो रहा है, बल्कि कई बार अचानक संतुलन बिगड़ने से हादसे भी हो रहे हैं। बारिश के समय ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और खतरा और बढ़ जाता है।
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यह हाईवे अब सफर के लायक नहीं बचा है। हर दिन डर लगा रहता है कि कहीं गाड़ी गड्ढे में न फंस जाए। कई बार बाइक सवार गिरते हुए भी देखे हैं। सबसे ज्यादा खतरा दो पहिया वाहन चालकों का बना रहता है। -राजेश रावत, जीरकपुर
स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा चिंता रहती है। बसें और ऑटो झटकों से गुजरते हैं, इससे बच्चों को परेशानी होती है। घग्गर पुल पर हाइवे संकरा है। वहीं गड्ढे भी हैं। ऐसे में पीछे से आने वाले को रास्ता देते समय वाहन गड्ढों में चले जाते हैं। -अमरपाल सिंह, निवासी जीरकपुर
घग्गर पुल के पास हालत सबसे ज्यादा खराब है। भारी वाहन जैसे-तैसे निकलते हैं, लेकिन छोटे वाहन वालों के लिए यह रास्ता खतरे से खाली नहीं है। अंजान राहगीर को गड्ढों का अंदाजा नहीं होता है। वह हाइवे समझकर तेज रफ्तार में निकलते हैं। -सत्यवान ढांडा, निवासी माया गार्डन सोसाइटी
हाईवे की यह हालत प्रशासन की अनदेखी का नतीजा है। इतने व्यस्त मार्ग पर समय रहते मरम्मत होनी चाहिए थी। गड्ढे किसी की जिंदगी भी छीन सकते हैं। इस नेशनल हाइवे पर 24 घंटे वहान चलते हैं। -सत्यवीर सिंह, रिटायर्ड सूबेदार, निवासी जीरकुपर
हर दिन जाम और खराब सड़क से जूझना पड़ता है। चंडीगढ़ जैसे शहर से जुड़ा हाईवे अगर ऐसा होगा, तो बाकी जगहों का अंदाजा लगाया जा सकता है। जब हाइवे के हालत नहीं सुधर रहे तो रूरल एरिया की सड़कों में गड्ढे बने हों तो कोई बड़ी बात नहीं है। - सौरभ अग्रवाल, निवासी जीरकपुर
मैं अभी व्यस्त हूं। बाद में बात करुंगा। - रिषभ गोयल, अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण