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दिखावा न शोर-शराबा: अलवर में IAS अफसरों ने रचाई सादगीभरी शादी, बिना तामझाम के मिनी सचिवालय में लिए सात फेरे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: अलवर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 10:19 PM IST
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सार
भव्य शादियों के दौर में 2023 बैच के आईएएस अधिकारी माधव भारद्वाज और अदिति वार्ष्णेय ने अलवर मिनी सचिवालय में सादगी से विवाह पंजीकरण कर नई मिसाल पेश की। कलेक्टर के समक्ष बिना तामझाम सिर्फ परिवार की मौजूदगी में शादी संपन्न हुई। पढ़ें पूरी खबर
दो युवा IAS ने ऐसे रचाया विवाह।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जहां आज के दौर में शादियां भव्यता और फिजूलखर्ची का पर्याय बन चुकी हैं। वहीं, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो युवा अधिकारियों ने सादगी की एक नई मिसाल पेश की है। साल 2023 बैच के आईएएस अधिकारी माधव भारद्वाज और अदिति वार्ष्णेय बुधवार को अलवर के मिनी सचिवालय में बिना किसी तामझाम के विवाह के पावन बंधन में बंध गए।
कलेक्टर के समक्ष कराया विवाह पंजीकरण
अलवर में उपखंड अधिकारी (SDM) के पद पर तैनात माधव भारद्वाज और गुजरात के जामनगर में SDM अदिति वार्ष्णेय ने जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के समक्ष अपनी शादी रजिस्टर्ड करवाई। इस दौरान न तो बैंड-बाजा था और न ही कोई दिखावा। समारोह में केवल दोनों के माता-पिता और भाई-बहन ही उपस्थित रहे।
ट्रेनिंग के दौरान शुरू हुआ सफर
मसूरी निवासी माधव और उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली अदिति की मुलाकात आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। पहले ही प्रयास में सफलता पाने वाले इन टॉपर्स की दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदली और दोनों ने परिवार की सहमति से साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया।
रीति-रिवाज और सामाजिक संदेश
दंपति ने बताया कि वे जल्द ही शुभ मुहूर्त देखकर मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार फेरे लेंगे, लेकिन वह कार्यक्रम भी पूरी तरह निजी और शांत होगा। माधव और अदिति का मानना है कि शादी जैसे पवित्र बंधन के लिए दिखावे की नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और सादगी की आवश्यकता होती है। दोनों अधिकारियों के इस कदम की प्रशासनिक हलकों और समाज में जमकर सराहना हो रही है। यह विवाह संदेश देता है कि उच्च पदों पर आसीन व्यक्ति यदि फिजूलखर्ची के विरुद्ध खड़े हों, तो समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
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कलेक्टर के समक्ष कराया विवाह पंजीकरण
अलवर में उपखंड अधिकारी (SDM) के पद पर तैनात माधव भारद्वाज और गुजरात के जामनगर में SDM अदिति वार्ष्णेय ने जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के समक्ष अपनी शादी रजिस्टर्ड करवाई। इस दौरान न तो बैंड-बाजा था और न ही कोई दिखावा। समारोह में केवल दोनों के माता-पिता और भाई-बहन ही उपस्थित रहे।
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ट्रेनिंग के दौरान शुरू हुआ सफर
मसूरी निवासी माधव और उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली अदिति की मुलाकात आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। पहले ही प्रयास में सफलता पाने वाले इन टॉपर्स की दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदली और दोनों ने परिवार की सहमति से साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया।
रीति-रिवाज और सामाजिक संदेश
दंपति ने बताया कि वे जल्द ही शुभ मुहूर्त देखकर मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार फेरे लेंगे, लेकिन वह कार्यक्रम भी पूरी तरह निजी और शांत होगा। माधव और अदिति का मानना है कि शादी जैसे पवित्र बंधन के लिए दिखावे की नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और सादगी की आवश्यकता होती है। दोनों अधिकारियों के इस कदम की प्रशासनिक हलकों और समाज में जमकर सराहना हो रही है। यह विवाह संदेश देता है कि उच्च पदों पर आसीन व्यक्ति यदि फिजूलखर्ची के विरुद्ध खड़े हों, तो समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।