बांसवाड़ा में बड़ा सड़क हादसा: बारातियों से भरी बस पलटी, तीन लोगों की मौत; 35 यात्री घायल
बांसवाड़ा जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर एक बस पलट गई है। बस में सवार तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 35 लोग घायल हैं। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
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बांसवाड़ा जिले के कलिंजरा थाना क्षेत्र के घोटिया आंबा इलाके में शुक्रवार शाम को बारातियों से भरी एक निजी बस पलट गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के संदलई गांव से चिमनलाल नामक युवक की बारात घोटिया आंबा के समीप गांव वडलीपाड़ा गई थी।
शादी समारोह के बाद दूल्हा-दुल्हन कार में तथा बाराती शुक्रवार शाम को रवाना हुए। बारात की बस वापसी में घोटिया आंबा होते हुए संदलई जाने के लिए दाहोद मुख्य मार्ग की ओर जा रही थी। इसी दौरान घोटिया आंबा की घाटी उतरते समय बस अनियंत्रित हो गई और कुछ दूरी पर जाकर तीन बार पलट गई। बस पलटते ही मौके पर चीख-मच गई। इस बीच तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, 35 लोग घायल हैं। घायलों की संख्या और भी बढ़ सकती है।
बस पलटने की जानकारी मिलने पर आसपास के गांवों से लोग मौके पर पहुंचे और घायलों की सार-संभाल की। लोगों की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। एंबुलेंस बुलवाकर घायलों को जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी चिकित्सालय के लिए भिजवाया गया।
अफरा-तफरी का हुआ माहौल
अलग-अलग एंबुलेंस से जैसे ही घायलों को लाना शुरू किया गया, वैसे ही घायलों के परिजन भी अस्पताल पहुंचने लगे, जिससे यहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रॉमा सेंटर में घायलों को भर्ती किया गया। चोटों के कारण मरीज दर्द से कराहते रहे। उनके साथ आए परिजन उन्हें दिलासा देते रहे।
विधायक, कलेक्टर, एसपी पहुंचे
हादसे की सूचना मिलने के बाद बांसवाड़ा विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया, बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल, जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव, पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह, राजतालाब थानाधिकारी देवीलाल और शहर कोतवाल बुधराम बिश्नोई भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने हादसे की जानकारी ली और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। बाद में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल के लिए भी रवाना हुए।
अस्पताल की टीम में दिखा समन्वय
हादसे में बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल में पहले से ही व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई थीं। चिकित्सक और स्टाफ सदस्य जैसे ही घायल पहुंचने लगे, उनके उपचार में जुट गए। गंभीर चोटों वाले मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। वहीं जिन लोगों को हल्की चोटें आई थीं, उन्हें प्राथमिक उपचार देकर पट्टी कर दी गई।
मृतक कमला पत्नी हकरू, दलू पुत्र भूरा और टीटा पुत्र चोखा (जोखा) के शव मोर्चरी में रखवाए गए हैं। पोस्टमार्टम शनिवार को किया जाएगा।