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Rajasthan: लोकार्पण पट्टिका पर नाम को लेकर भिड़े भाजपाई, मंत्री के सामने जमकर हंगामा
Fri, 14 Aug 2026 09:15 PM IST
बूँदी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: बूँदी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 09:15 PM IST
सार
Rajasthan News: बूंदी के नैनवां में नवल सागर पाल के सौंदर्यीकरण कार्य के लोकार्पण समारोह में पट्टिका पर नाम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में विवाद हो गया। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।
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बूंदी में ऊर्जा मंत्री के सामने भाजपाइयों में तकरार
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जिले के नैनवां में भाजपा की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आ गई। नवल सागर पाल के सौंदर्यीकरण कार्य के लोकार्पण समारोह के दौरान लोकार्पण पट्टिका में नाम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। इस दौरान मंत्री के सामने कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए और विरोध जताया। जमकर हंगामा हुआ।
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मंत्री और पूर्व मंत्री के सामने खुलकर जताई नाराजगी
खास बात यह रही कि कार्यकर्ताओं ने अपनी आपत्ति प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं बूंदी जिले के प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर और पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी की मौजूदगी में खुलकर रखी। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान पट्टिका में नामों को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष दिखाई दिया। उनका कहना था कि नैनवां शहर क्षेत्र में हुए विकास कार्य की पट्टिका में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।
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‘स्थानीय प्रतिनिधियों को क्यों किया गया नजरअंदाज?’
कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि पट्टिका में नैनवां की निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष सरिता नागर और भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष अनिल रंगीला का नाम नहीं है, जबकि नैनवां के पूर्व प्रधान पदम कुमार नागर का नाम अंकित किया गया है। इसी को लेकर कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में अपनी नाराजगी जाहिर की।
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मंत्री के सामने बोले- विकास कार्यों में मिले सम्मान
विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने मंत्री हीरालाल नागर और पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी के सामने कहा कि स्थानीय स्तर पर होने वाले विकास कार्यों में क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों को सम्मान मिलना चाहिए। उनका तर्क था कि जिस क्षेत्र में विकास कार्य कराया जा रहा है, वहां के स्थानीय प्रतिनिधियों की भूमिका और सम्मान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उदाहरण देकर समझाया अपना विरोध
कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि किसी ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्य हो और वहां के सरपंच, प्रधान, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य या जिला परिषद सदस्य का नाम हटाकर किसी दूसरे क्षेत्र के प्रतिनिधि का नाम पट्टिका पर लगा दिया जाए, तो इसे भी उचित नहीं माना जाएगा। इसी तर्क के जरिए उन्होंने नैनवां की पट्टिका में नामों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
पट्टिका का विवाद बना गुटीय खींचतान की वजह
कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बाद कार्यक्रम में कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। मामला केवल पट्टिका पर नाम होने या नहीं होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे नैनवां भाजपा में चल रही अंदरूनी खींचतान भी सामने आ गई। वरिष्ठ नेताओं के सामने कार्यकर्ताओं के खुलकर विरोध जताने के बाद स्थानीय भाजपा में गुटीय समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
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चुनाव से पहले नाराजगी ने बढ़ाई पार्टी की चिंता
नैनवां में आगामी निकाय चुनावों से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं की यह नाराजगी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर अलग-अलग खेमों के बीच राजनीतिक खींचतान की चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में मंत्री और पूर्व मंत्री की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं का खुलकर विरोध करना स्थानीय भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
कई कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराया विरोध
विरोध दर्ज कराने वालों में फुखराज ओसवाल, आशीष जैन, राजेंद्र जैन, केसरलाल नोंगिया, मनोज भाट्ट, अखिलेश उपाध्याय, रामबाबू वर्मा, कपिल पोरवाल, रामस्वरूप गुर्जर, सोनलाल नागर और महावीर सिंधव सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम विकास कार्य के उद्घाटन के बजाय कार्यकर्ताओं की नाराजगी और आपसी खींचतान के कारण चर्चा में आ गया।