{"_id":"6a3b4b1e28cfcaef8b0f6fd9","slug":"si-recruitment-2021-paper-leak-another-candidate-arrested-for-using-leaked-questions-linked-to-rpsc-member-jaipur-news-c-1-1-noi1422-4429367-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"SI भर्ती पेपर लीक में बड़ी कार्रवाई: 10 हजार का इनामी अभ्यर्थी मनीष गिरफ्तार; बाबूलाल कटारा से जुड़े हैं तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
SI भर्ती पेपर लीक में बड़ी कार्रवाई: 10 हजार का इनामी अभ्यर्थी मनीष गिरफ्तार; बाबूलाल कटारा से जुड़े हैं तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 11:50 AM IST
विज्ञापन
सार
एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में एसओजी ने मनीष दाधीच को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने लीक प्रश्नोत्तर पढ़कर परीक्षा दी थी। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मामले में अब तक 147 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपी मनीष दाधीच
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
राजस्थान में चर्चित उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मनीष दाधीच नामक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने परीक्षा से पहले लीक हुए प्रश्नों और उत्तरों का अध्ययन कर भर्ती परीक्षा में अनुचित लाभ प्राप्त किया था।
पुरूषोत्तम दाधीच के जरिए प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए थे
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी थाना में दर्ज प्रकरण संख्या 10/2024 की जांच के दौरान मनीष दाधीच की भूमिका सामने आई। जांच में पता चला कि उसे उसके भाई पुरूषोत्तम दाधीच के माध्यम से लीक प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए गए थे। बताया जा रहा है कि पुरूषोत्तम को यह सामग्री संदीप कुमार लाटा से मिली थी, जबकि प्रश्नोत्तर कथित रूप से तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा लीक किए गए थे।
लीक सामग्री का अध्यन किया
जांच के अनुसार, मनीष दाधीच ने परीक्षा से पहले लीक सामग्री का अध्ययन किया और उसी के आधार पर एसआई भर्ती परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा में शामिल हुआ। परीक्षा परिणाम में उसे हिन्दी विषय में 200 में से 170.08 अंक और सामान्य ज्ञान विषय में 200 में से 158.69 अंक प्राप्त हुए थे। हालांकि साक्षात्कार में अपेक्षित अंक हासिल नहीं कर पाने के कारण वह अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सका।
विज्ञापन
आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया
एसओजी ने बताया कि इस मामले में पुरूषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 और संदीप कुमार लाटा को 4 जून 2025 को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। वर्तमान में दोनों आरोपी जमानत पर हैं और उन्हें संबंधित विभागों से निलंबित भी किया जा चुका है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था
जांच एजेंसी के अनुसार, मनीष दाधीच लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आखिरकार एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुलिस अभिरक्षा में भेजा गया।
ये भी पढ़ें- राजस्थान भर्ती घोटाला: चार नंबर वाले को मिले 165 अंक, दो नंबर वाला चयन सूची में पहुंचा; एसओजी ने किया खुलासा
147 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
एसओजी अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक इस प्रकरण में 147 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है।
पुरूषोत्तम दाधीच के जरिए प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए थे
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी थाना में दर्ज प्रकरण संख्या 10/2024 की जांच के दौरान मनीष दाधीच की भूमिका सामने आई। जांच में पता चला कि उसे उसके भाई पुरूषोत्तम दाधीच के माध्यम से लीक प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए गए थे। बताया जा रहा है कि पुरूषोत्तम को यह सामग्री संदीप कुमार लाटा से मिली थी, जबकि प्रश्नोत्तर कथित रूप से तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा लीक किए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लीक सामग्री का अध्यन किया
जांच के अनुसार, मनीष दाधीच ने परीक्षा से पहले लीक सामग्री का अध्ययन किया और उसी के आधार पर एसआई भर्ती परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा में शामिल हुआ। परीक्षा परिणाम में उसे हिन्दी विषय में 200 में से 170.08 अंक और सामान्य ज्ञान विषय में 200 में से 158.69 अंक प्राप्त हुए थे। हालांकि साक्षात्कार में अपेक्षित अंक हासिल नहीं कर पाने के कारण वह अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सका।
आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया
एसओजी ने बताया कि इस मामले में पुरूषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 और संदीप कुमार लाटा को 4 जून 2025 को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। वर्तमान में दोनों आरोपी जमानत पर हैं और उन्हें संबंधित विभागों से निलंबित भी किया जा चुका है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था
जांच एजेंसी के अनुसार, मनीष दाधीच लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आखिरकार एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुलिस अभिरक्षा में भेजा गया।
ये भी पढ़ें- राजस्थान भर्ती घोटाला: चार नंबर वाले को मिले 165 अंक, दो नंबर वाला चयन सूची में पहुंचा; एसओजी ने किया खुलासा
147 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
एसओजी अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक इस प्रकरण में 147 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है।