लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद जयपुर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जयपुर नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब इलाकों में संयुक्त रूप से व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की गई।
अभियान के तहत अधिकारियों ने फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट और आपदा की स्थिति में निकासी संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई। इसके बाद नगर निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 14 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया। प्रशासन का कहना है कि इन संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं या तो अधूरी थीं या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं।
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इसके अलावा 24 से अधिक कोचिंग संस्थानों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। इन संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दूर करने और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी जांचा कि भवनों में स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम कार्यशील हैं या नहीं, अग्निशमन उपकरण एक्सपायर तो नहीं हो चुके हैं तथा आपातकालीन निकासी मार्ग खुले और सुगम हैं या नहीं।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार जयपुर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हैं। ऐसे में किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद आवश्यक है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में जयपुर नगर निगम के चीफ फायर ऑफिसर देवेंद्र मीणा और असिस्टेंट फायर ऑफिसर देवांग यादव ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी संस्थानों को फायर सेफ्टी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।