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SI Paper Leak: एसओजी की बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड हर्षवर्धन मीणा का भाई गिरफ्तार; 45 लाख में हुआ था सौदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 08:33 AM IST
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सार
राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में एसओजी ने मुख्य सरगना हर्षवर्धन मीणा के भाई पुष्पेंद्र मीणा को गिरफ्तार किया है। जांच में 45 लाख रुपये में पेपर लीक का सौदा होने का खुलासा हुआ है। मामले में अब तक 146 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
अभियुक्त पुष्पेन्द्र कुमार मीणा
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजस्थान की बहुचर्चित उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा के भाई पुष्पेन्द्र कुमार मीणा को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि पुलिस थाना एसओजी में दर्ज प्रकरण संख्या 10/2024 की जांच के दौरान महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
45 लाख रुपये में सौदा किया था
जांच में पाया गया कि उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा से पहले पेपर लीक सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा ने स्वरूपचन्द मीणा से 45 लाख रुपये में सौदा किया था। इस सौदे के तहत स्वरूपचन्द के पुत्र बृजेश कुमार मीणा को हर्षवर्धन के भाई पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने परीक्षा पूर्व लीक हुआ सॉल्वड पेपर पढ़ाया था।
शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल हुआ
एसओजी के अनुसार, लीक पेपर पढ़ने के बाद बृजेश कुमार मीणा ने परीक्षा में हिन्दी विषय में 200 में से 116.23 अंक तथा सामान्य ज्ञान विषय में 200 में से 126.01 अंक प्राप्त किए और लिखित परीक्षा अवैध तरीके से उत्तीर्ण कर ली। हालांकि वह बाद में शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल हो गया, जिसके कारण उसका अंतिम चयन उपनिरीक्षक पद पर नहीं हो पाया। बृजेश कुमार मीणा की लिखित परीक्षा 15 सितम्बर 2021 को अजमेर में आयोजित हुई थी।
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11 जून को एसओजी ने किया था गिरफ्तार
प्रकरण में एसओजी ने बृजेश कुमार मीणा को 11 जून 2026 को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर 14 जून 2026 को पुष्पेन्द्र कुमार मीणा को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे 18 जून 2026 तक पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया है।
ये भी पढ़ें- Bihar: स्कूल में ही मिट्टी की जांच करना सीखेंगे छात्र, विजय सिन्हा ने 629 सॉयल हेल्थ लैब लगाने का किया एलान
फायरमैन चालक के पद पर तैनात रह चुका है पुष्पेंद्र
जांच में यह भी सामने आया है कि पुष्पेन्द्र कुमार मीणा पूर्व में दौसा में फायरमैन चालक के पद पर तैनात रहा है। उसके खिलाफ रेवेन्यू ऑफिसर ग्रेड-2 एवं अधिशाषी अधिकारी ग्रेड-4 (ईओ-आरओ) भर्ती परीक्षा-2022 में जन्मतिथि में हेरफेर कर अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाने का मामला भी दर्ज है। इस संबंध में पुलिस थाना सिविल लाइंस, अजमेर में प्रकरण संख्या 465/2023 दर्ज है।
एसओजी के अनुसार, एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक कुल 146 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच जारी है और आगे भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
45 लाख रुपये में सौदा किया था
जांच में पाया गया कि उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा से पहले पेपर लीक सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा ने स्वरूपचन्द मीणा से 45 लाख रुपये में सौदा किया था। इस सौदे के तहत स्वरूपचन्द के पुत्र बृजेश कुमार मीणा को हर्षवर्धन के भाई पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने परीक्षा पूर्व लीक हुआ सॉल्वड पेपर पढ़ाया था।
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शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल हुआ
एसओजी के अनुसार, लीक पेपर पढ़ने के बाद बृजेश कुमार मीणा ने परीक्षा में हिन्दी विषय में 200 में से 116.23 अंक तथा सामान्य ज्ञान विषय में 200 में से 126.01 अंक प्राप्त किए और लिखित परीक्षा अवैध तरीके से उत्तीर्ण कर ली। हालांकि वह बाद में शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल हो गया, जिसके कारण उसका अंतिम चयन उपनिरीक्षक पद पर नहीं हो पाया। बृजेश कुमार मीणा की लिखित परीक्षा 15 सितम्बर 2021 को अजमेर में आयोजित हुई थी।
11 जून को एसओजी ने किया था गिरफ्तार
प्रकरण में एसओजी ने बृजेश कुमार मीणा को 11 जून 2026 को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर 14 जून 2026 को पुष्पेन्द्र कुमार मीणा को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे 18 जून 2026 तक पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया है।
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फायरमैन चालक के पद पर तैनात रह चुका है पुष्पेंद्र
जांच में यह भी सामने आया है कि पुष्पेन्द्र कुमार मीणा पूर्व में दौसा में फायरमैन चालक के पद पर तैनात रहा है। उसके खिलाफ रेवेन्यू ऑफिसर ग्रेड-2 एवं अधिशाषी अधिकारी ग्रेड-4 (ईओ-आरओ) भर्ती परीक्षा-2022 में जन्मतिथि में हेरफेर कर अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाने का मामला भी दर्ज है। इस संबंध में पुलिस थाना सिविल लाइंस, अजमेर में प्रकरण संख्या 465/2023 दर्ज है।
एसओजी के अनुसार, एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक कुल 146 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच जारी है और आगे भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।