सीमेंट प्लांट में तोड़फोड़ और मारपीट: श्रमिकों ने किया उग्र प्रदर्शन, सुपरवाइजर से कहासुनी के बाद भड़का विवाद
Jaisalmer News: जैसलमेर के पारेवर स्थित वंडर सीमेंट प्लांट में सुपरवाइजर और मजदूर के विवाद के बाद हजारों श्रमिक उग्र हो गए। प्लांट में तोड़फोड़ और मारपीट हुई। पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। मामले की जांच जारी है।
विस्तार
जैसलमेर जिले के पारेवर गांव स्थित वंडर सीमेंट प्लांट में एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। सुपरवाइजर और एक मजदूर के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते हजारों श्रमिकों के उग्र आंदोलन में बदल गई। प्लांट परिसर में तोड़फोड़, मारपीट और अफरातफरी का माहौल बन गया। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा और स्थिति नियंत्रित करने के लिए चार थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
रामगढ़ थाना प्रभारी भुट्टा राम विश्नोई के अनुसार, सुबह प्लांट में कार्य के दौरान एक सुपरवाइजर ने एक मजदूर को साइट पर जाने से रोका। मजदूर ने आदेश मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि बात बढ़ने पर सुपरवाइजर ने मजदूर को थप्पड़ मार दिया। इस घटना से वहां मौजूद अन्य मजदूर आक्रोशित हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार थप्पड़ की खबर कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई और मजदूरों ने इसे अपमानजनक व्यवहार बताते हुए सामूहिक विरोध शुरू कर दिया।
विरोध से हिंसा तक बढ़ी स्थिति
शुरुआत में मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए प्रबंधन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया, लेकिन कुछ ही देर में हालात बेकाबू हो गए। गुस्साए श्रमिकों ने प्लांट में मौजूद अधिकारियों और स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी। कई अधिकारियों को जान बचाने के लिए इधर-उधर छिपना पड़ा, जबकि कुछ अपनी गाड़ियों में बैठकर किसी तरह प्लांट से बाहर निकल गए। इसके बाद भीड़ ने प्लांट की संपत्तियों को निशाना बनाया। दरवाजे, कार्यालयों के शीशे, गार्ड के केबिन, फर्नीचर और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया। सामने आए वीडियो में मजदूर लाठी-डंडों के साथ परिसर में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस बल कम पड़ा, अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई
घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हजारों की संख्या में मौजूद मजदूरों के सामने पुलिस बल कम साबित हुआ। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन हालात नियंत्रण से बाहर होते देख जवानों को पीछे हटना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ ने पुलिसकर्मियों को भी दौड़ा लिया। कुछ मजदूरों के हाथों में लाठी-डंडे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त बल की मांग की गई और चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अतिरिक्त फोर्स पहुंचने के बाद स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आई।
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सुपरवाइजर प्लांट से निकला, प्रबंधन की चुप्पी
सूत्रों के अनुसार, विवाद का केंद्र रहा सुपरवाइजर अपनी गाड़ी में बैठकर प्लांट से निकलने में सफल रहा। लेकिन देर शाम तक प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रबंधन की चुप्पी और कथित बदसलूकी ने मजदूरों के आक्रोश को और बढ़ाया।
जिले के औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी घटना
जैसलमेर के औद्योगिक क्षेत्र में इस प्रकार का उग्र श्रमिक आंदोलन पहले कभी देखने को नहीं मिला। हजारों मजदूरों का एक साथ एकजुट होकर हिंसक प्रदर्शन करना जिले के औद्योगिक इतिहास की बड़ी घटनाओं में माना जा रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और प्लांट परिसर सहित आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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