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Rajasthan: छात्रसंघ चुनाव की मांग पर ABVP भी मैदान में, बोली- जल्द चुनाव नहीं हुए तो होगा उग्र आंदोलन
Fri, 07 Aug 2026 05:09 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 05:09 PM IST
सार
Rajasthan News: राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। कोटा में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज कैंपस में प्रदर्शन कर चुनाव कराने की मांग की और प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने जल्द चुनाव नहीं होने पर प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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एबीवीपी ने चुनाव को लेकर किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन पूरे प्रदेश में लगातार जारी है। जहां एनएसयूआई की ओर से चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन जारी है, वहीं अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी भी मैदान में कूद चुकी है। राजस्थान के कोटा जिले में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज कैंपस में प्रदर्शन कर चुनाव बहाल कराने की मांग की और प्राचार्य को ज्ञापन भी सौंपा।
मध्य प्रदेश में चुनाव बहाल होने का हवाला
ABVP की महानगर मंत्री दिव्यांशी मुरादिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में पिछले 10 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे थे, लेकिन अब वहां चुनाव कराने की घोषणा हो गई है। ऐसे में हमारी मांग है कि राजस्थान में भी जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव करवाए जाएं, ताकि छात्रों को अपना अधिकार मिल सके। छात्रसंघ चुनाव होने से विद्यार्थियों को नेतृत्व करने का अवसर मिलता है। साथ ही कॉलेज प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने में भी मदद मिलती है।
'राजनीति की पहली सीढ़ी हैं छात्रसंघ चुनाव'
छात्र नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव राजनीति की पहली सीढ़ी होते हैं और यहीं से प्रभावी नेता चुने जाते हैं। ऐसे में हर साल छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए। राजस्थान में कई साल से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगी हुई है, जिसकी वजह से छात्रों की बात प्रशासन और सरकार तक नहीं पहुंच पा रही है। छात्रों की मांग है कि छात्रसंघ चुनाव की तारीखों की जल्द घोषणा की जाए।
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चुनाव नहीं हुए तो पूरे प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी
ABVP ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगा। एबीवीपी ने कहा कि आंदोलन के लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
2022-23 में हुए थे आखिरी छात्रसंघ चुनाव
यूं तो राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव हर साल होते रहे हैं, लेकिन आखिरी बार वर्ष 2022-23 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे। इसके बाद से अब तक चुनाव पर रोक लगी हुई है। उस समय गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज से एबीवीपी के छात्रसंघ अध्यक्ष बने मनीष सामरिया ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव हमेशा नियमों के तहत हुए हैं। इन चुनावों में चुने जाने वाले प्रतिनिधि पूरी जिम्मेदारी के साथ छात्रों के साथ खड़े रहते हैं और उनकी आवाज को बुलंद करते हैं।
यह भी पढ़ें: देवराज पलाड़ा मामले पर समाज और सरकार में बनी सहमति, पीड़ित परिवार को मिली त्वरित सहायता
चुनाव नहीं होने से छात्रों का नेतृत्व खत्म होने का दावा
मनीष सामरिया ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने की वजह से छात्रों का एक तरह का नेतृत्व खत्म हो गया है। उन्होंने मांग की कि राजस्थान में जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, ताकि छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने और अपनी आवाज मजबूती से उठाने का अवसर मिल सके।
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मध्य प्रदेश में चुनाव बहाल होने का हवाला
ABVP की महानगर मंत्री दिव्यांशी मुरादिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में पिछले 10 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे थे, लेकिन अब वहां चुनाव कराने की घोषणा हो गई है। ऐसे में हमारी मांग है कि राजस्थान में भी जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव करवाए जाएं, ताकि छात्रों को अपना अधिकार मिल सके। छात्रसंघ चुनाव होने से विद्यार्थियों को नेतृत्व करने का अवसर मिलता है। साथ ही कॉलेज प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने में भी मदद मिलती है।
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'राजनीति की पहली सीढ़ी हैं छात्रसंघ चुनाव'
छात्र नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव राजनीति की पहली सीढ़ी होते हैं और यहीं से प्रभावी नेता चुने जाते हैं। ऐसे में हर साल छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए। राजस्थान में कई साल से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगी हुई है, जिसकी वजह से छात्रों की बात प्रशासन और सरकार तक नहीं पहुंच पा रही है। छात्रों की मांग है कि छात्रसंघ चुनाव की तारीखों की जल्द घोषणा की जाए।
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चुनाव नहीं हुए तो पूरे प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी
ABVP ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगा। एबीवीपी ने कहा कि आंदोलन के लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
2022-23 में हुए थे आखिरी छात्रसंघ चुनाव
यूं तो राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव हर साल होते रहे हैं, लेकिन आखिरी बार वर्ष 2022-23 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे। इसके बाद से अब तक चुनाव पर रोक लगी हुई है। उस समय गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज से एबीवीपी के छात्रसंघ अध्यक्ष बने मनीष सामरिया ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव हमेशा नियमों के तहत हुए हैं। इन चुनावों में चुने जाने वाले प्रतिनिधि पूरी जिम्मेदारी के साथ छात्रों के साथ खड़े रहते हैं और उनकी आवाज को बुलंद करते हैं।
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चुनाव नहीं होने से छात्रों का नेतृत्व खत्म होने का दावा
मनीष सामरिया ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने की वजह से छात्रों का एक तरह का नेतृत्व खत्म हो गया है। उन्होंने मांग की कि राजस्थान में जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, ताकि छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने और अपनी आवाज मजबूती से उठाने का अवसर मिल सके।