सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Kota News ›   Shankaracharya slams VIP darshan demands ban warns supporters of cow slaughter will incur sin

Kota: 'वीआईपी दर्शन हो बंद'; जमकर बरसे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- गौ-हत्या करने वालों को लगेगा पाप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Sat, 11 Apr 2026 02:09 PM IST
विज्ञापन
सार

कोटा प्रवास के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ-धाम स्थापना, सनातन धर्म में बढ़ते पाखंड, मंदिरों में वीआईपी दर्शन और मतदान प्रक्रिया पर अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने गौ रक्षा, समान दर्शन व्यवस्था और धर्म का सही से पालन पर जोर दिया।

Shankaracharya slams VIP darshan demands ban warns supporters of cow slaughter will incur sin
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कोटा दौरे पर पहुंचे - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आज कोटा प्रवास पर हैं। इस दौरान उनसे मिलने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए कोटा में कई प्रयोग हो रहे हैं। हमारे द्वारा हर विधानसभा में एक गौ-धाम की स्थापना की जा रही है। इसलिए हमारा यहां आना जरूरी था। हमें उम्मीद है कि कोटा गौमाता की रक्षा के लिए कई ऐसे कदम उठा रहा है, जिसकी सराहना की जानी चाहिए।
Trending Videos


सनातन धर्म में दिखावा और पाखंड बढ़ रहा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन धर्म में दिखावा और पाखंड बढ़ रहा है। धर्म का कोई पालन नहीं करना चाहता और धार्मिक होने का दिखावा किया जा रहा है। इसे देखकर लोग धर्म से दूर होते जा रहे हैं। इसी वजह से सनातन धर्म के बहुत नीचे चले जाने का खतरा उत्पन्न हो रहा है, इसलिए हमारे द्वारा यह मुहिम चलाई जा रही है, ताकि नकली हिंदूत्व पीछे जाए और असली धर्म सामने आए। साथ ही उन्होंने पाखंड करने वाले लोगों पर कहा कि उन्हें हमारी बात पसंद नहीं आती है। वे चाहते हैं कि जो वे कर रहे हैं, वही सही माना जाए। हमें कोई भी न रोके।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंदिर में वीआईपी दर्शन पर रोक
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मंदिरों में वीआईपी दर्शन को लेकर कहा कि मंदिर इसलिए बनाए जाते हैं ताकि श्रद्धालु और उनके आराध्य के बीच की दूरी कम हो और सभी भक्त अपने आराध्य के पास रहें। दुनिया में भेदभाव हर जगह है, लेकिन मंदिर ही एक स्थान था जहां सभी समान माने जाते थे। आज मंदिरों में भी वीआईपी व्यवस्था लागू हो गई है और यह देखा जा रहा है कि किसके पास पैसा है और कौन बिना पैसे के आया है। हमारा मानना है कि मंदिरों में वीआईपी दर्शन बंद होने चाहिए ताकि सभी श्रद्धालुओं के साथ समान व्यवहार हो और बिना भेदभाव के दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

ये भी पढ़ें- एक्शन मोड में मुख्यमंत्री भजनलाल, कानून व्यवस्था को लेकर दिखाई सख्ती; अफसरों को दिए ये फरमान

मतदान प्रक्रिया पर शंकराचार्य ने उठाए सवाल
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि हमारे हिंदू धर्म में यह नियम है कि हम जो भी कार्य करते हैं, उसमें धर्म और अधर्म का विचार करते हैं और यह देखते हैं कि हमारे कार्य से पाप होगा या पुण्य। मतदान के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को मतदान करना पड़ता है, लेकिन हिंदू को यह विचार करना चाहिए कि मतदान करने से उसे पाप लगेगा या पुण्य। क्योंकि यदि जिस व्यक्ति या पार्टी को वोट दिया गया, वह आगे चलकर गौ हत्या जैसे कार्यों को बढ़ावा देती है, तो उसका पाप उस व्यक्ति को भी लगेगा जिसने उसे वोट देकर जिताया है। इसलिए हिंदू को यह विचार करना चाहिए कि मतदान करके वह किसी पाप का भागीदार न बने।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed