{"_id":"63f3610150612cf9970bd37c","slug":"kota-student-suicide-53-cases-of-suicide-of-coaching-students-in-kota-division-in-four-years-2023-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kota Student Suicide: चार साल में 53 कोचिंग स्टूडेंट्स ने की आत्महत्या, सरकार के ये दावे भी जान लीजिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kota Student Suicide: चार साल में 53 कोचिंग स्टूडेंट्स ने की आत्महत्या, सरकार के ये दावे भी जान लीजिए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 20 Feb 2023 05:31 PM IST
विज्ञापन
सार
राजस्थान की गहलोत सरकार ने भी माना है कि कोचिंग छात्र-छात्राओं की आत्महत्या के मामले प्रदेश में बढ़ रहे हैं। अकेले कोटा संभाग में विगत चार साल 2019 से 2022 तक स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों के आत्महत्या के कुल 53 मामले दर्ज हुए हैं।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
विस्तार
कोटा संभाग में कोचिंग छात्रों के आत्महत्या के मामलों को लेकर 24 जनवरी 2023 को विधायक पानाचंद मेघवाल की ओर से विधानसभा में प्रश्न पूछा गया था, जिसका जवाब सरकार ने दिया है। विधायक पानाचंद मेघवाल ने सरकार से सवाल पूछा था कि कोटा संभाग में विगत चार साल में स्कूल-कॉलेज और कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों के द्वारा आत्महत्या किए जाने के कितने मामले दर्ज हुए हैं। साथ ही कोटा शहर में विद्यार्थियों के द्वारा आत्महत्या के प्रमुख कारण क्या रहे? तथा सरकार ने विद्यार्थियों की काउंसलिंग और सुरक्षा के लिए क्या-क्या प्रयास किए हैं।
Trending Videos
जिसका जवाब देते हुए सरकार की ओर से कहा गया है कि कोटा संभाग में विगत चार साल 2019 से 2022 में स्कूल-कॉलेज और कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों की आत्महत्या के कुल 53 मामले दर्ज हुए हैं। अपने जवाब में सरकार ने जो प्रमुख कारण आत्महत्या के गिनाए हैं, उनमें कोचिंग सेंटर में होने वाले टेस्ट में छात्रों के पिछड़ जाने के कारण उनमें आत्मविश्वास की कमी होना, माता-पिता की छात्रों से उच्च महत्वाकांक्षा होना, छात्रों में शारीरिक मानसिक और पढ़ाई संबंधित तनाव उत्पन्न होना, आर्थिक तंगी, ब्लैकमेलिंग और प्रेम-प्रसंग जैसे प्रमुख कारण भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए...
सरकार ने अपने जवाब में बताया कि स्कूल शिक्षा ग्रुप-5 की ओर से कोटा शहर और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कोटा सहित प्रदेश भर में संचालित कोचिंग सेंटरों में अध्यनरत विद्यार्थी को मानसिक संबल और सुरक्षा प्रदान करने के लिए 13 जून 2018 से 11 नवंबर 2022 को दिशा-निर्देश जारी किया गए हैं। इसमें जिला स्तरीय समिति के इसके जरिए जिला कलेक्टर कोटा के द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए।
विद्यार्थियों के अभिभावकों का जिला प्रशासन से सीधा संपर्क स्थापित किए जाने के लिए अद्यतन तकनीकी युक्त समस्या समाधान तंत्र स्थापित किया जाए। छात्र-छात्राओं के अध्ययन के तनाव को कम करने के लिए उनके कोचिंग में आवासीय क्षेत्रों के निकट मनोरंजन, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों की सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिला कलेक्टर के निर्देशन में नगर निगम कोटा की ओर से एक मिनी सुविधा केंद्र स्थापित किया जाए, जिसके लिए आर्थिक सहयोग जनहित में कोचिंग संस्थानों से लिया जा सकता है। इधर, सरकार ने अपने जवाब में भी माना है कि कोचिंग संस्थाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल एंड रेगुलेशन बिल 2023 लाया जाना प्रक्रियाधीन है।