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LPG Crisis: कोटा में कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी से छात्रों के खाने पर संकट, हॉस्टल-मैस संचालकों के सामने चुनौती

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Wed, 11 Mar 2026 04:19 PM IST
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सार

Commercial Gas Cylinders Shortage: कोटा में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से हॉस्टल, मैस और होटल संचालकों के सामने भोजन व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो गई है। लाखों छात्रों के खाने पर असर पड़ने की आशंका है, जबकि घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल सामान्य बनी हुई है।

LPG Crisis: commercial cylinders Shortage creates food crisis for students, challenges hostel-mess operators
शिक्षा नगरी कोटा में कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से छात्रों के सामने खाने का संकट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब भारत में भी महसूस किया जाने लगा है। इसका सीधा प्रभाव कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर पड़ रहा है। देशभर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने की स्थिति बन गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल और मैस संचालकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। यही स्थिति राजस्थान के कोटा जिले में भी देखने को मिल रही है, जहां बड़ी संख्या में पढ़ने वाले छात्रों की भोजन व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

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शिक्षा नगरी में लाखों छात्रों की भोजन व्यवस्था पर चिंता
शिक्षा की काशी कहे जाने वाले कोटा शहर में लाखों की संख्या में छात्र कोचिंग की तैयारी के लिए रहते हैं। इनमें से अधिकांश छात्र हॉस्टल और मैस की भोजन व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से मैस संचालकों के सामने भोजन तैयार करने की समस्या खड़ी हो गई है। इसके कारण छात्रों के नियमित भोजन को लेकर भी चिंता की स्थिति बनने लगी है।
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हजारों हॉस्टलों और मैस पर पड़ा असर
कोटा शहर में चार हजार से अधिक हॉस्टल संचालित हैं। इनमें से लगभग दो हजार से ज्यादा हॉस्टलों में रोजाना छात्रों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। इसके अलावा राजीव गांधी, तलवंडी, महावीर नगर, विज्ञान नगर और जवाहर नगर जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग स्टूडेंट्स रहते हैं, जहां मैस की संख्या भी काफी अधिक है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने के कारण कई मैस संचालकों ने अस्थायी रूप से मैस बंद कर दिए हैं। वहीं कुछ जगहों पर भोजन तैयार करने के लिए लकड़ी और कोयले का सहारा लिया जा रहा है।

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हॉस्टल संचालकों ने बताई गैस सिलेंडर की समस्या
हॉस्टल संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडर खत्म होने के बाद कई बार एजेंसी के चक्कर लगाए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में हॉस्टलों में रह रहे छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है। इस बीच हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद होने से छात्रों के भोजन पर असर पड़ रहा है और कई जगहों पर सिलेंडर ब्लैक में महंगे दामों पर मिल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि हॉस्टलों को नियमित रूप से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
 
बुकिंग बढ़ी, होटल कारोबार भी प्रभावित
सुविधा गैस एजेंसी के मैनेजर वीरेंद्र ने बताया कि सामान्य दिनों के मुकाबले इन दिनों गैस सिलेंडर की बुकिंग में बढ़ोतरी देखी जा रही है। पहले जहां रोजाना करीब एक हजार बुकिंग होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 1500 तक पहुंच गई है। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है और उन पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा है। हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण कोटा शहर में लगभग 300 से 400 होटल के कारोबार पर असर पड़ रहा है। यहां रोजाना करीब 600 गैस सिलेंडरों की खपत होती है, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। युद्ध के चलते आगे परिस्थितियां और अधिक चुनौतीपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है।

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