{"_id":"6a49d02105a5c52eff08e6eb","slug":"police-detained-farmers-marching-towards-kota-barrage-giving-them-two-days-time-kota-news-c-1-1-noi1391-4468615-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटा में फूटा किसानों का गुस्सा: 'सूख रही धान की फसल, तुरंत छोड़ो नहरों का पानी'; प्रशासन को अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटा में फूटा किसानों का गुस्सा: 'सूख रही धान की फसल, तुरंत छोड़ो नहरों का पानी'; प्रशासन को अल्टीमेटम
Sun, 05 Jul 2026 09:50 AM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 09:50 AM IST
सार
नहरी पानी की मांग को लेकर किसानों ने कोटा बैराज की ओर कूच किया, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। विरोध में किसानों ने धरना दिया। पुलिस ने 50 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। प्रशासन ने दो दिन में समाधान का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
नहरी पानी की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धान की फसल के लिए नहरी पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर गिरधरपुरा होते हुए कोटा बैराज की ओर कूच कर रहे थे। हालांकि, रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके विरोध में किसानों ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया। काफी देर तक प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब किसान नहीं माने तो पुलिस ने 50 से अधिक किसानों को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी किसानों को रिहा कर दिया गया।
'धान की फसल सूखने की कगार पर'
युवा किसान नेता गिरिराज गौतम ने बताया कि नहरी पानी की मांग को लेकर लंबे समय से प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश किसानों ने 90 प्रतिशत से अधिक धान की बुवाई कर दी है, जबकि कई किसानों ने महंगे बीज खरीदकर दोबारा बुवाई भी की है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों की तरह इस बार भी किसानों को 1 जुलाई से नहरों में पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक पानी नहीं छोड़ा गया। इससे हजारों बीघा में खड़ी धान की फसल संकट में है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अधिकारियों ने समझाया, फिर भी नहीं माने किसान
किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सीएडी (कमांड एरिया डेवलपमेंट) विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। काफी देर तक समझाइश के बावजूद जब सहमति नहीं बनी तो किसान कोटा बैराज की ओर बढ़ने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और कई किसानों को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bihar Weather: बिहार के कितने जिले आज बारिश-वज्रपात का अलर्ट, पटना में गर्मी से लोग परेशान; जानिए मौसम का हाल
प्रशासन ने दिया दो दिन का आश्वासन
अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सोमवार को राज्य सरकार के साथ बैठक कर गांधी सागर और राणा प्रताप सागर बांधों से नहरों में पानी छोड़ने के मुद्दे पर निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, किसानों ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि तय समय में नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
'धान की फसल सूखने की कगार पर'
युवा किसान नेता गिरिराज गौतम ने बताया कि नहरी पानी की मांग को लेकर लंबे समय से प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश किसानों ने 90 प्रतिशत से अधिक धान की बुवाई कर दी है, जबकि कई किसानों ने महंगे बीज खरीदकर दोबारा बुवाई भी की है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों की तरह इस बार भी किसानों को 1 जुलाई से नहरों में पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक पानी नहीं छोड़ा गया। इससे हजारों बीघा में खड़ी धान की फसल संकट में है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
अधिकारियों ने समझाया, फिर भी नहीं माने किसान
किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सीएडी (कमांड एरिया डेवलपमेंट) विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। काफी देर तक समझाइश के बावजूद जब सहमति नहीं बनी तो किसान कोटा बैराज की ओर बढ़ने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और कई किसानों को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bihar Weather: बिहार के कितने जिले आज बारिश-वज्रपात का अलर्ट, पटना में गर्मी से लोग परेशान; जानिए मौसम का हाल
प्रशासन ने दिया दो दिन का आश्वासन
अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सोमवार को राज्य सरकार के साथ बैठक कर गांधी सागर और राणा प्रताप सागर बांधों से नहरों में पानी छोड़ने के मुद्दे पर निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, किसानों ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि तय समय में नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।