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Kota CUET Exam: पांच मिनट देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों को नहीं मिला प्रवेश, NTA से नियमों में बदलाव की उठी मांग
Thu, 29 May 2025 05:07 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Thu, 29 May 2025 05:07 PM IST
सार
छात्रों ने ट्रैफिक के कारण हुई देरी की दलील दी और परीक्षा देने की गुहार लगाई, लेकिन परीक्षा केंद्र प्रशासन ने एनटीए के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया। इससे प्रभावित छात्र और उनके परिजन अब नियमों में लचीलापन लाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसे मामलों से छात्रों का वर्ष बर्बाद न हो।
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परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचे अभ्यर्थी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के कोटा शहर में आयोजित हुई सीयूईटी परीक्षा में पांच मिनट की देरी पर पहुंचे छात्रों को प्रवेश नहीं देने का मामला सामने आया है। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटे पहले ही परीक्षा केंद्र के गेट बंद हो गए थे। उसके बाद पांच मिनट की देरी से पहुंचे विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। विद्यार्थीयों ने स्कूल प्रशासन से कई मिन्नतें कीं, लेकिन 5 से 7 विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए। मामला कोटा के रानपुर स्थित शिव ज्योति स्कूल परीक्षा केंद्र से सामने आया है।
अभ्यर्थी विशाल ने बताया कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) 2025 परीक्षा में शामिल होने के लिए राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए 5 से 7 छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया। राजस्थान के टोंक, झालावाड़, भीलवाड़ा और कोटा से भी आए परिक्षार्थियों का कहना है कि वे परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, लेकिन ट्रैफिक की वजह से थोड़ा लेट हो गए। परीक्षा केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने एक नहीं सुनी और गेट बंद कर दिया। अभ्यर्थियों ने सुरक्षा कर्मियों और केंद्र प्रभारी से हाथ जोड़कर गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। छात्रों का आरोप है कि सेंटर पर समय का कोई लचीलापन नहीं दिखाया गया, जिससे उनका साल बर्बाद हो सकता है।
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परीक्षा केंद्र की ओर से बताया गया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, गेट बंद होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता। ये पूरी जानकारी प्रवेश पत्रों पर भी दे दी गई थी। उसके बाद भी कुछ छात्र देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे। उनको प्रवेश नहीं दिया गया है। प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों ने इस नियम में लचीलापन लाने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रैफिक, मौसम या अन्य कारणों से थोड़ी देरी हो सकती है। ऐसे में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। छात्रों और अभिभावकों ने सरकार और एनटीए से अपील की है कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
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अभ्यर्थी विशाल ने बताया कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) 2025 परीक्षा में शामिल होने के लिए राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए 5 से 7 छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया। राजस्थान के टोंक, झालावाड़, भीलवाड़ा और कोटा से भी आए परिक्षार्थियों का कहना है कि वे परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, लेकिन ट्रैफिक की वजह से थोड़ा लेट हो गए। परीक्षा केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने एक नहीं सुनी और गेट बंद कर दिया। अभ्यर्थियों ने सुरक्षा कर्मियों और केंद्र प्रभारी से हाथ जोड़कर गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। छात्रों का आरोप है कि सेंटर पर समय का कोई लचीलापन नहीं दिखाया गया, जिससे उनका साल बर्बाद हो सकता है।
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परीक्षा केंद्र की ओर से बताया गया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, गेट बंद होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता। ये पूरी जानकारी प्रवेश पत्रों पर भी दे दी गई थी। उसके बाद भी कुछ छात्र देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे। उनको प्रवेश नहीं दिया गया है। प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों ने इस नियम में लचीलापन लाने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रैफिक, मौसम या अन्य कारणों से थोड़ी देरी हो सकती है। ऐसे में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। छात्रों और अभिभावकों ने सरकार और एनटीए से अपील की है कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।