Kotputli: जीवन में साथ निभाया, मौत में भी नहीं बिछड़ीं: देवरानी–जेठानी की एक चिता पर विदाई
Kotputli: कोटपुतली जिले के भूदोली गांव की रहने वाली देवरानी और जेठानी ने थोड़े देर के अंतराल दुनिया को अलविदा कह दिया। जिसके बाद परिवार ने दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर करने का फैसला लिया। जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने वाली ये दोनों बुजुर्ग महिलाएं, मृत्यु में भी साथ रहीं।
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कोटपुतली जिले के नीमकाथाना थाना क्षेत्र के ग्राम भूदोली में एक अत्यंत भावुक और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। यहां देवरानी और जेठानी का कुछ ही समय के अंतराल में निधन हो गया। परिजनों की सहमति से दोनों बुजुर्ग महिलाओं का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। इस दुर्लभ दृश्य को देखकर श्मशान घाट पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
देवरानी के निधन के कुछ समय बाद जेठानी ने भी अंतिम सांस ली
जानकारी के अनुसार, ग्राम भूदोली की निवासी 88 वर्षीय माली देवी और उनकी देवरानी 85 वर्षीय पतासी देवी मीणा लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। पहले देवरानी पतासी देवी का निधन हुआ। परिवारजन अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाए थे कि कुछ ही घंटों बाद जेठानी माली देवी ने भी जीवन की अंतिम सांस ली। एक के बाद एक हुई इन दो मौतों से परिवार पर गहरा आघात पहुंचा।
एक साथ निकाली गई दोनों की अंतिम यात्रा
दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। गांव के श्मशान घाट पर जब दोनों की अर्थियां पहुंचीं, तो माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। परिजनों ने आपसी सहमति और भावनात्मक निर्णय लेते हुए दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर करने का फैसला किया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दोनों को एक साथ अग्नि दी गई।
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जीवनभर साथ निभाया रिश्ता
ग्रामीणों ने बताया कि माली देवी और पतासी देवी के बीच जीवनभर गहरा प्रेम, सम्मान और आपसी सहयोग रहा। संयुक्त परिवार में रहते हुए दोनों ने हर सुख–दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे जीवन में दोनों ने साथ निभाया, वैसे ही मृत्यु में भी अपने रिश्ते का धर्म निभाया।