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Kotputli: कजाकिस्तान में हुए सड़क हादसे में नांगल के युवक की मौत, गांव में हुआ अंतिम संस्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपुतली
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 08:36 PM IST
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सार
Kotputli: नांगल खोड़िया गांव निवासी 25 वर्षीय एमबीबीएस छात्र राहुल यादव की कजाकिस्तान में सड़क हादसे के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। वह साउथ कजाकिस्तान मेडिकल अकादमी में पढ़ाई कर रहा था।
कजाकिस्तान में मृतक राहुल फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के नांगल खोड़िया गांव निवासी 25 वर्षीय राहुल यादव की कजाकिस्तान में सड़क हादसे के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। राहुल साउथ कजाकिस्तान मेडिकल अकादमी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था और जून 2026 में उसकी डिग्री पूरी होने वाली थी। विदेश में पढ़ाई कर रहे होनहार छात्र की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
6 जनवरी को हुआ था हादसा
परिजनों ने बताया कि राहुल 6 जनवरी को अपने चार दोस्तों के साथ कजाकिस्तान के अल्माटी शहर घूमने गया था। इसी दौरान अल्माटी के पास एक गांव में उनकी कार भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राहुल सहित दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
9 जनवरी को हुई मौत
हादसे के बाद राहुल को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। चिकित्सकों ने उसे आईसीयू में रखकर हरसंभव इलाज किया, लेकिन तीन दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद 9 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया।
घर का इकलौता बेटा था मृतक
राहुल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक बड़ी बहन है, जो विवाहित है। पिता दीपचंद गुरुग्राम में टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित आय होने के बावजूद उन्होंने बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा और कड़ी मेहनत तथा कर्ज लेकर उसकी पढ़ाई का खर्च उठाया। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें केवल सड़क हादसे की सूचना दी गई थी। बाद में राहुल की गंभीर स्थिति और फिर उसकी मौत की जानकारी मिली।
ये भी पढ़ें: पुलिस की कार्रवाई, छापेमारी में 399 पैकेट गलत मार्का की चाय बरामद
गांव के श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार
कजाकिस्तान में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राहुल का पार्थिव शरीर भारत लाया गया और नांगल खोड़िया गांव पहुंचाया गया। गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो उठा। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद भारी मन से गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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6 जनवरी को हुआ था हादसा
परिजनों ने बताया कि राहुल 6 जनवरी को अपने चार दोस्तों के साथ कजाकिस्तान के अल्माटी शहर घूमने गया था। इसी दौरान अल्माटी के पास एक गांव में उनकी कार भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राहुल सहित दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
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9 जनवरी को हुई मौत
हादसे के बाद राहुल को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। चिकित्सकों ने उसे आईसीयू में रखकर हरसंभव इलाज किया, लेकिन तीन दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद 9 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया।
घर का इकलौता बेटा था मृतक
राहुल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक बड़ी बहन है, जो विवाहित है। पिता दीपचंद गुरुग्राम में टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित आय होने के बावजूद उन्होंने बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा और कड़ी मेहनत तथा कर्ज लेकर उसकी पढ़ाई का खर्च उठाया। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें केवल सड़क हादसे की सूचना दी गई थी। बाद में राहुल की गंभीर स्थिति और फिर उसकी मौत की जानकारी मिली।
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गांव के श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार
कजाकिस्तान में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राहुल का पार्थिव शरीर भारत लाया गया और नांगल खोड़िया गांव पहुंचाया गया। गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो उठा। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद भारी मन से गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।