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नागौर में सनसनी: अपहरण की शिकायत को बताया गुमशुदगी, 5 दिन बाद मिला युवक का सड़ा-गला शव; पुलिस पर गंभीर आरोप
Thu, 23 Jul 2026 07:30 PM IST
नागौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 07:30 PM IST
सार
नागौर के मेड़ता में अपहरण के पांच दिन बाद सुनील ठिंगला का सड़ा-गला शव मिला। परिजनों ने पुलिस पर अपहरण की शिकायत को गुमशुदगी मानने और थाने लाए संदिग्धों को छोड़ने का आरोप लगाया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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मृतक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नागौर जिले के मेड़ता क्षेत्र में एक युवक की हत्या का मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई। बैदावड़ी गांव निवासी सुनील ठिंगला का अपहरण होने के पांच दिन बाद कलरू-मोकलपुर सरहद में सड़ा-गला शव मिला। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगाया है।
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क्या है मामला?
परिजनों के अनुसार, 20 जुलाई की सुबह सुनील ठिंगला घर से जोधपुर जाने की बात कहकर निकला था। कुछ देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और उससे संपर्क टूट गया। इसके बाद परिवार ने मेड़ता सिटी थाने में अपहरण की शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने मामला गुमशुदगी के रूप में दर्ज किया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने दो संदिग्ध युवकों को खुद पकड़कर थाने पहुंचाया और पुलिस के हवाले कर दिया था। उनका कहना है कि एक पुलिस अधिकारी ने पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया। परिवार का दावा है कि उस समय सुनील आरोपियों के कब्जे में था। गुरुवार सुबह कलरू-मोकलपुर क्षेत्र में एक सड़ा-गला शव मिला, जिसकी पहचान सुनील ठिंगला के रूप में हुई। शव मिलने के बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
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परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के चाचा सुखराम चौधरी और पिता सियाराम ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही इसे अपहरण का मामला बताया था। उनका कहना है कि संदिग्धों को थाने तक ले जाने के बावजूद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो सुनील की जान बच सकती थी। परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का पक्ष
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी ने बताया कि 21 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने युवक की तलाश शुरू कर दी थी। शव मिलने के बाद तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में आरोपी युवक के परिचित बताए जा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 4-5 पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सांसद और विधायक ने उठाए सवाल
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने घटना को दुखद बताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अपहरण की शिकायत पर समय रहते गंभीरता से कार्रवाई होती तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने निष्पक्ष जांच, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, मेड़ता से भाजपा विधायक लक्ष्मण राम कलेरू ने भी मामले का शीघ्र खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, जबकि परिजन न्याय की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी तेज हो गई है।