{"_id":"69bbfbffd3267c5cca064ae9","slug":"nagaur-lpg-raid-domestic-gas-misuse-58-cylinders-seized-restaurants-rajasthan-news-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nagaur News: घरेलू LPG के व्यावसायिक दुरुपयोग पर प्रशासन ने की कार्रवाई, छापेमारी के दौरान 58 गैस टंकी जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nagaur News: घरेलू LPG के व्यावसायिक दुरुपयोग पर प्रशासन ने की कार्रवाई, छापेमारी के दौरान 58 गैस टंकी जब्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 07:07 PM IST
विज्ञापन
सार
नागौर में घरेलू गैस के व्यावसायिक दुरुपयोग पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की और 58 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए। जांच में कई होटल और रेस्टोरेंट नियमों का उल्लंघन करते पाए गए।
प्रशासन ने घरेलू रसोई गैस के व्यावसायिक दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच राजस्थान के नागौर जिले में प्रशासन ने घरेलू रसोई गैस के व्यावसायिक दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की है। जिला रसद अधिकारी अंकित पचार के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल ने गुरुवार को शहर और मेड़ता क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जिसमें 20 प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल पाया गया। इस दौरान कुल 58 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए।
जानकारी के मुताबिक, जांच दल ने नागौर शहर के जोधपुर मिष्ठान भंडार (किले की ढाल), करणी कॉलोनी, गणेश होटल एंड रेस्टोरेंट (नागौर रोड, मेड़ता सिटी), मिस्टर एंड मिसेज अरोड़ा फास्ट फूड रेस्टोरेंट (पब्लिक पार्क, मेड़ता सिटी) सहित अन्य विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। इन सभी जगहों पर सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों को होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों में चूल्हों पर चलाया जा रहा था, जो स्पष्ट तौर पर नियमों का उल्लंघन है। घरेलू गैस सस्ती होने के कारण व्यावसायिक प्रतिष्ठान इन्हें कमर्शियल गैस के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे आम उपभोक्ताओं को गैस मिलने में दिक्कत हो सकती है।
सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान
जिला रसद अधिकारी अंकित पचार ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों में एलपीजी की आपूर्ति पर पड़ने वाले संभावित असर को देखते हुए विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। अवैध दुरुपयोग रोकने के लिए जांच दल का गठन किया गया था, जिसके तहत यह कार्रवाई अंजाम दी गई। जब्त किए गए सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसियों को सुपुर्द कर दिया गया है। उक्त 20 प्रतिष्ठानों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कानून के तहत दोषियों को सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
ये भी पढ़ें- जल बंटवारे पर तकरार: पंजाब की जल-रॉयल्टी मांग पर राजस्थान सरकार सख्त, जानें क्यों ठुकराई करोड़ों की डिमांड?
जमाखोरी या कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पर्याप्त है और आम जनता को किसी तरह की कमी नहीं हो रही है। हालांकि, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग, जमाखोरी या कालाबाजारी पाए जाने पर बिना किसी नरमी के कार्रवाई की जाएगी। हाल के दिनों में पूरे देश में इसी तरह के अभियान तेज हुए हैं, जहां हजारों सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं।
यह कार्रवाई नागौर में आवश्यक वस्तुओं के निष्पक्ष वितरण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस की अनावश्यक खरीद-जमाखोरी से बचें, ताकि सब्सिडी वाली गैस वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
Trending Videos
जानकारी के मुताबिक, जांच दल ने नागौर शहर के जोधपुर मिष्ठान भंडार (किले की ढाल), करणी कॉलोनी, गणेश होटल एंड रेस्टोरेंट (नागौर रोड, मेड़ता सिटी), मिस्टर एंड मिसेज अरोड़ा फास्ट फूड रेस्टोरेंट (पब्लिक पार्क, मेड़ता सिटी) सहित अन्य विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। इन सभी जगहों पर सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों को होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों में चूल्हों पर चलाया जा रहा था, जो स्पष्ट तौर पर नियमों का उल्लंघन है। घरेलू गैस सस्ती होने के कारण व्यावसायिक प्रतिष्ठान इन्हें कमर्शियल गैस के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे आम उपभोक्ताओं को गैस मिलने में दिक्कत हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान
जिला रसद अधिकारी अंकित पचार ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों में एलपीजी की आपूर्ति पर पड़ने वाले संभावित असर को देखते हुए विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। अवैध दुरुपयोग रोकने के लिए जांच दल का गठन किया गया था, जिसके तहत यह कार्रवाई अंजाम दी गई। जब्त किए गए सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसियों को सुपुर्द कर दिया गया है। उक्त 20 प्रतिष्ठानों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कानून के तहत दोषियों को सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
ये भी पढ़ें- जल बंटवारे पर तकरार: पंजाब की जल-रॉयल्टी मांग पर राजस्थान सरकार सख्त, जानें क्यों ठुकराई करोड़ों की डिमांड?
जमाखोरी या कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पर्याप्त है और आम जनता को किसी तरह की कमी नहीं हो रही है। हालांकि, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग, जमाखोरी या कालाबाजारी पाए जाने पर बिना किसी नरमी के कार्रवाई की जाएगी। हाल के दिनों में पूरे देश में इसी तरह के अभियान तेज हुए हैं, जहां हजारों सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं।
यह कार्रवाई नागौर में आवश्यक वस्तुओं के निष्पक्ष वितरण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस की अनावश्यक खरीद-जमाखोरी से बचें, ताकि सब्सिडी वाली गैस वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।