Sirohi: संत सरोवर के पुनर्विकास को 7.26 करोड़ की स्वीकृति, वॉकवे और आधुनिक पार्क से बदलेगा माउंटआबू का स्वरूप
Sirohi News: माउंटआबू के संत सरोवर के पुनर्विकास के लिए 7.26 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। वॉकवे और आधुनिक पार्क सहित विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी। एसडीएम डॉ अंशुप्रिया ने निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विस्तार
सिरोही जिले के माउंटआबू स्थित संत सरोवर के विकास कार्यों को लेकर शुक्रवार को एसडीएम डॉ अंशुप्रिया ने स्थल का निरीक्षण किया। राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप प्रस्तावित कार्यों के लिए चिन्हित स्थानों का जायजा लिया गया। योजना के तहत संत सरोवर में वॉकवे एवं आधुनिक पार्क विकसित कर इसे धार्मिक आस्था के साथ फैमिली टूरिज्म एवं ईको टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाने का प्रस्ताव है। इस परियोजना पर 7.26 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम डॉ अंशुप्रिया ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उनके अनुसार कार्य पूर्ण होने पर आध्यात्मिकता के साथ पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार कुंजबिहारी झा, जनस्वास्थ्य प्रभारी राजकिशोर शर्मा, भरत रावल एवं प्रफुल्लभाई भी उपस्थित रहे।
प्रयासों के बाद मिली बजट स्वीकृति
हिल स्टेशन और पौराणिक महत्व वाले माउंटआबू के संत सरोवर झील एवं पार्क के पुनर्विकास के लिए 7.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। लंबे समय से उपेक्षित इस स्थल के विकास से इसके स्वरूप में सुधार के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। एसडीएम एवं नगरपालिका प्रशासक डॉ अंशुप्रिया ने पहल करते हुए डीपीआर राज्य सरकार को भेजी थी। उनके प्रयासों के बाद परियोजना को बजट में शामिल कर स्वीकृति जारी की गई।
धार्मिक महत्व से जुड़ा है संत सरोवर क्षेत्र
माउंटआबू का प्राचीन सोमनाथ मंदिर आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। पहाड़ों के बीच स्थित यह मंदिर साधकों को शांति और आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। यहां भगवान सोमनाथ पंच शिवलिंगों के रूप में विराजमान हैं, जिन्हें पंचमुखी स्वरूप माना जाता है। मान्यता के अनुसार ये पांच शिवलिंग भगवान शिव के सृष्टि, पालन, संहार, परोपकार और नियंत्रण जैसे पांच दिव्य कर्तव्यों के प्रतीक हैं। मध्य में स्थित शिवलिंग स्वयंभू माने जाते हैं और इनका उल्लेख स्कंद पुराण के अर्बुद खंड में मिलता है।
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वैज्ञानिक तरीके से होगा पुनर्विकास
योजना के तहत झील का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्विकास किया जाएगा। आकर्षक वॉकवे, सिट-आउट, आधुनिक पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही फव्वारे, सौर एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुव्यवस्थित पार्किंग, सौंदर्याकरण और स्वच्छता व्यवस्था पर भी कार्य किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य संत सरोवर को सुव्यवस्थित और पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।
पर्यटन गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन
बीते वर्षों में पर्यटकों की कमी से जूझ रहे आबू पर्वत के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विकसित संत सरोवर धार्मिक आस्था के साथ फैमिली टूरिज्म और ईको-टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन सकता है। स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में इस घोषणा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
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