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राजस्थान के इस हॉस्टल की छात्राएं नंगे पैर पहुंचीं कलेक्ट्रेट: घटिया खाना देने का लगाया आरोप, बनाई जांच समिति

Mon, 17 Aug 2026 07:00 PM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही Published by: सिरोही ब्यूरो Updated Mon, 17 Aug 2026 07:00 PM IST
सार

सिरोही टीएडी हॉस्टल की छात्राओं ने घटिया खाना, सब्जियों में कीड़े और दूध की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर से शिकायत की। कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की और रोज भोजन की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए।

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Female students at the TAD hostel in Sirohi allege that they have been served substandard quality food
टीएडी हॉस्टल की छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिरोही के टीएडी हॉस्टल की छात्राओं ने सोमवार को जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर से मुलाकात कर वार्डन पर लंबे समय से घटिया क्वालिटी का खाना देने का आरोप लगाया। छात्राओं ने मामले में कार्रवाई की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।

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छात्राएं नंगे पैर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर को अपनी समस्याएं बताईं। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में लंबे समय से उन्हें खराब गुणवत्ता का खाना दिया जा रहा है। कई बार सब्जियों में कीड़े मिलने की बात भी छात्राओं ने कही। उनका कहना है कि वार्डन से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत करनी पड़ी।

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वहीं, वार्डन ने छात्राओं के आरोपों को निराधार बताया है। वार्डन का कहना है कि हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखने और नियम विरुद्ध मोबाइल फोन के इस्तेमाल को रोकने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की गई थी। व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कमेटियों का पुनर्गठन किया जा रहा था। उनका कहना है कि इसी सख्ती से नाराज होकर कुछ छात्राओं ने शिकायत की है।

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कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
कलेक्टर ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं के स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर फूड इंस्पेक्टर के माध्यम से पके हुए भोजन के सैंपल की जांच भी कराई जाएगी।


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भोजन की गुणवत्ता और हॉस्टल की व्यवस्थाओं की जांच के लिए तहसीलदार, एडीपीसी और सरकारी स्कूल की महिला प्रिंसिपल की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति को पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि छात्राओं को कहीं पुराना या खराब राशन तो नहीं परोसा गया।

दूध की गुणवत्ता की भी होगी जांच
छात्राओं ने भोजन के साथ दूध की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत की है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अब राजस्व या टीएडी विभाग का कोई अधिकारी प्रतिदिन सुबह और शाम हॉस्टल पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता की जांच करेगा। इसके साथ ही छात्राओं की समस्याओं के लिए शिकायत रजिस्टर भी रखा जाएगा, जिसमें वे भोजन और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगी।

ये समिति करेगी जांच
मामले की जांच के लिए गठित समिति में सिरोही तहसीलदार जगदीश विश्नोई, एडीपीसी कांतिलाल आर्य और एक सरकारी स्कूल की महिला प्रिंसिपल को शामिल किया गया है। समिति हॉस्टल की व्यवस्थाओं, भोजन, राशन और दूध की गुणवत्ता समेत छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।

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