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Shimla News: नगर निगम के व्यावसायिक परिसर के लिए 140 करोड़ मंजूर
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शहर की लोअर बाजार सब्जी मंडी में होगा परिसर का निर्माण, एमसी के सभी दफ्तर एक छत के नीचे आने से लोगों को मिलेगी राहत
क्रॉसर
कर्मचारियों के पुराने आवास गिराकर होगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में नगर निगम का व्यावसायिक परिसर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इस परिसर में ही एमसी का दफ्तर भी बनेगा। सरकार की ओर से इसके लिए 150 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं।
नगर निगम का दावा है कि इसका काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। शहरी विकास विभाग की ओर से इसको लेकर मंगलवार को नगर निगम को सूचित किया गया। लिहाजा अब जल्द ही यहां बने कर्मचारियों के आवास खाली करवाने का काम शुरू करवाया जाएगा। राजधानी के लोअर बाजार सब्जी मंडी के सूजी लाइन में यह व्यावसायिक परिसर बनेगा। इस परिसर के बनने के बाद एक छत के नीचे नगर निगम के सभी दफ्तर शिफ्ट होंगे। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सभी दफ्तरों के एक छत के नीचे आने के बाद लोगों को काम के लिए अलग-अलग चक्कर काटने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। इसके अलावा इस व्यावसायिक परिसर में सब्जी मंडी की दुकानें शिफ्ट होंगी। इसके अलावा पार्किंग सुविधा भी यहां बनने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि 140 करोड़ रुपये की मंजूरी सरकार से मिल चुकी है।
52 परिवारों का मामला अभी कोर्ट में
सब्जी मंडी में बने नगर निगम कर्मचारियों के आवासों की जगह नए परिसर का निर्माण होना है। अप्रूवल मिलने के बाद इन आवासों को तोड़ा जाएगा। हालांकि यहां रह रहे 50 से ज्यादा कर्मचारी परिवारों को अभी भी यहां से शिफ्ट नहीं किया है। इन कर्मचारियों का मामला अभी कोर्ट है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन्हें रहने के लिए आवास मुहैया नहीं करवा दिए जाते है, तब तक वह आवास खाली नहीं करेंगे। इस मामले पर कोर्ट के शीतकालीन अवकाश के बाद फैसला लिया जाएगा। दूसरी ओर नगर निगम ने अपने स्तर पर एआईआर और सीपीडब्ल्यूडी विभाग के साथ कर्मचारियों काे आवास उपलब्ध करवाने को लेकर बातचीत कर रहा है लेकिन अभी तक इस पर किसी तरह की सहमति नहीं बन पाई है।
पशु पड़ाव में बन रहे आवास
नगर निगम कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवास बालूगंज के पशु पड़ाव में बनाने जा रहा है। यह पिछले बजट में मंजूर हो गया था। ऐसे में अब टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद 34 करोड़ रुपये की लागत से यहां पर आवास बनाने का काम शुरू हो गया है। नगर निगम का दावा है कि अगले एक से डेढ़ साल के भीतर यह आवास बन जाएंगे। कर्मचारियों को आवास की जो समस्या पेश आती थी, वह भी खत्म हो जाएगी।
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क्रॉसर
कर्मचारियों के पुराने आवास गिराकर होगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में नगर निगम का व्यावसायिक परिसर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इस परिसर में ही एमसी का दफ्तर भी बनेगा। सरकार की ओर से इसके लिए 150 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं।
नगर निगम का दावा है कि इसका काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। शहरी विकास विभाग की ओर से इसको लेकर मंगलवार को नगर निगम को सूचित किया गया। लिहाजा अब जल्द ही यहां बने कर्मचारियों के आवास खाली करवाने का काम शुरू करवाया जाएगा। राजधानी के लोअर बाजार सब्जी मंडी के सूजी लाइन में यह व्यावसायिक परिसर बनेगा। इस परिसर के बनने के बाद एक छत के नीचे नगर निगम के सभी दफ्तर शिफ्ट होंगे। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सभी दफ्तरों के एक छत के नीचे आने के बाद लोगों को काम के लिए अलग-अलग चक्कर काटने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। इसके अलावा इस व्यावसायिक परिसर में सब्जी मंडी की दुकानें शिफ्ट होंगी। इसके अलावा पार्किंग सुविधा भी यहां बनने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि 140 करोड़ रुपये की मंजूरी सरकार से मिल चुकी है।
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52 परिवारों का मामला अभी कोर्ट में
सब्जी मंडी में बने नगर निगम कर्मचारियों के आवासों की जगह नए परिसर का निर्माण होना है। अप्रूवल मिलने के बाद इन आवासों को तोड़ा जाएगा। हालांकि यहां रह रहे 50 से ज्यादा कर्मचारी परिवारों को अभी भी यहां से शिफ्ट नहीं किया है। इन कर्मचारियों का मामला अभी कोर्ट है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन्हें रहने के लिए आवास मुहैया नहीं करवा दिए जाते है, तब तक वह आवास खाली नहीं करेंगे। इस मामले पर कोर्ट के शीतकालीन अवकाश के बाद फैसला लिया जाएगा। दूसरी ओर नगर निगम ने अपने स्तर पर एआईआर और सीपीडब्ल्यूडी विभाग के साथ कर्मचारियों काे आवास उपलब्ध करवाने को लेकर बातचीत कर रहा है लेकिन अभी तक इस पर किसी तरह की सहमति नहीं बन पाई है।
पशु पड़ाव में बन रहे आवास
नगर निगम कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवास बालूगंज के पशु पड़ाव में बनाने जा रहा है। यह पिछले बजट में मंजूर हो गया था। ऐसे में अब टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद 34 करोड़ रुपये की लागत से यहां पर आवास बनाने का काम शुरू हो गया है। नगर निगम का दावा है कि अगले एक से डेढ़ साल के भीतर यह आवास बन जाएंगे। कर्मचारियों को आवास की जो समस्या पेश आती थी, वह भी खत्म हो जाएगी।
