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Shimla News: विवि कर्मियों को पत्नी के प्रसव के समय मिलेगा 15 दिन का अवकाश
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एचपीयू में अनुबंध पर कार्यरत सभी पुरुष कर्मचारी भी होंगे अवकाश के हकदार, विवि प्रबंधन ने जारी की अधिसूचना
20 फरवरी 2025 से पहले नियुक्त कर्मी होंगे लाभान्वित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने राज्य सरकार के निर्देशों को अपनाते हुए अनुबंध पर नियुक्त पुरुष कर्मचारियों को पितृत्व अवकाश की सुविधा प्रदान कर दी है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी नियुक्ति 20 फरवरी 2025 से पहले हुई है। इस निर्णय के साथ विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही इस मांग को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। आदेश के मुताबिक पात्र पुरुष अनुबंध कर्मचारी अपनी पत्नी के प्रसव के समय 15 दिन का पितृत्व अवकाश ले सकेंगे। यह अवकाश बच्चे के जन्म से 15 दिन पहले या प्रसव की तिथि से छह माह के भीतर लिया जा सकेगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था राज्य सरकार के कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देशों के आधार पर अपनाई गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।
कार्मिक विभाग के निर्देशों की पृष्ठभूमि में बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने मुनीष पटियाल बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य मामले में अनुबंध कर्मचारियों को पितृत्व अवकाश देने के प्रावधान से संबंधित निर्देश दिए थे। अदालत ने कहा था कि इस विषय में स्पष्ट नीति न होने के कारण बार-बार मुकदमेबाजी की स्थिति बन रही है, जिसे रोके जाने की आवश्यकता है। इसके बाद राज्य सरकार ने इस श्रेणी के कर्मचारियों को सीमित दायरे में यह सुविधा देने का निर्णय लिया।इस अधिनियम के लागू होने के बाद नई भर्तियों पर अलग प्रावधान लागू होते हैं, लेकिन इससे पहले नियुक्त और अभी भी अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों के मामलों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष व्यवस्था की है।
बिना देरी स्वीकृत करें अवकाश
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने सभी डीन, विभागाध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अधिसूचना की जानकारी कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए। पात्र मामलों में बिना देरी के पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाए। इस फैसले से कर्मचारियों को पारिवारिक जिम्मेदारियों के समय जरूरी सहारा मिलेगा और कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनेगा।
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20 फरवरी 2025 से पहले नियुक्त कर्मी होंगे लाभान्वित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने राज्य सरकार के निर्देशों को अपनाते हुए अनुबंध पर नियुक्त पुरुष कर्मचारियों को पितृत्व अवकाश की सुविधा प्रदान कर दी है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी नियुक्ति 20 फरवरी 2025 से पहले हुई है। इस निर्णय के साथ विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही इस मांग को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। आदेश के मुताबिक पात्र पुरुष अनुबंध कर्मचारी अपनी पत्नी के प्रसव के समय 15 दिन का पितृत्व अवकाश ले सकेंगे। यह अवकाश बच्चे के जन्म से 15 दिन पहले या प्रसव की तिथि से छह माह के भीतर लिया जा सकेगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था राज्य सरकार के कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देशों के आधार पर अपनाई गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।
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कार्मिक विभाग के निर्देशों की पृष्ठभूमि में बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने मुनीष पटियाल बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य मामले में अनुबंध कर्मचारियों को पितृत्व अवकाश देने के प्रावधान से संबंधित निर्देश दिए थे। अदालत ने कहा था कि इस विषय में स्पष्ट नीति न होने के कारण बार-बार मुकदमेबाजी की स्थिति बन रही है, जिसे रोके जाने की आवश्यकता है। इसके बाद राज्य सरकार ने इस श्रेणी के कर्मचारियों को सीमित दायरे में यह सुविधा देने का निर्णय लिया।इस अधिनियम के लागू होने के बाद नई भर्तियों पर अलग प्रावधान लागू होते हैं, लेकिन इससे पहले नियुक्त और अभी भी अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों के मामलों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष व्यवस्था की है।
बिना देरी स्वीकृत करें अवकाश
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने सभी डीन, विभागाध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अधिसूचना की जानकारी कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए। पात्र मामलों में बिना देरी के पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाए। इस फैसले से कर्मचारियों को पारिवारिक जिम्मेदारियों के समय जरूरी सहारा मिलेगा और कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनेगा।
