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Shimla News: बर्फबारी-लापरवाही से संजौली-ढली बाईपास सड़क पर धंसाव का खतरा
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कॉमन इंट्रो...
राजधानी की संजौली-ढली बाईपास सड़क पर भारी बारिश, बर्फबारी और लापरवाह व्यवस्था के कारण धंसाव का खतरा बढ़ गया है। चलौंठी के पास सोमवार शाम हुए भू-धंसाव के बाद इस इलाके के लोग दहशत में है। इस सड़क को यातायात के लिए अब पूरी तरह से बंद कर दिया है। सभी छोटे-बड़े वाहन अब संजौली से रवाना किए जा रहे हैं। संजौली बाजार में वाहनों की संख्या बढ़ने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट:-
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के संजौली-ढली बाईपास सड़क पर भू-धंसाव का खतरा बढ़ गया है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते बाईपास सड़क और साथ लगते रिहायशी इलाके में पड़ी दरारों में पानी रिसने से यह खतरा बढ़ा है। सोमवार शाम अचानक सड़क किनारे हुए धंसाव को देखने के बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं।
हालांकि, एनएचएआई ने गड्ढे में धंसी ड्रिलिंग मशीन को क्रेन की मदद से सोमवार देर शाम ही बाहर निकाल लिया था। अब मौके पर हुआ गड्ढा भी भर दिया है। मंगलवार सुबह 11:00 बजे जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी फिर मौके पर पहुंचे। सड़क किनारे हुए धंसाव और मरम्मत कार्य का जायजा लिया। साथ ही स्थानीय लोगों से भी बात की। फिलहाल इसे वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद रखा है। इस बाईपास सड़क पर नाली की ओर दरारें बढ़ी हैं। दावा किया जा रहा है कि बारिश और बर्फबारी होने से दरारें बढ़ने और अचानक सड़क पर गड्ढा पड़ने की घटना हुई है। हालांकि धंसाव के पीछे लापरवाही भी बड़ा कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिला प्रशासन ने नौ जनवरी को ही भारी वाहनों की आवाजाही इस सड़क पर बंद कर दी थी। बावजूद इसके कई दिन से इस पर ट्रक, ट्राले चलाए जा रहे थे। अब बसें भी इस पर दौड़ाई जा रही थीं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण भी सड़क पर बोझ पड़ा जिससे अचानक धंसाव हो गया।
विभाग का दावा, दरारें गहरी नहीं
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को सड़क किनारे पड़ीं दरारों का निरीक्षण किया। दावा किया कि यह दरारें गहरी नहीं हैं। नालियों की मरम्मत के लिए जो प्लास्टर लगाया था, अभी सिर्फ वही टूटा है। इस पर पड़ीं दरारें गहरी नहीं हैं। ऐसे में अभी सड़क को खतरा नहीं है। इस क्षेत्र के ठीक नीचे टनल का निर्माण हो रहा है। नौ जनवरी से यह निर्माण कार्य भी बंद रखा गया है। मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी रमेश कुमार, सुरेंद्र ने कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश का पानी रिसने से टनल के ऊपर बसे क्षेत्र को खतरा है। जिला प्रशासन जल्द इस क्षेत्र के बचाव कार्य शुरू करवाए।
उपायुक्त ने बुलाई बैठक
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने इस पूरे मामले को लेकर अब बुधवार को बैठक बुलाई है। इसमें जिला प्रशासन के अलावा पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाया है। इस क्षेत्र की जियोथर्मल रिपोर्ट भी उपायुक्त के पास पहुंच गई है। बैठक में बचाव कार्य शुरू करने को लेकर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में निर्माण के चलते इस क्षेत्र को होने वाले नुकसान का भी जिक्र किया गया है।
नो एंट्री में भी अब एंट्री, संजौली बाजार जाम
ढली बाईपास सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। ऐसे में संजौली बाजार में सुबह शाम होने वाली नो एंट्री में भी वाहनों की एंट्री हो रही है। पुलिस को इस सड़क से वाहनों की आवाजाही करनी पड़ी है। मंगलवार सुबह 9:00 बजे से ही इस सड़क पर जाम लगना शुरू हो गया। सुबह 11:00 बजे तक बाजार में जाम लग गया। दोनों ओर लगातार वाहनों की आवाजाही होने से बाजार में पैदल चलने तक की जगह नहीं बची। शाम के समय भी संजौली बाजार में लंबा जाम लगा रहा। आम दिनों में ऊपरी शिमला और मशोबरा की ओर से आने वाले हजारों वाहन वाया ढली बाईपास शिमला के लिए रवाना होते हैं। अब इन्हें संजौली बाजार से रवाना किया जा रहा है। इसके चलते अगले कुछ दिन संजौली बाजार में जाम जनता को बेहाल करने वाला है।
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राजधानी की संजौली-ढली बाईपास सड़क पर भारी बारिश, बर्फबारी और लापरवाह व्यवस्था के कारण धंसाव का खतरा बढ़ गया है। चलौंठी के पास सोमवार शाम हुए भू-धंसाव के बाद इस इलाके के लोग दहशत में है। इस सड़क को यातायात के लिए अब पूरी तरह से बंद कर दिया है। सभी छोटे-बड़े वाहन अब संजौली से रवाना किए जा रहे हैं। संजौली बाजार में वाहनों की संख्या बढ़ने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट:-
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के संजौली-ढली बाईपास सड़क पर भू-धंसाव का खतरा बढ़ गया है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते बाईपास सड़क और साथ लगते रिहायशी इलाके में पड़ी दरारों में पानी रिसने से यह खतरा बढ़ा है। सोमवार शाम अचानक सड़क किनारे हुए धंसाव को देखने के बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं।
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हालांकि, एनएचएआई ने गड्ढे में धंसी ड्रिलिंग मशीन को क्रेन की मदद से सोमवार देर शाम ही बाहर निकाल लिया था। अब मौके पर हुआ गड्ढा भी भर दिया है। मंगलवार सुबह 11:00 बजे जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी फिर मौके पर पहुंचे। सड़क किनारे हुए धंसाव और मरम्मत कार्य का जायजा लिया। साथ ही स्थानीय लोगों से भी बात की। फिलहाल इसे वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद रखा है। इस बाईपास सड़क पर नाली की ओर दरारें बढ़ी हैं। दावा किया जा रहा है कि बारिश और बर्फबारी होने से दरारें बढ़ने और अचानक सड़क पर गड्ढा पड़ने की घटना हुई है। हालांकि धंसाव के पीछे लापरवाही भी बड़ा कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिला प्रशासन ने नौ जनवरी को ही भारी वाहनों की आवाजाही इस सड़क पर बंद कर दी थी। बावजूद इसके कई दिन से इस पर ट्रक, ट्राले चलाए जा रहे थे। अब बसें भी इस पर दौड़ाई जा रही थीं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण भी सड़क पर बोझ पड़ा जिससे अचानक धंसाव हो गया।
विभाग का दावा, दरारें गहरी नहीं
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को सड़क किनारे पड़ीं दरारों का निरीक्षण किया। दावा किया कि यह दरारें गहरी नहीं हैं। नालियों की मरम्मत के लिए जो प्लास्टर लगाया था, अभी सिर्फ वही टूटा है। इस पर पड़ीं दरारें गहरी नहीं हैं। ऐसे में अभी सड़क को खतरा नहीं है। इस क्षेत्र के ठीक नीचे टनल का निर्माण हो रहा है। नौ जनवरी से यह निर्माण कार्य भी बंद रखा गया है। मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी रमेश कुमार, सुरेंद्र ने कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश का पानी रिसने से टनल के ऊपर बसे क्षेत्र को खतरा है। जिला प्रशासन जल्द इस क्षेत्र के बचाव कार्य शुरू करवाए।
उपायुक्त ने बुलाई बैठक
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने इस पूरे मामले को लेकर अब बुधवार को बैठक बुलाई है। इसमें जिला प्रशासन के अलावा पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाया है। इस क्षेत्र की जियोथर्मल रिपोर्ट भी उपायुक्त के पास पहुंच गई है। बैठक में बचाव कार्य शुरू करने को लेकर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में निर्माण के चलते इस क्षेत्र को होने वाले नुकसान का भी जिक्र किया गया है।
नो एंट्री में भी अब एंट्री, संजौली बाजार जाम
ढली बाईपास सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। ऐसे में संजौली बाजार में सुबह शाम होने वाली नो एंट्री में भी वाहनों की एंट्री हो रही है। पुलिस को इस सड़क से वाहनों की आवाजाही करनी पड़ी है। मंगलवार सुबह 9:00 बजे से ही इस सड़क पर जाम लगना शुरू हो गया। सुबह 11:00 बजे तक बाजार में जाम लग गया। दोनों ओर लगातार वाहनों की आवाजाही होने से बाजार में पैदल चलने तक की जगह नहीं बची। शाम के समय भी संजौली बाजार में लंबा जाम लगा रहा। आम दिनों में ऊपरी शिमला और मशोबरा की ओर से आने वाले हजारों वाहन वाया ढली बाईपास शिमला के लिए रवाना होते हैं। अब इन्हें संजौली बाजार से रवाना किया जा रहा है। इसके चलते अगले कुछ दिन संजौली बाजार में जाम जनता को बेहाल करने वाला है।
