बिजनी-नारला हाईवे: मैगल पुल तैयार, अगले महीने से शुरू होगा सुहावना सफर
मंडी जिले में बिजनी-नारला प्रोजेक्ट पर बन रहे पुल पर अगले महीने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह शुरू होने की उम्मीद है।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बिजनी-नारला प्रोजेक्ट पर बन रहे पुल पर अगले महीने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह शुरू होने की उम्मीद है। करीब 930 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस 19 किलोमीटर लंबी परियोजना में मैगल पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। पुल में आवश्यक मजबूती आने के बाद उसका लोड टेस्ट किया जाएगा। इसके साथ ही शेष तकनीकी खामियों और रेस्टोरेशन कार्यों को पूरा कर सड़क आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी। परियोजना शुरू होने से लोगों को पुराने संकरे और घुमावदार मार्ग से राहत मिलेगी।
नए मार्ग पर अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। पहले चार-पांच तीखे मोड़ों पर गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई थी लेकिन सुधार कार्य के बाद वहां भी 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन चल सकेंगे। इससे मंडी और पधर के बीच यात्रा अधिक सुरक्षित, सुगम और कम समय में पूरी होगी। मार्ग पर आधुनिक यातायात सुरक्षा मानकों के तहत बड़े साइन बोर्ड, रोड मार्किंग, क्रैश बैरियर और अन्य सुरक्षा सुविधाएं भी लगाई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि परियोजना शुरू होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और पर्यटन, व्यापार तथा कृषि उत्पादों के परिवहन को भी गति मिलेगी।
यह है खासियत
बिजनी-नारला प्रोजेक्ट टू लेन विद पेव्ड शोल्डर है। इस प्रोजेक्ट में 19 माइनर व पांच मेजर पुल हैं। इसके अलावा एक अंडरपास, तीन फुट ब्रिज, 10 बस स्टैंड, 80 कल्वर्ट हैं। परियोजना की सिविल लागत 545 करोड़ है। जबकि अन्य पर 413 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। कुल मिलाकर 1100 करोड़ इस पूरी परियोजना की लागत आई है।
पहली बारिश में परियोजना में कुछ सेटलमेंट होना स्वाभाविक है। कंपनी इन्हें दुरुस्त कर रही है। इस माह सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे और अगले महीने परियोजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी। परियोजना निर्धारित लक्ष्य से करीब दो माह पहले तैयार हो जाएगी। -वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई पीआईयू मंडी