फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Centre to assess the pulse of Himachal's economic health; comprehensive survey to be conducted.

HP Economic Health Survey: हिमाचल की आर्थिक सेहत की नब्ज टटोलेगा केंद्र, होगा व्यापक सर्वेक्षण

Sat, 08 Aug 2026 12:10 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 08 Aug 2026 12:10 PM IST
सार

प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का वास्तविक आकलन करने के लिए केंद्र सरकार इस माह में व्यापक सर्वेक्षण अभियान शुरू करने जा रही है। 

विज्ञापन
Centre to assess the pulse of Himachal's economic health; comprehensive survey to be conducted.
हिमाचल की आर्थिक सेहत की नब्ज टटोलेगा केंद्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का वास्तविक आकलन करने के लिए केंद्र सरकार इस माह में व्यापक सर्वेक्षण अभियान शुरू करने जा रही है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की टीमें प्रदेश के चयनित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर परिवारों की आय, रोजगार, कर्ज, निवेश, कृषि, पलायन और महंगाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाएंगी। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की सरकारी नीतियों, बजट प्रावधानों और विकास योजनाओं की दिशा तय होगी। अगस्त में एक साथ कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सर्वेक्षण संचालित किए जाएंगे। इनमें राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण, प्रवास सर्वेक्षण, कृषि परिवारों की स्थिति आकलन सर्वेक्षण और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सर्वेक्षण शामिल हैं। इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों और सामाजिक बदलावों की जमीनी तस्वीर सामने लाना है। सर्वेक्षण के दौरान यह जानकारी जुटाई जाएगी कि परिवारों की वास्तविक आय कितनी है, रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति क्या है, लोग कितनी बचत और निवेश कर रहे हैं तथा कर्ज का स्तर कितना है।

विज्ञापन

आजीविका के साधनों का भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा
कृषि परिवारों की आय, खेती की लागत और आजीविका के साधनों का भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। प्रदेश के औद्योगिक और सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रवास सर्वेक्षण के माध्यम से रोजगार, शिक्षा और अन्य कारणों से होने वाले पलायन के रुझानों का अध्ययन किया जाएगा। नाहन, पांवटा साहिब, नालागढ़ जैसे क्षेत्रों में यह जानने का प्रयास होगा कि लोग किस कारण से अपने मूल स्थान छोड़ रहे हैं और इसका स्थानीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।  सहायक निदेशक दिवान चंद ठाकुर ने चयनित परिवारों और संस्थानों से सर्वे टीमों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय आंकड़े ही प्रभावी नीतियों और योजनाओं की आधारशिला होते हैं तथा जनसहयोग से ही प्रदेश के विकास की सटीक तस्वीर सामने आ सकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

विकास योजनाओं की नींव बनेंगे आंकड़े
सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े रोजगार सृजन, कृषि सुधार, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास और निवेश संबंधी नीतियों को प्रभावित करेंगे। सरकार इन्हीं आंकड़ों के आधार पर यह तय करती है कि किस क्षेत्र को कितने संसाधनों और योजनाओं की आवश्यकता है।

विज्ञापन

गोपनीय रखी जाएगी सर्वे की हर जानकारी
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। किसी भी व्यक्ति, परिवार या प्रतिष्ठान की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी और जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण एवं नीति निर्माण के लिए किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed