सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Census: This time, the census in Himachal will be conducted using digital technology; the opportunity for self

Census 2027: हिमाचल में डिजिटल तकनीक से होगी इस बार जनगणना, 1 जून से 15 जून तक मिलेगा स्वगणना का मौका

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 22 May 2026 03:49 PM IST
विज्ञापन
सार

प्रदेश में इस बार जनगणना का काम डिजिटल तकनीक से किया जाएगा। इसमें आम लोगों को खुद अपनी गिनती करने और जानकारी भरने का मौका भी मिलेगा। 

Census: This time, the census in Himachal will be conducted using digital technology; the opportunity for self
जनगणना 2027(सांकेतिक)। - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में इस बार जनगणना का काम डिजिटल तकनीक से किया जाएगा। इसमें आम लोगों को खुद अपनी गिनती करने और जानकारी भरने का मौका भी मिलेगा। जनगणना-2027 की प्रक्रिया इस बार पारंपरिक कागजी तौर-तरीकों को पीछे छोड़ते हुए डिजिटल तकनीक से सशक्त होगी। इस अभियान को गति देने और देश के प्रत्येक नागरिक की सटीक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार मुख्य रूप से तीन डिजिटल स्तंभों का उपयोग कर रही है।

Trending Videos

शिमला स्थित जनगणना कार्य निदेशालय ने बताया कि भारत सरकार देश की आगामी जनगणना को पूरी तरह से आधुनिक, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए संकल्पित है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसी श्रृंखला में हिमाचल प्रदेश में जनगणना 2027 का प्रथम चरण यानि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 16 जून से 15 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत अब आम जनता एक सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेगी। यह कदम न केवल समय बचाएगा बल्कि डेटा की गोपनीयता और सटीकता को भी बढ़ाएगा। हिमाचल प्रदेश में यह सुविधा 1 जून से 15 जून 2026 तक उपलब्ध रहेगी। स्वगणना के बाद नागरिकों को एक 11 अंकीय स्वगणना आईडी नंबर प्राप्त होगा।

16 जून 2026 से 15 जुलाई के मध्य जब जनगणना कर्मी (प्रगणक) घर-घर सर्वेक्षण करेंगे तब उन्हें यह आईडी प्रदान करना होगा। ऐसा करने पर स्वगणना के दौरान पोर्टल पर प्रविष्ट जानकारी स्वतः प्रगणक के मोबाइल एप में प्रदर्शित हो जाएगी। यह प्रक्रिया नागरिकों के साथ-साथ प्रगणकों के लिए भी सहायक सिद्ध होगी। फील्ड में तैनात प्रगणक इस बार कागजी फॉर्म लेकर नहीं, बल्कि एक अत्याधुनिक एचएलओ एप के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे । इस एप के जरिये वास्तविक समय में डेटा दर्ज होगा, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना खत्म होगी और डेटा प्रोसेसिंग की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।

विज्ञापन

जनगणना की इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और प्रबंधन के लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) पोर्टल तैयार किया गया है। यह पोर्टल अधिकारियों को लॉजिस्टिक्स, प्रोग्रेस ट्रैकिंग, प्रशिक्षण और संसाधनों के सही आवंटन में मदद करेगा। गौरतलब है कि जनगणना 2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया एवं विकसित भारत 2047 की ओर एक सशक्त कदम है। वहीं इस डिजिटल बदलाव से न केवल देश के आर्थित संसाधनों की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल  तरीके से न्यूनतम समय में अंतिम आंकड़े देश के सामने आ सकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed