सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Compensation will now be provided for damage caused by snowfall as well in himachal

हिमाचल: अब बर्फबारी से नुकसान पर भी मिलेगा मुआवजा, बीमा योजना में सेब बागवानी को एड-ऑन करने की तैयारी

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 21 Apr 2026 10:14 AM IST
विज्ञापन
सार

हिमाचल प्रदेश में अब भारी बर्फबारी से सेब को होने वाले नुकसान को भी फसल बीमा योजना के तहत कवर करने की तैयारी है। पढ़ें पूरी खबर...

Compensation will now be provided for damage caused by snowfall as well in himachal
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सांकेतिक तस्वीर।
विज्ञापन

विस्तार

बागवानों को प्राकृतिक आपदाओं से राहत देने के लिए राज्य सरकार एक अहम कदम उठाने जा रही है। अब भारी बर्फबारी से सेब को होने वाले नुकसान को भी फसल बीमा योजना के तहत कवर करने की तैयारी है। बागवानी विभाग इसे एड-ऑन कवर के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

Trending Videos


जलवायु परिवर्तन के कारण प्रदेश में बर्फबारी का क्रम प्रभावित हुआ है। बेमौसम बर्फबारी ने बागवानों की मुश्किल बढ़ा दी हैं। इस साल अप्रैल में हुई बर्फबारी ने प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब को काफी नुकसान पहुंचाया है। बर्फ से सेब की सुरक्षा के लिए लगाई जाली यानी एंटी हेलनेट तक टूट गई थी, जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे देखते हुए सरकार अब बर्फबारी से हुए नुकसान को भी बीमा दायरे में लाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बागवानों को सुरक्षा मिल सके। ओलावृष्टि पहले ही बीमा योजना के तहत एड-ऑन के तौर पर शामिल है।

बागवानों को मौजूदा समय में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के लिए करीब 75 रुपये प्रति पौधा प्रीमियम देना पड़ता है, जबकि ओलावृष्टि से नुकसान के लिए 23 रुपये अतिरिक्त प्रीमियम लिया जाता है। अब बर्फबारी से हुए नुकसान को भी इसी ढांचे में शामिल करने की तैयारी की जा रही है, जिससे बिना ज्यादा आर्थिक बोझ बढ़ाए बागवानों को बेहतर सुरक्षा मिल सके। हिमाचल प्रदेश में करीब 2.5 लाख परिवार बागवानी से जुड़े हैं। प्रदेश में सालाना करीब 5 से 7 लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन होता है। प्रदेश की आर्थिकी में सेब का 5000 करोड़ से अधिक का योगदान है।

प्रदेश के बागवानों की आर्थिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। बर्फबारी से होने वाले नुकसान को बीमा दायरे में लाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। हम प्रयास कर रहे हैं कि कम प्रीमियम में अधिकतम जोखिम कवर मिले, ताकि बागवानों को किसी भी प्राकृतिक आपदा में आर्थिक सहारा मिल सके। - जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed