{"_id":"69db9e3fee50f86587045f77","slug":"dispute-over-rs-15-fare-hrtc-bus-stopped-for-half-an-hour-shimla-news-c-19-sml1002-705075-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: पंद्रह रुपये किराये पर विवाद, आधा घंटा खड़ी रही एचआरटीसी बस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: पंद्रह रुपये किराये पर विवाद, आधा घंटा खड़ी रही एचआरटीसी बस
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यू शिमला का मामला, पुलिस कर्मी और परिचालक में हुई बहस, 50 सवारियां हुईं परेशान
अन्य पुलिस अधिकारी ने किराया देकर सुलझाया मामला
परिचालकों को निगम प्रबंधन की ओर से जारी हुआ है हिम बस पास चेक करने का सर्कुलर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। न्यू शिमला में एचआरटीसी बस में पंद्रह रुपये किराये को लेकर विवाद के बाद सवारियों से भरी बस आधे घंटे तक खड़ी रही। इस दौरान पुलिस कर्मी और परिचालक के बीच बहस चलती रही। परिचालक पुलिस कर्मी से हिम बस पास या किराया मांगता रहा जबकि पुलिस कर्मी की ओर से ड्यूटी पर जाने का तर्क दिया गया। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से प्रदेशभर में परिचालकों को रियायती और निशुल्क सफर के पात्र लोगों को हिम बस पास के आधार पर ही सुविधा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर बाकायदा पिछले दिनों सर्कुलर भी जारी किया गया है। इसको देखते हुए अब ड्यूटी पर जा रहे पुलिस कर्मियों और परिचालकों के बीच किराये को लेकर कहासुनी हो रही है।
मामला रविवार दोपहर 12:20 का है जब एचआरटीसी की बस न्यू शिमला सेक्टर तीन से पुराना बस अड्डे के लिए रवाना हुई। रास्ते में एक पुलिस कर्मी बस में सवार हुआ। परिचालक ने उससे किराया मांगा तो उसने पुलिस कर्मचारी होने की बात कही। इस पर परिचालक ने हिम बस पास मांगा लेकिन कर्मी के पास पास नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। पुलिस कर्मी का कहना था कि उन्हें विभाग की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है, वहीं परिचालक एचआरटीसी प्रबंधन की ओर जारी आदेशों के तहत टिकट या हिम बस पास मांग रहा था। उसका कहना था कि अगर चेकिंग हुई तो उसके खिलाफ इस लापरवाही को लेकर कार्रवाई हो सकती है। मामले की जानकारी परिचालक की ओर से निगम प्रबंधन को भी फोन पर दी गई। न्यू शिमला के सेक्टर एक के समीप बस आधा घंटे तक रुकी रही। उस समय बस में 50 के करीब सवारियां सवार थीं जोकि इस विवाद के कारण परेशान हुईं। बस में पहले से ही सवार पुलिस अधिकारी ने विवाद सुलझाने के लिए पुलिस कर्मी का किराया चुकाया जिसके बाद बस आगे बढ़ी। हिम बस पास को लेकर प्रदेशभर में एचआरटीसी परिचालक और पुलिस कर्मियों के बीच विवाद हो रहा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि निगम प्रबंधन ने पुलिस कर्मियों को निशुल्क बस पास बनवाने के लिए कहा है और परिचालकों को भी सर्कुलर जारी कर हिम बस पास की जांच करने के निर्देश दिए हैं लेकिन पुलिस विभाग की ओर से कर्मचारियों को पास बनवाने के लिए किसी भी प्रकार के निर्देश जारी नहीं हुए हैं। कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक के रैंक के सभी कर्मचारियों के हर साल वेतन से 500 रुपये बस सुविधा के लिए काटे जाते हैं। यही वजह है कि पिछले दिनों तक एचआरटीसी ने पुलिस कर्मियों को हिम बस पास बनवाने के लिए कहा था तो पुलिस कर्मचारियों ने इस मामले को सरकार के समक्ष रखा था। इसके बाद उन्हें पहचान पत्र पर भी सुविधा देने की बात कही गई थी लेकिन अब एचआरटीसी की ओर से निशुल्क पास बनवाने के लिए कहा गया है।
Trending Videos
अन्य पुलिस अधिकारी ने किराया देकर सुलझाया मामला
परिचालकों को निगम प्रबंधन की ओर से जारी हुआ है हिम बस पास चेक करने का सर्कुलर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। न्यू शिमला में एचआरटीसी बस में पंद्रह रुपये किराये को लेकर विवाद के बाद सवारियों से भरी बस आधे घंटे तक खड़ी रही। इस दौरान पुलिस कर्मी और परिचालक के बीच बहस चलती रही। परिचालक पुलिस कर्मी से हिम बस पास या किराया मांगता रहा जबकि पुलिस कर्मी की ओर से ड्यूटी पर जाने का तर्क दिया गया। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से प्रदेशभर में परिचालकों को रियायती और निशुल्क सफर के पात्र लोगों को हिम बस पास के आधार पर ही सुविधा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर बाकायदा पिछले दिनों सर्कुलर भी जारी किया गया है। इसको देखते हुए अब ड्यूटी पर जा रहे पुलिस कर्मियों और परिचालकों के बीच किराये को लेकर कहासुनी हो रही है।
मामला रविवार दोपहर 12:20 का है जब एचआरटीसी की बस न्यू शिमला सेक्टर तीन से पुराना बस अड्डे के लिए रवाना हुई। रास्ते में एक पुलिस कर्मी बस में सवार हुआ। परिचालक ने उससे किराया मांगा तो उसने पुलिस कर्मचारी होने की बात कही। इस पर परिचालक ने हिम बस पास मांगा लेकिन कर्मी के पास पास नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। पुलिस कर्मी का कहना था कि उन्हें विभाग की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है, वहीं परिचालक एचआरटीसी प्रबंधन की ओर जारी आदेशों के तहत टिकट या हिम बस पास मांग रहा था। उसका कहना था कि अगर चेकिंग हुई तो उसके खिलाफ इस लापरवाही को लेकर कार्रवाई हो सकती है। मामले की जानकारी परिचालक की ओर से निगम प्रबंधन को भी फोन पर दी गई। न्यू शिमला के सेक्टर एक के समीप बस आधा घंटे तक रुकी रही। उस समय बस में 50 के करीब सवारियां सवार थीं जोकि इस विवाद के कारण परेशान हुईं। बस में पहले से ही सवार पुलिस अधिकारी ने विवाद सुलझाने के लिए पुलिस कर्मी का किराया चुकाया जिसके बाद बस आगे बढ़ी। हिम बस पास को लेकर प्रदेशभर में एचआरटीसी परिचालक और पुलिस कर्मियों के बीच विवाद हो रहा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि निगम प्रबंधन ने पुलिस कर्मियों को निशुल्क बस पास बनवाने के लिए कहा है और परिचालकों को भी सर्कुलर जारी कर हिम बस पास की जांच करने के निर्देश दिए हैं लेकिन पुलिस विभाग की ओर से कर्मचारियों को पास बनवाने के लिए किसी भी प्रकार के निर्देश जारी नहीं हुए हैं। कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक के रैंक के सभी कर्मचारियों के हर साल वेतन से 500 रुपये बस सुविधा के लिए काटे जाते हैं। यही वजह है कि पिछले दिनों तक एचआरटीसी ने पुलिस कर्मियों को हिम बस पास बनवाने के लिए कहा था तो पुलिस कर्मचारियों ने इस मामले को सरकार के समक्ष रखा था। इसके बाद उन्हें पहचान पत्र पर भी सुविधा देने की बात कही गई थी लेकिन अब एचआरटीसी की ओर से निशुल्क पास बनवाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन