{"_id":"69dbbed93efc73bace0114f7","slug":"food-hub-to-be-built-in-hpu-shimla-news-c-19-sml1002-704993-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: विश्वविद्यालय करेगा पांच फूड हब का निर्माण, किराये पर मिलेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: विश्वविद्यालय करेगा पांच फूड हब का निर्माण, किराये पर मिलेंगे
विज्ञापन
विज्ञापन
अवैध ढाबे हटाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था, डीपीआर की जा रही तैयार
एक्सक्लूसिव
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) परिसर में जनवरी में हटाए गए अवैध ढाबों की जगह अब सुनियोजित फूड हब विकसित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में पांच फूड हब बनाने का निर्णय लिया है जिन्हें निर्माण के बाद किराये पर दिया जाएगा। इस परियोजना के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।
इन फूड हब का निर्माण वीसी कार्यालय और आईएएस कॉलोनी की बीच किया जाएगा जहां छात्रों की आवाजाही अधिक रहती है। इन्हें व्यवस्थित रूप से डिजाइन किया जाएगा ताकि अवैध कब्जों की समस्या दोबारा न उत्पन्न हो। विश्वविद्यालय प्रशासन इन फूड हब को नीलामी या किराये के आधार पर आवंटित करेगा जिससे राजस्व भी प्राप्त होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फरवरी 2026 में पुलिस और जिला प्रशासन की मदद से परिसर में लंबे समय से चल रहे अवैध ढाबों और अस्थायी ढांचों को हटाया था। यह कार्रवाई विवादों के बीच हुई जिसमें ढाबा संचालकों ने विरोध भी जताया था। प्रशासन का कहना था कि ये ढाबे विश्वविद्यालय की जमीन पर बिना अनुमति चल रहे थे और पहले ही नोटिस देकर हटाने को कहा गया था। अवैध ढाबों को हटाने के बाद छात्रों और कर्मचारियों के लिए खाने-पीने की सुविधा प्रभावित हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए अब विश्वविद्यालय प्रशासन नियोजित और स्वच्छ फूड हब स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा है। प्रस्तावित फूड हब आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे, जहां स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और बैठने की व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
फूड हब में एक समान दर सूची लागू करने की भी योजना है ताकि छात्रों को उचित कीमत पर भोजन उपलब्ध हो सके। प्रशासन खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को अनिवार्य करेगा और समय-समय पर निरीक्षण भी किए जाएंगे। इस पहल से न केवल छात्रों को बेहतर खाने-पीने की सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि परिसर में अव्यवस्थित ढाबा संस्कृति पर भी नियंत्रण रहेगा। साथ ही, रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कोट
हिमाचल प्रदेश चिश्वविद्यालय के कुलपति महावीर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की फूड हब बनाने की योजना है जिन्हे किराये पर दिया जाएगा। जनवरी में खाली हुई जगह का कुछ भाग वन विभाग के अंतर्गन आता है। इसके लिए वन विभाग से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है। मंजूरी मिलते ही प्रस्ताव के तहत निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
Trending Videos
एक्सक्लूसिव
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) परिसर में जनवरी में हटाए गए अवैध ढाबों की जगह अब सुनियोजित फूड हब विकसित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में पांच फूड हब बनाने का निर्णय लिया है जिन्हें निर्माण के बाद किराये पर दिया जाएगा। इस परियोजना के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।
इन फूड हब का निर्माण वीसी कार्यालय और आईएएस कॉलोनी की बीच किया जाएगा जहां छात्रों की आवाजाही अधिक रहती है। इन्हें व्यवस्थित रूप से डिजाइन किया जाएगा ताकि अवैध कब्जों की समस्या दोबारा न उत्पन्न हो। विश्वविद्यालय प्रशासन इन फूड हब को नीलामी या किराये के आधार पर आवंटित करेगा जिससे राजस्व भी प्राप्त होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फरवरी 2026 में पुलिस और जिला प्रशासन की मदद से परिसर में लंबे समय से चल रहे अवैध ढाबों और अस्थायी ढांचों को हटाया था। यह कार्रवाई विवादों के बीच हुई जिसमें ढाबा संचालकों ने विरोध भी जताया था। प्रशासन का कहना था कि ये ढाबे विश्वविद्यालय की जमीन पर बिना अनुमति चल रहे थे और पहले ही नोटिस देकर हटाने को कहा गया था। अवैध ढाबों को हटाने के बाद छात्रों और कर्मचारियों के लिए खाने-पीने की सुविधा प्रभावित हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए अब विश्वविद्यालय प्रशासन नियोजित और स्वच्छ फूड हब स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा है। प्रस्तावित फूड हब आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे, जहां स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और बैठने की व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
फूड हब में एक समान दर सूची लागू करने की भी योजना है ताकि छात्रों को उचित कीमत पर भोजन उपलब्ध हो सके। प्रशासन खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को अनिवार्य करेगा और समय-समय पर निरीक्षण भी किए जाएंगे। इस पहल से न केवल छात्रों को बेहतर खाने-पीने की सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि परिसर में अव्यवस्थित ढाबा संस्कृति पर भी नियंत्रण रहेगा। साथ ही, रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कोट
हिमाचल प्रदेश चिश्वविद्यालय के कुलपति महावीर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की फूड हब बनाने की योजना है जिन्हे किराये पर दिया जाएगा। जनवरी में खाली हुई जगह का कुछ भाग वन विभाग के अंतर्गन आता है। इसके लिए वन विभाग से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है। मंजूरी मिलते ही प्रस्ताव के तहत निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।