हिमाचल: मुकेश बोले- सौर ऊर्जा से संचालित होंगी पेयजल योजनाएं, पावंटा में पायलट प्रोजेक्ट शुरू
जल शक्ति विभाग पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को अब सौर ऊर्जा से भी संचालित करेगा। पांवटा साहिब में पायलट आधार पर इसकी शुरुआत की गई है।
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हिमाचल प्रदेश में जल शक्ति विभाग पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को अब सौर ऊर्जा से भी संचालित करेगा। पांवटा साहिब में पायलट आधार पर इसकी शुरुआत की गई है। 10 पंचायतों के 21 गांवों में 260 हैंडपंपों के बोर, सौर ऊर्जा चलित मशीनरी द्वारा जल को एचडीपीई जल भंडारण टैंकों में संग्रहित किया जा रहा है। विधायक राकेश कालिया के सवाल का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक हैंडपंप से 30 से 40 व्यक्तियों को पर्याप्त पेयजल प्राप्त होगा। इन बोरवेल में लगभग 2 हार्सपावर क्षमता वाले स्वचालित सबमर्सिबल पंप स्थापित किए गए हैं। सभी 260 बोरवेल सौर ऊर्जा के उपयोग से सक्रिय हो चुके हैं और स्थानीय समुदाय द्वारा स्वयं संचालित किए जाते हैं।
इस योजना की अनुमानित लागत 888.39 लाख है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 44 योजनाओं को सौर ऊर्जा संचालित करने की योजना है। विभाग की इस पहल से बिजली बिलों में कमी, पर्यावरण संरक्षण और निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। जल शक्ति विभाग में अधिक बिजली बिलों को कम करने के उद्देश्य से वर्तमान में बनी हुई पेयजल व सिंचाई योजनाओं के रूफ टाप में सोलर पावर प्लांट लगाने का कार्य हिम ऊर्जा विभाग के साथ संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इनमें सोलर पावर प्लांट लगाए जाने प्रस्तावित है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सौर ऊर्जा संयंत्र से उत्पन्न बिजली ग्रिड में दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कार्य में गगरेट की योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मियाें को एकमुश्त आयु सीमा में रियायत का प्रावधान नहीं
भरमौर के भाजपा विधायक डॉ. जनक राज की ओर से पूछे प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री की ओर से सदन के पटल पर लिखित जवाब दिया गया कि राज्य सरकार फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए विभागीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को एकमुश्त आयु सीमा में रियायत प्रदान करने और इनके लिए विशेष व सीमित विभागीय कोटा निर्धारित करने पर कोई विचार नहीं रखती है। वन रक्षक के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। डॉ. जनक राज ने पूछा था कि सरकार फाॅरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए विभागीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को एकमुश्त आयु सीमा में रियायत प्रदान करने और इनके लिए विशेष व सीमित विभागीय कोटा निर्धारित करने पर विचार रखती है। यदि हां, तो कब तक और यदि नहीं तो इसका कारण क्या है।