नासूर बना नशा: पिता बेचता रहा चिट्टा, बेटे खरीदते रहे... लत ने छीनी एक की जान
संजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 21 Jun 2026 09:10 AM IST
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सार
नशा अब केवल व्यक्तियों को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवारों और रिश्तों को भी निगल रहा है। कहीं पिता के नशे के धंधे ने बेटे की जान ले ली, तो कहीं बेटे की नशे की लत ने पिता को मौत के मुंह तक पहुंचा दिया। किसी का वैवाहिक जीवन बिखर गया तो किसी मां ने अपना जवान बेटा खो दिया। चिंता की बात यह है कि डॉक्टर, पुलिस कर्मी, पटवारी, क्लर्क और आम पुरुष-महिलाओं के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी चिट्टा जैसे घातक नशे की चपेट में आ रहे हैं।
चिट्टा(सांकेतिक)।
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